NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मिशिगन : दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों ने घर पर रहने के आदेश का विरोध किया
अमेरिका के मिशिगन में विभिन्न रूढ़िवादी संगठन, जिसमें से एक संगठन ट्रंप के कैबिनेट के एक सदस्य से सम्बद्ध है, ने 'ऑपरेशन ग्रिडलॉक' नामक एक विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों के पास शस्त्र भी थे।
पीपल्स डिस्पैच
17 Apr 2020
Michigan operation gridlock
मिशिगन स्टेट कैपिटल में प्रदर्शनकारी(फ़ोटो- मैट श्मकर/द स्टेट न्यूज़)

अमेरिका के राज्य मिशिगन में बंदूक लिये प्रदर्शनकारियों ने राजधानी लांसिंग में हॉस्पिटल, सड़कों और संसदीय बिल्डिंग को घेर लिया है। यह प्रदर्शन 15 अप्रैल को शुरू हुआ और अभी तक जारी है। रूढ़िवादी प्रदर्शनकारी डेमोक्रेट स्टेट गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर के घर पे रहने के आदेश के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं।

मिशिगन जो अमेरिका का कोरोना वायरस के सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में से है, ने हाल ही में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य में घर पे रहने के आदेश जारी किए हैं।

मिशिगन कंज़र्वेटिव गठबंधन, एक दक्षिणपंथी संगठन है जो लॉकडाउन और सामाजिक दूरी का लगातार विरोध करता रहा है। इस संगठन ने गवर्नर के ख़िलाफ़ 'ऑपेरशन ग्रिडलॉक' नाम का प्रदर्शन किया है जिसके तहत लोगों से लांसिंग आकर सड़क जाम करने की मांग की गई है। प्रदर्शन का नारा है, 'वो (गवर्नर) हमें बिज़नेस से बाहर कर रही हैं, हम लांसिंग जा रहे हैं'।

व्हिटमर ने प्रदर्शनकारियों पर घर में रहने के आदेशों की अवहेलना करने और यहां तक ​​कि आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को बाधित करने के आरोप लगाए हैं।

कई प्रदर्शनकारियों के पास बंदूकें भी देखी गई हैं। कई प्लेकार्ड पर गवर्नर को 'लॉक' करने की बातें भी लिखी गई हैं। कई के पास ऐसे झंडे थे जिन पर ऑल्ट-राइट और नियो-नाज़ी के चिन्ह थे। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के समर्थन वाले चिन्ह भी इस्तेमाल किये।

मिशिगन अमेरिका में कोरोना वायरस महामारी से चौथा सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य है। यहाँ अब तक 28000 मामले सामने आ चुके हैं। यह राज्य मौतों में भी तीसरे स्थान पर है, यहाँ अब तक 1900 मौतें हो चुकी हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Michigan operation gridlock
Right-wing protest
USA
Donand Trump

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

क्यों बाइडेन पश्चिम एशिया को अपनी तरफ़ नहीं कर पा रहे हैं?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

सऊदी अरब और चीन: अब सबसे अच्छे नए दोस्त?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामले घटकर 10 लाख से नीचे आए 
    08 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 67,597 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 9 लाख 94 हज़ार 891 हो गयी है।
  • Education Instructors
    सत्येन्द्र सार्थक
    शिक्षा अनुदेशक लड़ रहे संस्थागत उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हक़ की लड़ाई
    08 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया था कि 2019 तक उन्हें नियमित कर दिया जायेगा। लेकिन इस वादे से भाजपा पूरी तरह से पलट गई है।
  • Chitaura Gathering
    प्रज्ञा सिंह
    यूपी चुनाव: मुसलमान भी विकास चाहते हैं, लेकिन इससे पहले भाईचारा चाहते हैं
    08 Feb 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक गांव के मुआयने से नफ़रत की राजनीति की सीमा, इस इलाक़े के मुसलमानों की राजनीतिक समझ उजागर होती है और यह बात भी सामने आ जाती है कि आख़िर भाजपा सरकारों की ओर से पहुंचायी जा…
  • Rajju's parents
    तारिक़ अनवर, अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : गांवों के प्रवासी मज़दूरों की आत्महत्या की कहानी
    08 Feb 2022
    महामारी की शुरूआत होने के बाद अपने पैतृक गांवों में लौटने पर प्रवासी मज़दूरों ने ख़ुद को बेहद कमज़ोर स्थिति में पाया। कई प्रवासी मज़दूर ऐसी स्थिति में अपने परिवार का भरण पोषण करने में पूरी तरह से असहाय…
  • Rakesh Tikait
    प्रज्ञा सिंह
    सरकार सिर्फ़ गर्मी, चर्बी और बदले की बात करती है - राकेश टिकैत
    08 Feb 2022
    'वो जाटों को बदनाम करते हैं क्योंकि उन्हें कोई भी ताक़तवर पसंद नहीं है' - राकेश टिकैत
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License