NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यांमार में रोहिंग्या के साथ हो रहा नरसंहार : अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के साथ हो रही हिंसा को नरसंहार का नाम दिया है। साथ ही सरकार से कहा है कि वो भविष्य में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े क़दम उठाए।
पीपल्स डिस्पैच
24 Jan 2020
 रोहिंग्या समुदाय

23 जनवरी गुरुवार को हेग में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के 17 जजों की एक बेंच ने म्यांमार सरकार को आदेश दिया है कि वो रोहिंग्या समुदाय को नरसंहार से बचाने के लिए कड़े क़दम उठाए। कोर्ट ने सरकार से 4 महीनों बाद प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है।

अंतर्राष्ट्रीय का यह फ़ैसला अनिवार्य है। हालांकि यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि म्यांमार सरकार इसे मानेगी और इस पर अमल करेगी, अगर यूनाइटेड नेशन सेक्योर्टी काउंसिल ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया तो।

पिछले महीने, म्यांमार के स्टेट काउन्सलर(प्रधानमंत्री पद के समान) औंग सान सू की ने अदालत की एक सुनवाई में नरसंहार के आरोपों को ख़ारिज कर दिया था। हालांकि उन्होंने माना था कि "सशस्त्र टकराव" वजह से म्यांमार की सेना रोहिंग्याओं पर हमला किया होगा।

बौद्ध बहुसंख्यक देश म्यांमार में रोहिंग्या एक अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय है। उन्हें देश की नागरिकता देने से इनकार कर दिया गया है और उन्हें ग़ैर-क़ानूनी घुसपैठिया माना जाता है।

म्यांमार सेना पर आरोप हैं कि उसने 2017 में रोहिंग्याओं के ख़िलाफ़ हिंसा करने वाली भीड़ की मदद की थी। उस हिंसा में हज़ारों रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या कर दी गई थी और क़रीब 8 लाख म्यांमार छोड़ कर दूसरे देशों में भागने को मजबूर हुए थे। जो म्यांमार छोड़ कर जा रहे, उनके घरों को भी जला दिया गया था। म्यांमार के पड़ोसी देश बांग्लादेश ने उन रोहिंग्या मुसलमानों में से ज़्यादातर को शरण दी थी।

इसी दौरान, 20 जनवरी 2020 को प्रकाशित हुई म्यांमार के अंदरूनी "इंडिपेंडेंट कमीशन ऑफ़ इंक्वाइरी" की एक रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फ़ैसले को ख़ारिज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के रखाईन प्रांत में कोई नरसंहार नहीं हुआ था। हालांकि रिपोर्ट में यह माना गया है कि युद्ध अपराध के तहात हिंसा की गई थी। म्यांमार की सरकार ने तर्क दिया है कि इन मामलों पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय पर सुनवाई जारी है।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

Myanmar
Rohingya
Rohingya Muslims
International Court of Justice
Rohingya Massacre
Muslims
Rohingya Community

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी

मध्य प्रदेश : मुस्लिम साथी के घर और दुकानों को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद अंतर्धार्मिक जोड़े को हाईकोर्ट ने उपलब्ध कराई सुरक्षा

निचले तबकों को समर्थन देने वाली वामपंथी एकजुटता ही भारत के मुस्लिमों की मदद कर सकती है

क्यों मुसलमानों के घर-ज़मीन और सम्पत्तियों के पीछे पड़ी है भाजपा? 

जहांगीरपुरी में चला बुल्डोज़र क़ानून के राज की बर्बादी की निशानी है

संकट की घड़ी: मुस्लिम-विरोधी नफ़रती हिंसा और संविधान-विरोधी बुलडोज़र न्याय


बाकी खबरें

  • भाषा
    गाजीपुर भराव क्षेत्र पर आग : दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने ईडीएमसी अधिकारियों को समन भेजा
    21 Apr 2022
    गाजीपुर भराव क्षेत्र 70 एकड़ में फैला है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 28 मार्च को गाजीपुर भराव क्षेत्र में आग लगने के बाद ईडीएमसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
  • एम. के. भद्रकुमार
    रूस ने पश्चिम के आर्थिक प्रतिबंधों का दिया करारा जवाब 
    21 Apr 2022
    पश्चिम की धमकियों से बेपरवाह पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन ऑपरेशन को फिर से शुरू कर दिया है क्योंकि रूबल वापस दौड़ में आ गया है और मास्को को 'मज़बूत व्यापार विकल्प' आता दिख रहा है।
  • तान्या वाधवा
    इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
    21 Apr 2022
    16 अप्रैल को इक्वाडोर में  वह विधेयक, जो बलात्कार के कारण हुई प्रेग्नन्सी के दौरान गर्भपात कराने की अनुमति देता है,  बतौर क़ानून बन गया। महिला अधिकार आंदोलनों के मुताबिक़, यह क़ानून दरअस्ल इस अधिकार…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,380 नए मामले, 42 फ़ीसदी (1,009)नए मामले दिल्ली से सामने आए 
    21 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है और मास्क नहीं पहनने वालो पर 500 का जुर्माना लगाया जाएगा |
  • urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    जनाधार और नेतृत्व के बगैर कांग्रेस को सिर्फ तरकीब से कैसे जितायेंगे पीके
    21 Apr 2022
    चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेतृत्व से कई चक्र की मुलाकात और उनके प्रस्तुतीकरण के बाद यह चर्चा जोरो पर है कि वह अगले महीने तक कांग्रेस में शामिल हो जायेंगे. उनका एक सूत्री…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License