NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर कमला हैरिस ने इतिहास रचा
भारतीय मूल की कमला हैरिस ने परिणामों की घोषणा के बाद देशवासियों को पहली बार संबोधित करते हुए कहा,‘‘ जनता के पास बेहतर भविष्य के निर्माण की ताक़त है।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
08 Nov 2020
kamala harris
फोटो : स्क्रीन शॉट

अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर कमला हैरिस ने इतिहास रच दिया है। अपने पहले संबोधन में उन्होंने साफ कर दिया है कि वे पहली महिला उपराष्ट्रपति ज़रूर हैं, लेकिन अंतिम नहीं।

कमला हैरिस ने अमेरिकियों से कहा कि उन्होंने जो बाइडेन को राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचित करके अमेरिका के लिए नया दिन सुनिश्चित किया है।

भारतीय मूल की कमला हैरिस(56) ने परिणामों की घोषणा के बाद देशवासियों को पहली बार संबोधित करते हुए कहा,‘‘ जनता के पास बेहतर भविष्य के निर्माण की ताक़त है।’’

उन्होंने शनिवार को डेलावेयर के विलमिंग्टन में कहा,‘‘ आपने स्पष्ट संदेश दिया। आपने उम्मीद, एकता, शालीनता, विज्ञान और सत्य को चुना। आपने अमेरिका के लिए नया दिन सुनिश्चित किया।’’

हैरिस ने अपनी मां श्यामला गोपालन के बारे में कहा कि जब वह पहली बार अमेरिका आई थीं, तो उन्होंने इस पल के बारे में नहीं सोचा होगा।

हैरिस ने कहा,‘‘ मैं उन्हें याद कर रही हूं।’’

भारतवंशी सीनेटर कमला हैरिस अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित होने वाली पहली महिला हैं। 56 वर्षीय हैरिस देश की पहली भारतवंशी, अश्वेत और अफ्रीकी अमेरिकी उपराष्ट्रपति होंगी।

उन्होंने कहा- मैं पहली (महिला उपराष्ट्रपति) हूं, लेकिन अंतिम नहीं

While I may be the first, I won’t be the last. pic.twitter.com/R5CousWtdx

— Kamala Harris (@KamalaHarris) November 8, 2020

US Elections 2020
Kamala Harris
First lady Vice President
Vice President Kamala Harris
Kamala Harris US Vice President

Related Stories

भारत में सामाजिक सुधार और महिलाओं का बौद्धिक विद्रोह

अमेरिका में मोदी का क्यों हुआ विरोध?

बड़े चक्र में गोल-गोल घूम रहा है क्वाड

विश्लेषण: मोदी की बेचारगी से भरी अमेरिका यात्रा

साइगॉन की यादों से वाबस्ता क्वाड

क्या राष्ट्रपति बाइडेन बदलेंगे अमेरिका की विदेश नीति?

बाइडन ने अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, कहा “आज लोकतंत्र का दिन है”

चुनाव परिणामों को ख़ारिज करने के लिए ट्रम्प समर्थक वाशिंगटन डीसी में इकट्ठा हुए

कमला हैरिस: उम्मीदें जितनी, चुनौतियां भी उतनी ही

भारत को अपनी अमेरिकी नीतियों में करना होगा पूरा बदलाव


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License