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चाईबासा कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को ज़मानत, फ़िलहाल जेल में रहेंगे
यह मामला अविभाजित बिहार के चाईबासा कोषागार से 33.67 करोड़ रुपये के गबन का है । इस दौरान लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे। हालांकि यादव अभी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वह दुमका कोषागार से जुड़े 3.13 करोड़ रुपये के गबन के मामले में सजा काट रहे हैं।
भाषा
09 Oct 2020
 लालू प्रसाद यादव

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार मामले में आधी सजा पूरी कर लेने के कारण राजद के पूर्व अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को जमानत प्रदान कर दी। इस मामले में यादव को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी।

यह मामला अविभाजित बिहार के चाईबासा कोषागार से 33.67 करोड़ रुपये के गबन का है । इस दौरान लालू यादव मुख्यमंत्री थे।

हालांकि यादव अभी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वह दुमका कोषागार से जुड़े 3.13 करोड़ रुपये के गबन के मामले में सजा काट रहे हैं।

झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से धोखाधड़ी मामले में जमानत के लिए राजद प्रमुख को 50-50 हजार रुपये के दो निजी मुचलके देने और दो लाख रुपये की जुर्माने की राशि जमा कराने के भी निर्देश दिये हैं।

अदालत ने रांची के राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) से लालू की चिकित्सकीय रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए यहां भर्ती कराए जाने के बाद से उनसे मुलाकात करने वालों के संबंध में भी अस्पताल से रिपोर्ट मांगी है।

लालू की ओर से अधिवक्ता देवर्षि मंडल के साथ पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से आग्रह किया कि 72 वर्षीय नेता को जमानत प्रदान कर दी जाए, क्योंकि वह चाईबासा मामले में सुनाई गई कैद की सजा में से आधी पूरी कर चुके हैं।

इससे पहले प्रसाद को देवघर कोषागार से धोखाधड़ी कर करीब 89 लाख रुपये निकालने के मामले में जमानत मिल चुकी है। वह फिलहाल डोरंडा कोषागार मामले में सुनवाई का सामना कर रहे हैं।

वर्ष 1992 में सामने आए इस घोटाले में काल्पनिक दवाओं और पशु चारे की खरीद के लिए सरकारी खजाने से 950 करोड़ रुपये का गबन शामिल था।

Chaibasa treasury case
Lalu Prasad Yadav
fodder scam
RJD

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