NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया में फिर राष्ट्रीय हड़ताल
सोशल मिंगा और राष्ट्रीय हड़ताल के प्रतिभागियों ने देश के नागरिकों द्वारा सामना की जाने वाली गंभीर स्थितियों पर तत्काल ध्यान देने के लिए राष्ट्रपति इवान डुके से मांग की
पीपल्स डिस्पैच
22 Oct 2020
कोलंबिया में फिर राष्ट्रीय हड़ताल

21 अक्टूबर को राष्ट्रपति इवान डुके की सामाजिक व आर्थिक नीतियों के विरोध में हज़ारों श्रमिकों, किसानों, शिक्षकों, छात्रों, स्वदेशी और एफ्रो-वंश के लोगों ने कोलंबिया में एक नई राष्ट्रीय हड़ताल में भाग लिया। आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोज़गारी, पुलिस दमन, नरसंहारों में वृद्धि, सामाजिक नेताओं की हत्या, सशस्त्र समूह की सक्रियता को ख़ारिज करने को लेकर पूरे देश में कई शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए।

राजधानी बोगोटा में विभिन्न क्षेत्रों के सैकड़ों श्रमिक गारंटीकृत बुनियादी आय की मांग, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास क्षेत्रों के लिए अधिक फंड, छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए समर्थन और मानवाधिकार, समुदाय और सामाजिक नेताओं के साथ-साथ महिलाओं और एलजीबीटीक्यूआई समुदाय के सदस्यों की हत्या को रोकने की मांग करते हुए सड़कों पर उतरे और प्लाजा बोलिवर की ओर कूच किया।

बोगोटा में कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र से "जीवन, क्षेत्र, लोकतंत्र और शांति की रक्षा के लिए सामाजिक और सामुदायिक मिंगा" के 8,000 प्रतिभागी 18 अक्टूबर को राष्ट्रपति डुके से मिलने के लिए राजधानी पहुंचे और हड़ताल में भी शामिल हुए। मिंगा एक स्वदेशी क्वेशुआ शब्द है और समुदाय के लाभ के लिए सामूहिक कार्रवाई को इंगित करता है। मिंगा के प्रतिभागियों की मांग है कि राष्ट्रीय सरकार समुदाय के नेताओं की बढ़ती हत्याओं को ख़त्म करने के लिए तत्काल कदम उठाए, कई ग्रामीण क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की हिंसा, जबरन विस्थापन और साल 2016 में क्यूबा की राजधानी हवाना में हुए पूर्व सरकार व गुरिला समूह-द रेवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्स ऑफ कोलंबिया (एफएआरसी) -के पूर्व लड़ाकों के बीच हुए शांति समझौते के तहत अपने दायित्वों को पूरा करे।

इसी तरह के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आर्मेनिया, बैरेंक्विला, कैली, क्यूकटा, मैनिज़ेल्स, मेडेलिन, पैम्प्लोना और पोपायान शहरों में भी किए गए। बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों द्वारा इस राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान किया गया था।

बीते कल का राष्ट्रीय हड़ताल 21 सितंबर की राष्ट्रीय हड़ताल के ठीक एक महीने बाद और 46 वर्षीय क़ानून के छात्र और टैक्सी चालक जेवियर ऑर्डोनेज़ की पुलिस द्वारा हत्या के छह सप्ताह बाद हुआ। इस हत्याकांड में पुलिस द्वारा 13 अन्य लोग मारे गए थे।

विभिन्न राष्ट्रीय प्रगतिशील और सामाजिक शक्तियों ने डुके के प्रशासन को इन घटनाओं को रोकने के उपायों के साथ-साथ COVID-19 महामारी के कारण होने वाले स्वास्थ्य, आर्थिक और सामाजिक संकट को लेकर लचर व्यवस्था के प्रति इसकी अनिच्छा के लिए निंदा की है।

colombia
Colombians Protest
National strike again in Colombia
Protest against Crimes

Related Stories

कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी

कोलंबिया के लोग संकट और हिंसा को लेकर सड़कों पर उतरे

कोलंबिया में वामपंथी कार्यकर्ताओं की हत्याओं का विरोध, हजारों लोग सड़कों पर उतरे


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 26,727 नए मामले, 277 मरीज़ों की मौत
    01 Oct 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.82 फ़ीसदी यानी 2 लाख 75 हज़ार 224 हो गयी है।
  • Kejriwal
    अजय कुमार
    अरविंद केजरीवाल देशभक्ति का नया पाठ्यक्रम लेकर क्यों आ रहे हैं?
    01 Oct 2021
    देशभक्ति के लिए नया पाठ्यक्रम बनाने की ज़रूरत नहीं बल्कि केजरीवाल जैसे नेताओं को नागरिक शास्त्र पढ़कर एक सजग नागरिक के तौर पर आलोचनात्मक चिंतन करते हुए ज़िंदगी जीने की ज़रूरत है।
  • afghanistan
    एम. के. भद्रकुमार
    अफ़ग़ानिस्तान पर क्या है अमेरिका-ब्रिटेन की मंशा?
    01 Oct 2021
    एक तरफ़ अमेरिका और ब्रिटेन और दूसरी तरफ़ रूस और चीन के बीच कुल मिलाकर माहौल बहुत ख़राब है। पाकिस्तान इससे अनजान नहीं हो सकता है।
  • covid
    सौरभ शर्मा
    उत्तर प्रदेश : बिजनौर के निज़ामतपुरा गांव में कोविड-19 ने जीवन को पीछे ढकेला
    01 Oct 2021
    निज़ामतपुरा में आर्थिक तौर पर कमज़ोर परिवार बेहद गंभीर स्तर की ग़रीबी का सामना कर रहे हैं। इस साल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य आपात ज़रूरतों और बुनियादी खपत की पूर्ति को लिए गए क़र्ज़ को चुकाने…
  • DA
    रौनक छाबड़ा
    अधिकारियों ने किया महंगाई भत्ते को अनफ्रीज़ करने की घोषणा के विरोध का ऐलान
    01 Oct 2021
    पिछले साल महंगाई भत्ते को फ़्रीज़ करने का विरोध करने के बाद, कर्मचारियों का मानना है कि यह उन पर एक और हमला है क्योंकि मज़दूरों और अधिकारियों को महंगाई भत्ता अलग-अलग प्रतिशत पर मिलेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License