NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लेबनान : कोविड-19 से संबंधित सख्त लॉकडाउन के बीच हज़ारों लोगों ने आर्थिक सहायता की कमी को लेकर प्रदर्शन किया
लेबनान के दूसरे सबसे बड़े शहर त्रिपोली में सरकार से पर्याप्त आर्थिक सहायता और लॉकडाउन समाप्त करने की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गएा।
पीपल्स डिस्पैच
28 Jan 2021
लेबनान : कोविड-19 से संबंधित सख्त लॉकडाउन के बीच हज़ारों लोगों ने आर्थिक सहायता की कमी को लेकर प्रदर्शन किया

बुधवार 27 जनवरी को लेबनान के दूसरे सबसे बड़े शहर त्रिपोली में सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। देश के दूसरे सबसे बड़े शहर और एक गरीब क्षेत्र त्रिपोली में विरोध प्रदर्शन पिछले तीन दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी सरकार से ऐसे समय में पर्याप्त आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं जब देश में पिछले तीन सप्ताह से COVID-19 के चलते लॉकडाउन लागू होने से सभी आर्थिक गतिविधियां बंद हैं।

हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने लॉकडाउन को समाप्त करने की मांग करते हुए शहर के मध्य भाग में रैली निकाली। इस लॉकडाउन ने लोगों को आवश्यक आय से वंचित करते हुए सभी व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को बंद कर दिया है।

त्रिपोली अक्टूबर 2019 में शुरू हुए देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों का एक प्रमुख केंद्र था जिसमें प्रणालीगत राजनीतिक परिवर्तन की मांग की गई थी।

लेबनान के रेड क्रॉस के अनुसार बुधवार को हुई गोलीबारी में कम से कम 82 लोग घायल हो गए जिनमें से कम से कम 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ दावों के अनुसार घायलों की वास्तविक संख्या कहीं अधिक है। लेबनान के आंतरिक सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर दंगा करने का आरोप लगाते हुए गोलीबारी की। इससे पहले सुरक्षा बलों ने उन पर वाटर केनन, टीयर गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया।

इसी तरह का विरोध प्रदर्शन देश की राजधानी बेरूत शहर सहित अन्य शहरों में भी किया गया।

पिछले तीन हफ्तों से लेबनान में सख्त लॉकडाउन लागू किया गया है। सरकार को लगता है कि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को बिखरने से रोकने के लिए लॉकडाउन आवश्यक है। लेबनान में इस साल की शुरुआत से ही COVID-19 संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि देखी गई है। 27 जनवरी को यहां संक्रमण के 3,900 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए और 67 मौतें हुईं। 2,550 से अधिक मौतों के साथ देश में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,90,000 से अधिक हो गई है।

इस लॉकडाउन ने आम लेबनानवासियों की आर्थिक स्थिति को चरमरा दिया है जो पहले से ही देश में बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और गरीबी से पीड़ित थे।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार मौजूदा लॉकडाउन 8 फरवरी तक जारी रहेगा।

Lebanon
Lebanon Protest
COVID-19
Lockdown
economic crises

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License