NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
केन्या : वेतन समझौता लागू करने में विफलता पर सरकारी विश्वविद्यालयों के प्रोफ़ेसरों की हड़ताल
केन्या में यूनिवर्सिटीज़ एकेडमिक स्टाफ़ यूनियन (यूएएसयू) ने चेतावनी दी है कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि वेतन समझौता लागू नहीं हो जाता और लंबित बकाया राशि का भुगतान नहीं कर दिया जाता।
पीपल्स डिस्पैच
30 Aug 2021
केन्या : वेतन समझौता लागू करने में विफलता पर सरकारी विश्वविद्यालयों के प्रोफ़ेसरों की हड़ताल

2017-21 कॉलेक्टिव बार्गेनिंग एग्रीमेंट (सीबीए) को पूरी तरह से लागू करने में सरकार की विफलता के विरोध में केन्या के 35 सरकारी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर सोमवार 30 अगस्त से हड़ताल करने वाले हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इनमें से केवल सात विश्वविद्यालयों ने सीबीए में की गई प्रतिबद्धता के अनुसार वेतन वृद्धि को पूरी तरह से लागू किया है और बकाया राशि का भुगतान किया है। अन्य विश्वविद्यालयों में इसका कार्यान्वयन असमान रहा है। इससे जहां समान ग्रेड के लेक्चरर हैं और समान काम करते हैं वहां विभिन्न सरकारी विश्वविद्यालयों में असमान वेतन पा रहे हैं।

यूनिवर्सिटीज एकेडमिक स्टाफ यूनियन (यूएएसयू) ने 23 अगस्त को सभी 35 विश्वविद्यालय परिषदों को एक पत्र लिखकर सात दिनों की हड़ताल का नोटिस जारी किया था। इसमें चेतावनी दी गई थी कि इसकी समाप्ति पर यूनियन के सदस्य सीबीए के लागू होने तक काम नहीं करेंगे।

20 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूएएसयू के महासचिव कॉन्स्टेंटाइन वसोंगा ने कहा था कि सरकार और इंडर-पब्लिक यूनिवर्सिटीज काउंसिल्स कन्सल्टेटिव फोरम ऑफ द फेडरेशन ऑफ केन्या एम्प्लॉयर्स (आईपीयूसीएफएफ) "अदालत की अवमानना कर रहे हैं। 15 जनवरी को एम्प्लायमेंट एंड लेबर रिलेशन कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि चर्चा के अनुसार 2017-2021 सीबीए को लागू किया जाए।”

पहले यूनियन से विश्वविद्यालयों की वित्तीय कठिनाइयों के प्रति सहानुभूति रखने का आह्वान करने वाले विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए वसोंगा ने कहा, “अगर पैसा नहीं है तो उन पदों से इस्तीफा दे दें। धन के स्रोत के लिए यूएएसयू की जिम्मेदारी नहीं है, हमारा काम बातचीत करना है।

इस महीने की शुरुआत में नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए एक याचिका में वसोंगा और यूनियन की चेयरपर्सन ग्रेस न्योंगेसा ने कहा था, "यह देखते हुए कि लेक्चरर्स और प्रोफेसर देश में सबसे कम वेतन पाने वालों और अधिक काम करने वालों में से हैं ऐसे में 2017-2021 सीबीए को लागू करने में विफलता ने अकादमिक कर्मचारियों के गरीबी जीवन को लेकर निंदा की है।"

kenya
Universities Academic Staff Union
Kenya Universities

Related Stories

संकीर्ण और अहंकारी राष्ट्रवाद से ग्रस्त भारतीय समाज और विदेशी मदद

केन्या के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने काम बंद किया; 7 दिसंबर से नर्से भी हैं हड़ताल पर

केन्या : पुलिस हिंसा और मासूम नागरिकों की हत्या के ख़िलाफ़ जनता का प्रदर्शन

केन्या के मेरु काउंटी में हेल्थकेयर श्रमिक 5 फरवरी के हड़ताल के लिए तैयार

केन्या : पेट्रोलियम कंपनी ने यूनियन में शामिल हुए मज़दूरों को निकाला


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License