"हमें आज़ादी की लड़ाई 200 साल लड़नी पड़ी थी, 2 महीने क्या मायने रखते हैं, अब वक़्त आ गया है की हम किसी और के ऊपर ज़िम्मेदारी नहीं रख सकते, यह ज़िम्मेदारी हम सब को लेनी है", ऐसा कहना है तुषार गाँधी का।
"हमें आज़ादी की लड़ाई 200 साल लड़नी पड़ी थी, 2 महीने क्या मायने रखते हैं, अब वक़्त आ गया है की हम किसी और के ऊपर ज़िम्मेदारी नहीं रख सकते, यह ज़िम्मेदारी हम सब को लेनी है", ऐसा कहना है तुषार गाँधी का।"हमें आज़ादी की लड़ाई 200 साल लड़नी पड़ी थी, 2 महीने क्या मायने रखते हैं, अब वक़्त आ गया है की हम किसी और के ऊपर ज़िम्मेदारी नहीं रख सकते, यह ज़िम्मेदारी हम सब को लेनी है", ऐसा कहना है तुषार गाँधी का।