NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मोरालेस ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा की
पूर्व वित्त मंत्री लुइस एर्से और पूर्व विदेश मंत्री डेविड चोकहुंका एमएएस के क्रमशः राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।
पीपल्स डिस्पैच
21 Jan 2020
bolivia

बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने 19 जनवरी को देश में आगामी आम चुनावों के लिए अपनी पार्टी मूवमेंट टुवार्डस सोशलिज्म (एमएएस) के राष्ट्रपति पद के लिए टिकट की घोषणा की। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स जहां मोरालेस एक राजनीतिक शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं वहां एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने घोषणा की कि 3 मई को निर्धारित चुनावों में पूर्व अर्थव्यवस्था मंत्री लुइस एर्से और पूर्व विदेश मंत्री डेविड चोकहुंका क्रमशः राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव लड़ेंगे।

मोरेल, सभी 9 विभागों के एमएएस नेताओं और बोलिविया के जमीनी स्तर के संगठनों के राष्ट्रीय गठबंधन पैक्ट ऑफ यूनिटी के नेताओं के बीच गहन चर्चा और चिंतन के दो दिन बाद यह निर्णय लिया गया।

एमएएस के प्रचार प्रबंधक के रूप में नियुक्त किए गए मोरालेस ने घोषणा की कि हालिया चुनावों के लिए प्रचार 22 जनवरी से शुरू होगा।

नए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार लुइस एर्स एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर मोरालेस के तीन कार्यकाल के दौरान दो बार बोलीविया के अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया।

उनके साथी डेविड चोखुआंका एक स्थानीय किसान नेता हैं। वह 2006 से 2017 तक 10 से अधिक वर्षों के लिए विदेश मंत्री और एएलबीए मूवमेंट्स (बोलिवियन अलायंस फॉर द पीपल ऑफ आवर अमेरिका) के नेता थे।

मोरालेस और लगभग 14 वर्षों तक बोलीविया पर शासन करने वाले उनके उपराष्ट्रपति अलवारो गार्सिया लिनेरा को 10 नवंबर को इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर किया गया था क्योंकि एमएएस की संवैधानिक सरकार के खिलाफ नागरिक-सैन्य तख्तापलट किया गया था। देश भर में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बढ़ने और सरकारी अधिकारियों, एमएएस के सदस्यों और उनके परिवार के सदस्यों को धमकाने और डराने के अभियान के कारण दोनों नेताओं को अपना देश छोड़ने और मैक्सिको में राजनीतिक शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।

ख़ुद को वैध बनाने के प्रयासों में इस तख्तापलट का नेतृत्व अति दक्षिण पंथी सीनेटर जीनिने आनेज द्वारा किया गया और संयुक्त राज्य अमेरिका और ओएएस द्वारा समर्थन दिया गया। इस काल ने 20 अक्टूबर को चुनावों को रद्द करने के लिए एमएएस नेताओं के राजनीतिक उत्पीड़न का फायदा उठाया और 2020 में नए चुनाव का आह्वान किया। इन चुनावों के लिए उम्मीदवारों के रूप में इवो मोरालेस और अलवारो गार्सिया लिनेरा की भागीदारी को भी प्रतिबंधित करने में यह कामयाब रहा।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

bolivia
Bolivia Elections
Evo Morales
MAS
Movement Towards Socialism
USA

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

क्यों बाइडेन पश्चिम एशिया को अपनी तरफ़ नहीं कर पा रहे हैं?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?


बाकी खबरें

  • Anganwadi workers
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 
    08 Mar 2022
    आने वाले दिनों में सभी महिला कार्यबलों से सम्बद्ध यूनियनों की आस ‘संयुक्त महापंचायत’ पर लगी हुई है; इस संबंध में 10 मार्च को रोहतक में एक बैठक आहूत की गई है।
  • refugee crisis
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 
    08 Mar 2022
    अमेरीका ने रूस से आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी मुहिम शुरू की, तो दूसरी तरफ जेलेंस्की ने रूस को चिकित्सा आपूर्ति मार्ग पर हुआ समझौता याद दिलाया।
  • राज कुमार
    गोवा चुनावः कौन जीतेगा चुनाव और किसकी बनेगी सरकार?
    08 Mar 2022
    इस बार भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है क्योंकि तमाम विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए लड़े हैं और ये स्थिति कांग्रेस के पक्ष में जाती है।
  • privatization of railways
    सतीश भारतीय
    निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!
    08 Mar 2022
    रेलवे का निजीकरण गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर वजन लादने जैसा है। क्योंकि यही वर्ग व्यवसाय और आवाजाही के लिए सबसे ज्यादा रेलवे पर आश्रित है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की घटकर 50 हज़ार से कम हुई
    08 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,993 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.12 फ़ीसदी यानी 49 हज़ार 948 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License