NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दुकानें दोबारा खोलने के नियमों में अधिक स्पष्टता की ज़रूरत : आरएआई
‘‘मौजूदा सरकारी आदेश की अलग-अलग व्याख्या की जा सकती है। इसके आसानी से अनुपालन के लिए इसे अधिक स्पष्ट बनाने की ज़रूरत है। बाज़ार परिसर जैसे शब्द आसानी से समझ आने वाले नहीं हैं।’’
भाषा
25 Apr 2020
shop
Image courtesy:The Straits Times

दिल्ली : खुदरा कारोबार करने वाली फर्मों के संगठन रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) ने शनिवार को कहा कि गली-मोहल्ले में स्वतंत्र रुप से चालाई जाने वाली परचून की दुकानों को खोलने की अनुमति और स्पष्ट करने की जरूरत है।

संगठन का कहना है कि इस आदेश की भाषा की अलग अलग व्याख्या किए जाने की संभावना है। उदाहरण के लिए ‘बाजार परिसर’ (मार्केट काम्प्लेक्स) का उल्लेख किया और कहा है इन शब्दों को आसानी से नहीं समझा जा सकता है।

आरएआई ने कहा कि मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए और लॉकडाउन के दौरान अनिवार्य वस्तुओं की बिक्री करने वाली खुदरा दुकानों को खोलने के अनुभवों का फायदा उठाते हुए सरकार को सभी तरह के खुदरा दुकानों को खोलने के बारे में सोचना चाहिए। उसका यह भी कहना है कि माल को भी खोलने की अनुमति होनी चाहिए।

सरकार ने नगर निकाय क्षेत्रों में आवासीय परिसरों में स्थित दुकानों सहित गली मोहल्ले में अलग-अलग स्वतंत्र रूप से चलने वाली दुकानों को खोलने की अनुमति शुक्रवार रात को दी। हालांकि दुकानदारों को अनिवार्य सावधानी बरतनी होगी, साथ ही 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ ही काम करना होगा।

गृह सचिव अजय भल्ला ने सरकारी आदेश जारी किया। इसके अनुसार नगर निकायों के दायरे में आने वाले बाजार, बहुब्रांड और एकल ब्रांड मॉल इत्यादि तीन मई तक बंद रहेंगे। आदेश में कहा कि मॉल अभी बंद रहेंगे, लेकिन ग्रामीण इलाकों की दुकानों को खोला जा सकता है।

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 हॉटस्पॉट और ‘नियंत्रण’ वाले क्षेत्रों की दुकानें अभी नहीं खुलेंगी। इसके अलावा ई-कॉमर्स कंपनियां भी अपने मंच से सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री कर सकेंगी। शराब की बिक्री पर अभी प्रतिबंध रहेगा।

आरएआई ने कहा, ‘‘हमारा सुझाव है कि सरकार को जब सुरक्षित महसूस हो, उस दिन सामुदायिक दूरी नियमों के साथ सभी तरह के खुदरा क्षेत्र को खोल दे।’’ आरएआई ने सरकार से मॉल खोलने की भी अनुमति देने को कहा।

आरएआई ने एक बयान में कहा, ‘‘मौजूदा सरकारी आदेश की अलग-अलग व्याख्या की जा सकती है। इसके आसानी से अनुपालन के लिए इसे अधिक स्पष्ट बनाने की जरूरत है। बाजार परिसर जैसे शब्द आसानी से समझ आने वाले नहीं हैं।’’

Lockdown
Reopening shops
Clarity in Rules
Retail business
home ministry

Related Stories

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी

25 मार्च, 2020 - लॉकडाउन फ़ाइल्स

लॉकडाउन में लड़कियां हुई शिक्षा से दूर, 67% नहीं ले पाईं ऑनलाइन क्लास : रिपोर्ट

शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर

यूपी: महामारी ने बुनकरों किया तबाह, छिने रोज़गार, सरकार से नहीं मिली कोई मदद! 

बजट '23: सालों से ग्रामीण भारत के साथ हो रही नाइंसाफ़ी से निजात पाने की ज़रूरत

यूपी चुनावों को लेकर चूड़ी बनाने वालों में क्यों नहीं है उत्साह!

संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !

कटाक्ष: नये साल के लक्षण अच्छे नजर नहीं आ रहे हैं...


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    'सख़्त आर्थिक प्रतिबंधों' के साथ तालमेल बिठाता रूस  
    13 Mar 2022
    व्लादिमीर पुतिन की पहली प्राथमिकता यही है कि वह ख़ुद को अपने लोगों के प्रति जवाबदेह बनाये रखें।
  • voting
    स्पंदन प्रत्युष
    विधानसभा चुनाव: एक ख़ास विचारधारा के ‘मानसिक कब्ज़े’ की पुष्टि करते परिणाम 
    13 Mar 2022
    पंजाब में सत्ता विरोधी लहर ने जहां कांग्रेस सरकार को तहस-नहस कर दिया, वहीं उत्तर प्रदेश में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस पहेली का उत्तर मतदाताओं के दिमाग पर असर डालने वाली पार्टी की विचारधारा की भूमिका में…
  • सोनिया यादव
    विधानसभा चुनाव 2022: पहली बार चुनावी मैदान से विधानसभा का सफ़र तय करने वाली महिलाएं
    13 Mar 2022
    महिला सशक्तिकरण के नारों और वादों से इतर महिलाओं को वास्तव में सशक्त करने के लिए राजनीति में महिलाओं को अधिक भागीदार बनाना होगा। तभी उनके मुद्दे सदन में जगह बना पाएंगे और चर्चा का विषय बन पाएंगे।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में हिन्दुत्व की जीत नहीं, ये नाकारा विपक्ष की हार है!
    12 Mar 2022
    देश के सबसे बड़े राज्य-यूपी में भाजपा की सत्ता में दोबारा वापसी को मीडिया और राजनीति के बड़े हिस्से में 'हिन्दुत्व' की जीत के तौर पर देखा जा रहा है. क्या यह सच है? क्या यह यूपी में विपक्ष का…
  • cpim
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए के 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है शिवराज सरकार: माकपा
    12 Mar 2022
    माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से 2.80 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों के खाते में पहुंचने वाली 425 करोड़ की छात्रवृत्ति, मात्र 206 छात्रों के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License