NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लखीमपुर खीरी हिंसा: सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को गवाहों के संरक्षण का निर्देश
शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले से जुड़ी दो शिकायतों के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। पीठ ने कहा, ‘‘ राज्य को इन मामलों में अलग-अलग जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है।’’
भाषा
26 Oct 2021
SC

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का मंगलवार को निर्देश दिया। इस हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी।

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को मामले के अन्य गवाहों के बयान दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत दर्ज करने का भी निर्देश दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और गरिमा प्रसाद अदालत में पेश हुए।

पीठ ने कहा, ‘‘ हम संबंधित जिला न्यायाधीश को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत साक्ष्य दर्ज करने का कार्य निकटतम न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपने का निर्देश देते हैं।’’

पीठ ने साल्वे से कहा कि वह ‘इलेक्ट्रॉनिक’ साक्ष्य की रिपोर्ट तैयार करने के संबंध में उसकी चिंताओं से ‘फॉरेंसिक’ प्रयोगशालाओं को अवगत कराएं।

इस बीच, शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले से जुड़ी दो शिकायतों के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा, ‘‘ राज्य को इन मामलों में अलग-अलग जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है।’’

न्यायालय ने इस मामले में अब आठ नवंबर को आगे सुनवाई करेगा।

उच्चतम न्यायालय ने 20 अक्टूबर को कहा था कि लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच एक ‘‘अंतहीन कहानी’’ नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि न्यायालय को ऐसा लग रहा है कि राज्य पुलिस धीमी गति से काम कर रही है। गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का निर्देश भी दिया था।

Supreme Court
Lakhimpur Kheri
Yogi Adityanath
UP police
kisan andolan

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक


बाकी खबरें

  • New year
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: नये साल के लक्षण अच्छे नजर नहीं आ रहे हैं...
    02 Jan 2022
    नहीं-नहीं, हम ओमिक्रॉन की बात नहीं कर रहे हैं। ओमिक्रॉन हमारे नये साल का सगुन नहीं बिगाड़ सकता। हम बात कर रहे हैं...
  • cartoon
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: हैप्पी न्यू ईयर सरकार जी!
    02 Jan 2022
    एक व्यंग्यकार के लिए नव वर्ष के अवसर पर व्यंग्य लिखते हुए शुभकामनाएं देना बहुत ही मुश्किल काम है। यह इतना ही मुश्किल काम है जितना मुश्किल काम है सरकार जी के लिए कुछ भी करना।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    2022 में सत्ता, सियासत और समाज
    01 Jan 2022
    नया साल भारत की सत्ता-राजनीति और समाज के लिए कैसा होगा? जनतंत्र का क्या होगा हाल? सत्ताधारियो और विपक्षियों के समक्ष क्या-क्या हैं बड़ी चुनौतियां? कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश के सियासत की कैसी…
  • jewar airport
    न्यूज़क्लिक टीम
    जेवर एयरपोर्ट: दूसरे फेज़ के अधिग्रहण में किसान कर रहे बेहतर मुआवज़े की माँग
    01 Jan 2022
    जेवर एयरपोर्ट निर्माण के दूसरे फेज़ में 6 गाँव की 1344 हेक्टेयर ज़मीन का अधिग्रहण की ज़रूरत हैI इन गाँव के किसान 26 दिसंबर को एक महापंचायत में जुटे जिसमें इस बात पर आम सहमति बनाने की कोशिश हुई कि वे…
  • अनिल जैन
    साल 2021: भारत के 'तालिबानीकरण' की परियोजना सरकारी शक्ल लेती दिखी!
    01 Jan 2022
    हर कैलेंडर वर्ष अपने दामन में तमाम तरह की कड़वी-मीठी यादें समेटते हुए बिदा होता है। ये यादें अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को लेकर भी होती हैं और राष्ट्रीय घटनाओं को लेकर भी। राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक, वि
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License