NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
शराब में कीटनाशक मिलाकर ज़हरीला बनाते हैं माफ़िया!
मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले के सकरा इलाके में हुई छापेमारी के दौरान मौके से अधिकारियों को कीटनाशक मिला है जिससे लगता है कि शराब बनाने में इन कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Nov 2021
Mafia makes poison by mixing pesticides in alcohol
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

बिहार में जहरीली शराब से मरने वालों का सिलसिला अभी थमा नहीं है। मुजफ्फरपुर में बुधवार को एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। इस जिले में मृतकों की संख्या बढ़कर अब छह हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जहरीली शराब से इस साल करीब 86 लोगों की मौत हो चुकी है। ज्ञात हो कि बिहार में अप्रैल 2016 को शराबबंदी हुई थी तब से लेकर अब तक 125 से ज्यादा लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हो चुकी है।

उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार राय ने मीडिया को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने देसी शराब बनाने के दो अड्डे पर छापेमारी की। इस दौरान इन अड्डो से कीटनाशक को बरामद किया गया। इसकी जांच की जा रही है की कीटनाशक शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था कि नहीं। मौके से बरामद की गई देसी शराब की भी जांच कराई जाएगी। चुलाई शराब बनाने का मशीन भी बरामद किया गया है।

शराब बनाने वाले ठिकानों से मिले कीटनाशकों से लगता है कि शराब बनाने में इन कीटनाशकों का इस्तेमाल किया गया हो। अब जांच के बाद ही सामने आ पाएगा कि शराब बनाने वालों ने इसका इस्तेमाल किया या नहीं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक मौके से 65 लीटर तैयार देसी शराब और तीन चुलाई मशीन बरामद किया गया है वहीं 2500 लीटर मीठा मिश्रित लिक्विड भी पकड़ा गया। साथ ही 1 लीटर वाली बोतर सुपर किलर-25 जो आधा बोतल खाली था। वहीं 100 ग्राम एंट्राकोल और 200 ग्राम साफ फंगीसाइड भी मिला है।

मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार और मंगलवार को पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस बीच खुफिया रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई में ये बात सामने आई कि शराब बनाने वाले देसी शराब में कीटनाशक और फफूंदनाशी मिला रहे हैं। मंगलवार को सकरा थाने के पिल्खी में आधा दर्जन शराब भट्टियों को उत्पाद विभाग की टीम ने ध्वस्त किया। वहां साइकिल चौक से एक किलोमीटर अंदर छापेमारी में सुपर किलर-25 ब्रांड नाम की कीटनाशक और साफ ब्रांड नाम की फंगीसाइड जब्त हुई। ज्ञात हो कि 24अक्टूबर को भी इस इलाके में स्पेशल ब्रांच की सूचना पर शराब भट्टी ध्वस्त की गई थी।

कांटी प्रखंड में सोमवार से गुरुवार तक में 6 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में अशोक राय (50), सुमित कुमार उर्फ गोपी (25), रामबाबु साह (65), दिलीप राय (50), शहजाद अली (50) और कृष्णनंदन झा (35) शामिल है। मनोज कुमार, लालबाबू और सदानन्द का इलाज मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच चल रहा है। वहीं, कुछ लोग अभी भी गुप्त तरीके इलाज करवा रहे हैं। इन लोगों का पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है।

जहरीली शराब से पिछले कुछ दिनों में गोपालगंज में 21 लोगों की जान चली गई वहीं बेतिया में 16 लोगों की मौत हो गई जबकि समस्तीपुर के पटोरी में 4 लोगों ने अपनी जान गंवाई और मुजफ्फरपुर में 6 लोगों की मौत हो चुकी है।

जहरीली शराब से मौत का सबसे बड़ा मामला इस साल होली के ठीक बाद नवादा जिले में सामने आया था। यहां टाउन थाना क्षेत्र के गांवों में इसके इस्तेमाल के चलते करीब 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद फिर जुलाई महीने में पश्चिमी चंपारण के लौरिया में करीब करीब इतनी ही संख्या में लोगों की मौत का मामला सामने आया था। लेकिन अब सबसे बड़ी घटना गोपालगंज से सामने आई है जहां 18 लोगों की मौत हो गई है। 12 अक्टूबर को वैशाली जिला के राजापाकर थाना के बैकुंठपुर गांव में 55 वर्षीय रंजीत कुमार सिंह की मौत हो गई थी। वहीं24 अक्टूबर को सीवान के गुथानी थाना क्षेत्र के बेलौरी में जहरीली शराब से चार लोगों की मौत हो गई थी।

केमिकल और नशीली दवा का होता है इस्तेमाल

खुलासे में सामने आया है कि देसी शराब बनाने के लिए माफिया एक विशेष केमिकल और नशीली दवा का इस्तेमाल करते हैं जिसे पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से मंगाया जाता है। इसके अलावा स्प्रिट का भी इस्तेमाल किया जाता है जो काफी जानलेवा होता है।

Poisonous liquor
Bihar
Illegal liquor
Pesticides in alcohol

Related Stories

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप

पत्रकार हत्याकांड- कैसे मेडिकल माफिया का अड्डा बन गया छोटा सा कस्बा बेनीपट्टी?

बिहारः ग़ैर-क़ानूनी निजी क्लिनिक का पर्दाफ़ाश करने वाले पत्रकार की हत्या


बाकी खबरें

  • रिचर्ड डी. वोल्फ़
    यूक्रेन युद्ध में पूंजीवाद की भूमिका
    15 Apr 2022
    वैश्विक युद्ध हमेशा पूंजीवाद के वैश्वीकरण और इसके मुनाफ़े के मक़सद के साथ होता रहा है।
  • बी. सिवरामन
    क्या एफटीए की मौजूदा होड़ दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था परिपक्व हो चली है?
    15 Apr 2022
    अक्सर यह दावा किया जाता है कि मुक्त व्यापार समग्र रूप से तथाकथित 'राष्ट्रीय हितों' की पूर्ति करेगा। यह बकवास है। कोई भी एफटीए केवल निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों, खनिकों और खनिज निर्यातकों तथा…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं
    15 Apr 2022
    हिंसा को स्वीकार्य बनाने के लिए कट्टरपंथी शक्तियों द्वारा संचालित मानसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शायद पूर्ण हो चुका है और हममें से अधिकांश संभवतः इसमें ए प्लस ग्रेड भी अर्जित कर चुके हैं इसलिए इन शोभा…
  • ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन
    15 Apr 2022
    ऐसा प्रतीत होता है कि ज़्यादातर सूचनाएँ अभी भी शीत-युद्धकालीन मानसिकता से ग्रसित हैं, जो मानवता को दो विरोधी ख़ेमों में बाँटकर देखती है। हालाँकि, सच ये नहीं है।
  • विजय विनीत
    बनारस में गंगा के बीचो-बीच अप्रैल में ही दिखने लगा रेत का टीला, सरकार बेख़बर
    15 Apr 2022
    बनारस की गंगा में बालू के टीले पहले जून के महीने में दिखाई देते थे। फिर मई में और अब अप्रैल शुरू होने के पहले ही दिखाई देने लगे हैं, जो चिंता का विषय है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License