NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र सरकार पर ख़तरे के बादल? क्यों बाग़ी मूड में नज़र आ रहे हैं कांग्रेस के 25 विधायक
महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। गठबंधन में शामिल कांग्रेसी विधायकों ने उन्हें नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी से मिलने का वक्त मांगा है।
रवि शंकर दुबे
30 Mar 2022
महाराष्ट्र सरकार पर ख़तरे के बादल? क्यों बाग़ी मूड में नज़र आ रहे हैं कांग्रेस के 25 विधायक

साल था 2019... जब महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों ने सारे समीकरण बदल डाले। अपनी हठ को मील का पत्थर बनाते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी के साथ बरसों पुराना रिश्ता तोड़ दिया और धुर विरोधी नेशनल कांग्रेस पार्टी और इंडियन नेशनल कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली... शायद इसे ही असली राजनीतिक कहते हैं। लेकिन जब उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कांग्रेस का हाथ पकड़कर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो एक सवाल खूब गूंजा और इन सवालों से कई दावे भी निकले... कि आखिर ये सरकार कब तक चल पाएगी?

अब जब महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के तीन साल पूरे होने को हैं तो कांग्रेस के विधायक बग़ावत करने को तैयार हैं। इस गठबंधन की सरकार में शामिल कांग्रेस के 25 विधायकों ने पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात का वक्त भी मांगा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तो ये सभी विधायक महाविकास अघाड़ी सरकार के खिलाफ मोर्चा भी खोल चुके हैं ऐसे में कांग्रेस विधायकों की नाराज़गी गठबंधन में शामिल शिवसेना और एनसीपी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।

दरअसल विधायकों की इस नाराज़गी का सारा कारण उनकी उचित सुनवाई न होना है। विधायकों का आरोप है कि सरकार में शामिल कांग्रेस के ही मंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे हैं और न ही उनकी चिंताओं का जवाब दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि विधायक इस बात से नाराज़ हैं कि अगर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की अनदेखी होगी तो चुनावों में नकारात्मक असर पड़ेगा। 

कांग्रेस विधायकों ने एक बड़ा आरोप उप मुख्यमंत्री पर भी लगाया है कि एनसीपी के विधायकों से उप मुख्यमंत्री अजीत पवार लगातार मुलाकात कर रहे हैं उन्हें पैसा आवंटित कर रहे हैं और सुनवाई कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस के विधायकों की सुनवाई नहीं की जा रही है। यही कारण है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी एनसीपी से पिछड़ती जा रही है। 

ढाई साल बाद पता चला कि तीन विधायकों के लिए एक मंत्री

पार्टी में आपसी संबंध की कमी जाहिर करते हुए कांग्रेस विधायकों ने कहा कि उन्हें पिछले हफ्ते ही पता चला कि कांग्रेस के तीन विधायकों के साथ बातचीत के लिए एक मंत्री तैनात किया गया है। जबकि कुछ कांग्रेस विधायकों का कहना है कि यह बात हमें तब पता चली जब एचके पाटिल ने हाल ही में एक बैठक में यह जानकारी दी। यह अघाड़ी सरकार बनने के कुछ महीने बाद किया गया था, लेकिन हमें इसके बारे में 2.5 साल बाद पता चला। अब भी हमें नहीं पता है कि हमारे साथ कौन सा मंत्री समन्वय करेगा।

साल 2019 में जब चुनाव हुए थे, तब भारतीय जनता पार्टी ने सबसे ज्यादा 105 सीटें जीती थीं। तो शिवसेना ने 56 जबकि कांग्रेस के हाथ सिर्फ 44 सीटें लगी थीं। ऐसे में शिवसेना और भाजपा गठबंधन की सरकार बननी तय थी। लेकिन शिवसेना के ढाई-ढाई साल वाले मुख्यमंत्री का प्रस्ताव भाजपा को ज्यादा पसंद नहीं आया और यहीं से बगावत की शुरुआत हो गई। शिवसेना ने खुद की पार्टी का मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया और भाजपा से पुरानी दोस्ती को तोड़ते हुए कांग्रेस और एनसीपी का हाथ पकड़ लिया। आंकड़ों में देखिए कौन कितनी सीटें जीता था।

2019 में चुनावों के बाद भले ही शिवसेना कांग्रेस के साथ आई हो, लेकिन सच तो यही है कि दोनों ही पार्टियों की विचारधारा बिल्कुल भिन्न है। ऐसे में अगर राजनीतिक नज़रिये से देखें तो कांग्रेस विधायकों का ये आरोप कि महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उनकी बातें नहीं सुन रहे हैं, उप मुख्यमंत्री सिर्फ एनसीपी और शिवसेना के विधायकों को धन आवंटित कर रहे हैं। तो ये 2024 के लोकसभा चुनावों की कहानी से थोड़ा मिलता जुलता ज़रूर है। दरअसल हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं... क्योंकि विधानसभा चुनावों में उद्धव ठाकरे उधर ही गए जहां उन्हें फायदा दिखा। अब जब देश में लगातार कांग्रेस का ग्राफ नीचे जा रहा है तो कोई हैरानी नहीं होगी कि शिवसेना 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के साथ आकर खड़ी हो जाए और इसके लिए शिवसेना को ‘’विचारधारा’’ के अलावा ज्यादा सफाई देने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी। 

अब देखना दिलचस्प होगा कि शिवसेना और एनसीपी के साथ कांग्रेस कैसे समन्वय बिठाती है? और क्या सोनिया गांधी अपने विधायकों को उचित न्याय दिला पाती हैं? क्योंकि कहीं न कहीं ये सारा माज़रा 2024 के लोकसभा चुनावों से ज़रूर जुड़ा हुआ है।

ये भी पढ़ें: विश्लेषण: आम आदमी पार्टी की पंजाब जीत के मायने और आगे की चुनौतियां
 

Maharashtra
Uddhav Thackeray
Congress
sonia gandhi

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप


बाकी खबरें

  • union budget
    टिकेंदर सिंह पंवार
    5,000 कस्बों और शहरों की समस्याओं का समाधान करने में केंद्रीय बजट फेल
    17 Feb 2022
    केंद्र सरकार लोगों को राहत देने की बजाय शहरीकरण के पिछले मॉडल को ही जारी रखना चाहती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज फिर 30 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 541 मरीज़ों की मौत
    17 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 30,757 नए मामले सामने आए है | देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 27 लाख 54 हज़ार 315 हो गयी है।
  • yogi
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः बिजली बिल माफ़ करने की घोषणा करने वाली BJP का, 5 साल का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही कहता है
    17 Feb 2022
    "पूरे देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उत्तर प्रदेश की है। पिछले महीने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने 50 प्रतिशत बिजली बिल कम करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। ये बीजेपी के चुनावी वादे…
  • punjab
    रवि कौशल
    पंजाब चुनाव : पुलवामा के बाद भारत-पाक व्यापार के ठप हो जाने के संकट से जूझ रहे सीमावर्ती शहर  
    17 Feb 2022
    स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार के ठप पड़ जाने से अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे उन शहरों में बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी पैदा हो गयी है, जहां पहले हज़ारों कामगार,बतौर ट्रक…
  • sudan
    पीपल्स डिस्पैच
    सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल
    17 Feb 2022
    इजिप्ट इस तख़्तापलट में सैन्य शासन का समर्थन कर रहा है। ऐसे में नागरिक प्रतिरोधक समितियों ने दोनों देशों की सीमाओं पर कम से कम 15 जगह बैरिकेडिंग की है, ताकि व्यापार रोका जा सके।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License