NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
ट्रांसपोर्ट उद्योग को बचाने की मांग को लेकर श्रमिकों का देशव्यापी प्रदर्शन
केरल, कर्नाटक, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों में पुलिस के दमन के बाद भी विरोध प्रदर्शन हुए। इसमें संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों ने भाग लिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Aug 2020
ट्रांसपोर्ट उद्योग

लॉकडाउन के कारण आजीविका पर पड़े प्रभाव और पेट्रोल, डीजल की बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ बुधवार को ट्रांसपोर्ट कर्मियों ने देशव्यापी प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व ऑल इंडिया कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स आर्गेनाइजेशन्स (AICCORTWO )ने किया। प्रदर्शन को इंडियन फ़ेडरेशन ऑफ़ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स ने भी अपना समर्थन दिया।

ट्रांसपोर्ट कर्मियों की कहना है कि लॉकडाउन के कारण उनकी आजीविका पर जो प्रभाव पड़ा है उसकी न तो सरकार ने और ना ही कंपनियों ने भरपाई की या कोई मदद पहुंचाई। राहत देने के बजाय सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में बेतहाशा वृद्धि कर दी है जिसे तत्काल कम किया जाना चाहिए।

ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव के के दिवाकरन ने इस प्रदर्शन को सफल बताते हुए कहा कि, "केरल, कर्नाटक, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों में पुलिस के दमन के बाद भी विरोध प्रदर्शन हुए। इसमें संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों ने भाग लिया। "

116747184_1148069122253201_6602401463760234400_o.jpg

आपको बता दें कि AICCORTWO ट्रांसपोर्ट श्रमिक यूनियन का संयुक्त मंच है। इसमें नेशनल ट्रेड फेडरेशन ऑफ इंडियन रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स, ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन, इंडियन नेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन, महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसपोर्ट कामगार संगठन, लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन, दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) वर्कर्स यूनिटी सेंटर , तेलंगाना मजदूर यूनियन, तमिलनाडु सरकार परिवहन निगम कर्मचारी महासंघ और सर्व कर्मचारी संघ जैसी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से जुड़ी यूनियन शामिल हैं।

गौरतलब है कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर में लगभग 10 करोड़ श्रमिक है और उनकी मांग को लेकर दिवाकरण ने कहा, 'कोरोना महामारी से पहले ही रोड ट्रांसपोर्ट उद्योग के श्रमिक संकट में थे। महामारी ने उनकी समस्याओं में और वृद्धि की और लॉकडाउन ने तो इस पूरे उद्योग को लगभग तबाह ही कर दिया।'

116694706_1148069048919875_4986897494712938049_o.jpg

पिछले महीने ही AICCORTWO ने केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को 7 जून को डीजल और पेट्रोल पर बढ़े हुए उत्पाद शुल्क को वापस लेने और बढ़ी हुई कीमतों के रोलबैक सहित अपनी 12-सूत्री मांगों के बारे में और अपने विरोध की जानकारी दी थी।

श्रमिकों के 12 सूत्री मांग में- माल और सेवा कर(जीएसटी)के तहत पेट्रोलियम उत्पाद लाना; सड़क परिवहन श्रमिकों के लिए अलग सामाजिक सुरक्षा कानून; मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019को वापस लेने; असंगठित क्षेत्र के परिवहन श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय वेतन नीति; राज्य सड़क परिवहन उपक्रमों state road transport undertakings (एसटीयू) को बजटीय सहायता; डीजल और मोटर वाहन के पार्ट्स पर उत्पाद शुल्क और बिक्री कर से एसटीयू की छूट और छह महीने की अवधि के लिए सभी असंगठित क्षेत्र परिवहन श्रमिकों को 7,500 रुपये की की आर्थिक मदद किया जाए ।

116681890_1148068915586555_8651601567278835765_o.jpg

दिवाकरन ने कहा, "राम मंदिर मुद्दे के कारण पूरे असम में धारा 144 लागू करने के कारण सख्त लॉकडाउन किया गया है। इसके बाद भी गुवाहाटी और बोंगाईगांव में विरोध प्रदर्शन हुए।"

AICCORTWO ने कहा," निजी गाड़ियों के अवैध संचालन के कारण उन्हें वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही अन्य कारणों से राज्यों के एसटीयू को परिचालन की लागत बढ़ी है। ऐसी स्थिति में श्रमशक्ति में कमी की जा रही है और इसके चलते श्रमिक बलि का बकरा बनते जा रहे हैं, मार्च 2021 तक मजदूरी और सेवानिवृत्ति देय राशि के भुगतान में देरी या महंगाई भत्ते की अदायगी में देरी होगी।"

तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) कर्मचारी संघ के के राजी रेड्डी ने कहा कि पुलिस ने हैदराबाद में कई श्रमिकों को हिरासत में लिया है। फिर भी तेलंगाना में सभी बस डिपो के सामने श्रमिकों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया।

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में उबर, ओला, स्विगी और अन्य ऐप के साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने भी इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियनों द्वारा उठाए जा रहे है मांगों का समर्थन करते हुए, इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के जनरल सेक्रेटरी शेख सलाउद्दीन ने कहा, “ऐप आधारित ड्राइवर और डिलीवरी वर्कर्स लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद से सड़कों पर रहे हैं। उनके पास कोई सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं है। सरकार को 25 लाख से अधिक ऐप-आधारित श्रमिकों की शिकायतों को समझना चाहिए और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना चाहिए।”

ट्रेड यूनियनों ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किए हैं, जबकि परिवहन कर्मचारी मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 को वापस लेने की भी लगातार मांग कर रहे हैं।

Transport Industry
Nationwide Protest
AICCORTWO
DTC
TSRTC
Nitin Gadkari
Transport Workers Union
trade unions

Related Stories

दक्षिण अफ्रीका में सिबन्ये स्टिलवाटर्स की सोने की खदानों में श्रमिक 70 दिनों से अधिक समय से हड़ताल पर हैं 

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

DTC ठेका कर्मचारियों ने अभियान चलाकर केजरीवाल सरकार को दी चेतावनी, 'शवयात्रा' भी निकाली

2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’


बाकी खबरें

  • भाषा
    गाजीपुर भराव क्षेत्र पर आग : दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने ईडीएमसी अधिकारियों को समन भेजा
    21 Apr 2022
    गाजीपुर भराव क्षेत्र 70 एकड़ में फैला है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 28 मार्च को गाजीपुर भराव क्षेत्र में आग लगने के बाद ईडीएमसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
  • एम. के. भद्रकुमार
    रूस ने पश्चिम के आर्थिक प्रतिबंधों का दिया करारा जवाब 
    21 Apr 2022
    पश्चिम की धमकियों से बेपरवाह पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन ऑपरेशन को फिर से शुरू कर दिया है क्योंकि रूबल वापस दौड़ में आ गया है और मास्को को 'मज़बूत व्यापार विकल्प' आता दिख रहा है।
  • तान्या वाधवा
    इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
    21 Apr 2022
    16 अप्रैल को इक्वाडोर में  वह विधेयक, जो बलात्कार के कारण हुई प्रेग्नन्सी के दौरान गर्भपात कराने की अनुमति देता है,  बतौर क़ानून बन गया। महिला अधिकार आंदोलनों के मुताबिक़, यह क़ानून दरअस्ल इस अधिकार…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,380 नए मामले, 42 फ़ीसदी (1,009)नए मामले दिल्ली से सामने आए 
    21 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है और मास्क नहीं पहनने वालो पर 500 का जुर्माना लगाया जाएगा |
  • urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    जनाधार और नेतृत्व के बगैर कांग्रेस को सिर्फ तरकीब से कैसे जितायेंगे पीके
    21 Apr 2022
    चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेतृत्व से कई चक्र की मुलाकात और उनके प्रस्तुतीकरण के बाद यह चर्चा जोरो पर है कि वह अगले महीने तक कांग्रेस में शामिल हो जायेंगे. उनका एक सूत्री…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License