NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
एनयूएमएसए ने दक्षिण अफ्रीका के मोटर उद्योग के 306,000 श्रमिकों के वेतन विवाद को सुलझाया
महीनों की लड़ाई के बाद वेतन विवाद के समझौते पर हस्ताक्षर होने के साथ आखिरकार वेतन विवाद को सुलझा लिया गया।
पीपल्स डिस्पैच
30 Jan 2020
SA motor industry

दक्षिण अफ्रीका के मोटर उद्योग से जुड़े नियोक्ता के संघों के साथ वेतन वृद्धि को लेकर नेशनल यूनियन ऑफ मेटलवर्कर्स ऑफ साउथ अफ्रीका (एनयूएमएसए) द्वारा एक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दक्षिण अफ्रीका के मोटर उद्योग क्षेत्र में 306,000 श्रमिकों के वेतन में वृद्धि का रास्ता साफ हो गया है।

इन श्रमिकों को अगस्त 2016 के बाद से वेतन वृद्धि नहीं मिली थी जब पिछले वेतन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। एनयूएमएसए पिछले अगस्त महीने से 12% बढ़ोतरी के साथ नए वेतन समझौते पर जोर दे रहा था, जिसके समाप्ति के साथ 2016-19 के लिए वेतन समझौता समाप्त हो गया। नियोक्ता केवल 5% की बढ़ोतरी करने को तैयार थे।

पिछले अगस्त महीने के बाद से एनयूएमएसए ने नियोक्ता संघों के साथ कई बैठकें की थी जो असफल हो गई थी। जब नियोक्ताओं ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो एनयूएमएस ने आधिकारिक तौर पर सितंबर में विवाद समाधान तंत्र को सक्रिय कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई अनुकूल समझौता नहीं हुआ तो वे मोटर उद्योगों को पंगु बनाने के लिए हड़ताल शुरू कर देंगे जो एक ऐसा क्षेत्र है जो पहले से ही खराब प्रदर्शन कर रहा है।

इस समझौते पर अंततः 24 जनवरी को हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के अनुसार, कलपुर्जा निर्माण में कार्यरत विभिन्न वेतन ग्रेडों वाले प्रत्येक श्रमिक का इस वर्ष उनका वेतन 7.5% बढ़ेगा, 2021 में 7% और 2022 में भी 7% बढ़ेगा।

ऑटो डीलरशिप और गैरज श्रमिकों में कर्मचारी जिन्हें इस क्षेत्र में सबसे कम भुगतान मिलता है उन्हें 2020 में 8% की बढ़ोतरी के साथ वेतन मिलेंगे जो 1 जनवरी से प्रभावी होगी, इसके बाद अगले दो वर्षों में प्रत्येक वर्ष के लिए 7% वेतन वृद्धि होगी।

इस समझौते के अनुसार मोटर उद्योगों में अन्य श्रमिकों को इस वर्ष 6% की दर से और अगले दो वर्षों के लिए 5.5% सालाना वृद्धि होगी। कलपुर्जा निर्माताओं के मामलों के विपरीत, अन्य उप-क्षेत्रों के लिए वेतन वृद्धि प्रतिशत वेतन की न्यूनतम दर के आधार पर होगी।

वेतन वृद्धि के अलावा इस समझौते में भत्तों में वृद्धि भी शामिल है। इस वर्ष स्टैंडबाय अलाउएंस और कॉल आउट अलाउएंस दोनों में 6% की वृद्धि होगी और अगले दो वर्षों में सालाना 5.5% होगी।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

South Africa
Motor industry Workers
National Union of Metalworkers of South Africa
NUMSA

Related Stories

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

श्रमिक संघों ने दक्षिण अफ्रीकी डेयरी दिग्गज पर पेट्रोल बम हमले करवाने और धमकाने के आरोप लगाये

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा

दक्षिण अफ़्रीका के ट्रेड यूनियनिस्ट के हत्यारों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी

दक्षिण अफ़्रीका ने इज़रायल को पर्यवेक्षक का दर्जा देने वाले अफ़्रीकी संघ की आलोचना की

स्वाज़ीलैंड में लोकतंत्र-समर्थक शक्तियों पर कार्रवाई जारी

दक्षिण अफ़्रीकी अदालत ने सऊदी अरब और यूएई को हथियारों के निर्यात के परमिट की न्यायिक समीक्षा का आदेश दिया

दक्षिण अफ़्रीकी एयरवेज़ की सहायक कंपनियों ने कर्मियों को वेतन नहीं दिया, यूनियन ने की ऑडिट की मांग

दक्षिण अफ्रीकाः आर्सेलर प्लांट में तीन श्रमिकों की मौत पर यूनियनों ने जांच की मांग की


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा
    08 Feb 2022
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ कोविड -19 के टीके का उत्पादन के बारे में बात करेंगे, टीके के निर्यात को ले के दुनिया के अलग- अलग देशों और उनके कंपनियों की नीतियों को भी समझेंगे और इन टीकों से जो बड़ा…
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : रुद्रप्रयाग में दस साल पहले प्रस्तावित सैनिक स्कूल अभी तक नहीं बना, ज़मीन देने वाले किसान नाराज़!
    08 Feb 2022
    रुद्रप्रयाग विधानसभा के जखोली विकासखंड के थाती-बड़मा गांव में 2013 में सैनिक स्कूल प्रस्तावित किया गया था मगर आज तक यहाँ सरकार स्कूल नहीं बनवा पाई है। पढ़िये न्यूज़क्लिक संवाददाता मुकुंद झा की यह…
  • Media
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ‘केंद्रीय मीडिया प्रत्यायन दिशा-निर्देश-2022’ : स्वतंत्र मीडिया पर लगाम की एक और कोशिश?
    08 Feb 2022
    यह सरकारी दिशा-निर्देश ऊपर से जितने अच्छे या ज़रूरी दिखते हैं, क्या वास्तव में भी ऐसा है? ‘‘सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता’’ या ‘जन व्यवस्था’ जितने आवश्यक शब्द हैं, इन्हें लागू करने की नीति या…
  • union budget
    सी. सरतचंद
    अंतर्राष्ट्रीय वित्त और 2022-23 के केंद्रीय बजट का संकुचनकारी समष्टि अर्थशास्त्र
    08 Feb 2022
    केंद्र सरकार आखिरकार केंद्रीय बजट में ठहरे/गिरते सरकारी राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में स्पष्ट वृद्धि के बीच में अंतर क्यों कर रही है?
  • jammu and kashmir
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : क्षेत्रीय दलों ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव पर जताई नाराज़गी, प्रस्ताव को बताया जनता को शक्तिहीन करने का ज़रिया
    08 Feb 2022
    महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि बीजेपी गांधी के भारत को गोडसे के भारत में बदलना चाहती है। इस लक्ष्य के लिए जम्मू-कश्मीर को प्रयोगशाला के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License