NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
उत्पीड़न
कानून
कोविड-19
मज़दूर-किसान
समाज
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
नवउदारवादी उपायों के विरोध में कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल घोषित
राष्ट्रपति इवान डूके की सरकार "एकजुटता" के नाम पर एक नया कर सुधार पारित करना चाहती है, जो मुख्य वस्तुओं, ईंधन और विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं पर वैट बढ़ा देगी।
पीपल्स डिस्पैच
21 Apr 2021
Columbia

कोलंबिया के ट्रेड यूनियन, सामाजिक आंदोलन और विपक्षी राजनीतिक दलों ने, राष्ट्रपति इवान डुके की दक्षिणपंथी सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए एक नए कर सुधार नीति के खिलाफ, 28 अप्रैल को एक राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान किया है। आयोजकों ने नागरिकों से उस दिन देश के सभी मुख्य शहरों में, सभी जैवसुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, इकट्ठे होने का आह्वान किया है।

कोविड-19 महामारी के कारण स्वास्थ्य आपातकाल और आर्थिक संकट से बढ़ती गरीबी को कम करने के लिए  वित्त मंत्री अल्बर्टो कैरासक्विला ने 15 अप्रैल को एक कर सुधार नीति जिसका नाम सस्टेनेबल सॉलिडैरिटी विधेयक है,  उसे पेश किया। हालांकि, इस पहल को ट्रेड यूनियनों और सामाजिक क्षेत्रों से व्यापक विरोध झेलना पड़ रहा है, जो इसे श्रमिक वर्ग के प्रति क्रूरता के रूप में देख रहे हैं।

बिल बुनियादी बोझ पदार्थ, ईंधन और विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं पर वैट बढ़ाने का एक कदम है; यह कर वसूली के आधार का विस्तार; कृषि आदानों पर कर में वृद्धि; पेंशन पर कर में इज़ाफ़ा; 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र में वेतन को स्थायी करना; विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं पर सब्सिडी समाप्त करना; शहरों के साथ देश को जोड़ने वाली सड़कों पर टोल टैक्स; आदि करने की कोशिश करता है।

कोलंबिया के ट्रेड यूनियन सेंटर, यूनिटरी नेशनल कमांड ने सुधार को अस्वीकार कर दिया  है। उन्होंने इसे "विनाशकारी" माना है और कहा है कि इससे "केवल अत्यधिक गरीबी बढ़ेगी जिसके कारण वंचित वर्ग में भुखमरी बढ़ेगी।" यूनियन सेंटर ने उन लोगों पर कर के विस्तार की भी निंदा की है जो प्रति माह 1 मिलियन पेसो या 275.60 अमरीकी डालर से थोड़ा सा अधिक कमाते हैं। यूनियन ने इसे "श्रमिकों और गरीबों की जेब पर एक भारी बोझ" बताया।

राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान देश में प्रमुख ट्रेड यूनियनों की एकात्मक राष्ट्रीय कमान द्वारा दिया गया था। कॉल को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ कोलंबिया के साथ-साथ प्रगतिशील कोलंबिया हुमाना, पोलो डेमोक्रेटिको अल्टरनेटिवो और कॉम्यून्स पार्टियों का भी समर्थन मिला है। कोलंबिया हुमाना  पार्टी के सीनेटर गुस्तावो बोलिवर और कॉमन्स पार्टी के सीनेटर सैंड्रा रामिरेज ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है।

कई सामाजिक, किसान, मानवाधिकारों, स्वदेशी और एफ्रो-वंशज संगठनों, जिनमें कांग्रेसो डे लॉस प्यूब्लोस, मार्चा पैट्रियोटिका, 

मोविमिएन्टो पोर ला कॉन्सटिटुएन्टे पोपुलर जैसे संगठन शामिल हैं, ने हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।

columbia
Protest in Columbia
COVID-19

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

देशभर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षण संस्थानों को दोबारा से चालू करने की मांग 


बाकी खबरें

  • इज़रायल की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को पिछले साल इज़रायली सैनिकों द्वारा मारे गए फ़िलिस्तीनियों के शवों को अपने पास रखने की अनुमति दी
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को पिछले साल इज़रायली सैनिकों द्वारा मारे गए फ़िलिस्तीनियों के शवों को अपने पास रखने की अनुमति दी
    20 Aug 2021
    अहमद एरेकत के शरीर को ज़ब्त कर लिया गया है और इज़रायली अधिकारियों द्वारा उनके परिवार से एक साल से अधिक समय से दूर रखा जा रहा है, जिससे उनका परिवार उनका अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहा है।
  • अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर गोलाबारी में कई प्रदर्शनकारियों की मौत
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर गोलाबारी में कई प्रदर्शनकारियों की मौत
    20 Aug 2021
    अफ़ग़ानिस्तान में भुखमरी के ख़तरे की ख़बरों के बीच आईएमएफ़ ने सरकार पर स्पष्टता न होने की वजह देश की संसाधनों तक पहुंच को भी रोक दिया है।
  • प्रगतिशीलों ने डेनमार्क सरकार से मानवीय हस्तक्षेप कर नर्स हड़ताल को ख़त्म करने की मांग की
    पीपल्स डिस्पैच
    प्रगतिशीलों ने डेनमार्क सरकार से मानवीय हस्तक्षेप कर नर्स हड़ताल को ख़त्म करने की मांग की
    20 Aug 2021
    वेतन बढ़ाने और वेतन की ग़ैर-बराबरी को ख़त्म करने की मांग के साथ चल रही नर्स की हड़ताल 62 दिन से जारी है, यह डेनमार्क की नर्सों की सबसे बड़ी हड़ताल बन गई है।
  • वीडियो: शोधकर्ताओं ने दर्शाया चूहों में कोविड-19 का संक्रमण और उससे लड़ती एंटीबाडीज़
    संदीपन तालुकदार
    वीडियो: शोधकर्ताओं ने दर्शाया चूहों में कोविड-19 का संक्रमण और उससे लड़ती एंटीबाडीज़
    20 Aug 2021
    चित्र में वायरस के प्रसार को दर्ज किया गया है, जिसके चलते चूहे के श्वसन मार्ग को क्षति पहुंची है। यह इस तथ्य को भी दर्ज करने में सफल रहा है कि कैसे एंटीबाडीज वायरस के प्रसार पर रोक लगाने में कारगर…
  • क्यों अफ़ग़ानिस्तान संकट शरणार्थी क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करता है
    जय मनोज संकलेचा
    क्यों अफ़ग़ानिस्तान संकट शरणार्थी क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करता है
    20 Aug 2021
    शरणार्थियों को भारत में शरण देने के मामले में क़ानून की कमी खल रही है और पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान में राजनीतिक संकट के कारण भाग रहे शरणार्थियों को समर्थन देना भारत की नैतिक अनिवार्यता बन गई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License