NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
क्या नवीनतम कोरोना वायरस अपने इन्क्यूबेशन काल में तेज़ी से फैल सकता है?
ऐसा लगता है कि एनईजेएम के द्वारा पेश की गई जानकारी सही नहीं है, लेकिन इसके बावजूद एक वर्ग ऐसा भी है जिसका मानना है कि स्पर्शोन्मुख संकुचन संभव है और 2019-nCoV के साथ इसका होना संभव है।
संदीपन तालुकदार
07 Feb 2020
Coronovirus

नवीनतम कोरोना वायरस की महामारी को लेकर वैश्विक दहशत की शुरुआत जो चीन से शुरू हुई थी और अब कई देशों में फ़ैल चुकी है, उसने वैज्ञानिक समुदाय को भी इस वायरस के बारे में शोध कार्य में व्यस्त कर दिया है। इस संबंध में आरंभ में किये गए प्रयोगों में वैज्ञानिकों द्वारा जिन निष्कर्षों पर पहुँचा गया था, उसमें यह पाया गया कि अपने उष्माय (इन्क्यूबेशन) काल के दौरान भी कोरोनो वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की क्षमता रखता है।  यह वह समय होता है जब वायरस मानव शरीर में प्रवेश कर चुका होता है, और तब तक जाहिर नहीं होता जब तक कि उसके लक्षण दिखाई नहीं देते। वायरस के इस स्पर्शोन्मुख प्रसार को 30 जनवरी को द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन (एनईजेएम-NEJM)  में प्रकाशित एक पेपर में प्रकाशित किया गया था।

लेकिन अब ऐसा लगता है कि यह जानकारी ग़लत थी। जर्मन सरकार की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी, द रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट (आरकेआई-RKI) ने इस बारे में एनईजेएम को इस बाबत पत्र लिखा है।

एनईजेएम के जनवरी के पेपर में, जिसमें स्पर्शोन्मुख संकुचन की रिपोर्टिंग की गई थी, वह संक्रमण के एक झुण्ड पर आधारित थी, जो प्रकाश में तब आई जब एक शंघाई वासी महिला अपने व्यापारिक सहयोगियों से बैठक के सिलसिले में जर्मनी के म्यूनिख में आई थी। यह 20 से 21 जनवरी के बीच की बात है। इसके कुछ समय बाद ही जर्मनी में उन चार लोगों में से पहले व्यक्ति जो उस शंघाई व्यवसायी महिला से मिला था, बीमार पड़ गया था। एनईजेएम के पेपर के अनुसार बैठक के दौरान शंघाई महिला में बीमारी के लक्षण नजर नहीं आये थे। इस शोध के लेखकों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है- “अपने इस प्रवास के दौरान, वह पूरी तरह से स्वस्थ्य थी और संक्रमण के कोई लक्षण नजर नहीं दिखे थे, लेकिन अपनी चीन वापसी की उड़ान के दौरान वह बीमार पड़ गई थी। तथ्य यह है कि स्पर्शोन्मुख व्यक्ति 2019-nCoV संक्रमण के संभावित स्रोत हैं, और हाल में जो प्रकोप फैला है उसके आगे फैलने की गतिशीलता के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता को दर्शाते हैं। "

साइंस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि - जब बवेरिया राज्य के आरकेआई और स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने उस महिला से फोन पर बात की थी तो उसने उन्हें अपने जर्मन प्रवास के दौरान रोग के लक्षणों के नजर आने की पुष्टि की है। जिन लोगों को इस पूछताछ के बारे में मालूमात हासिल हैं, उनके अनुसार उसे थकान महसूस हो रही थी, मांसपेशियों में दर्द था और उसने उस दौरान बुखार कम करने वाली दवा पैरासिटामोल का सेवन किया था।

यह भी पता चला है कि इस बाबत आरकेआई ने डब्ल्यूएचओ और यूरोपीय साझेदार एजेंसियों को इस नई जानकारी से अवगत करा दिया है।

बर्लिन में चैरिटे यूनिवर्सिटी अस्पताल के क्रिश्चियन ड्रोस्टन ने जो इस अध्ययन के सिलसले में प्रयोगशाला के कार्य में शामिल थे, की ओर से बताया गया है कि, "मुझे यह सब सोच कर खराब लगता है कि यह सब किस प्रकार से हो गया, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यहाँ पर किसी की भी कोई गलती थी। जाहिरा तौर पर सबसे पहले तो यह होना था कि वह महिला यहाँ तक न पहुँचने पाती, और दूसरा यह कि इसके बारे में सूचना लोगों के पास जल्द से जल्द पहुँचाई जानी चाहिए थी। ”

मार्क लिपसित्च जो कि हार्वर्ड टी. एच. स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ में महामारी विशेषज्ञ हैं, आपका विचार है कि "किसी मामले को आप स्पर्शोन्मुख कहें और उस इन्सान से बात तक न करें तो यह एक समस्याग्रस्त मसला है। अगर हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो ऐसा लगता है कि यह एक बुरा विकल्प था। हालाँकि कई बार आपातकालीन परिस्थिति में, सभी लोगों से बात कर ही ली जायेगी, ऐसा कर पाना संभव नहीं होता। मैं यह मान कर चल रहा हूं कि यह एक अतिउत्साहित लोगों का समूह था, जो कि सच्चाई को जल्द से जल्द बाहर निकाल लेने और अपने सबसे बेहतर विचार को लोगों के सामने रखने की जल्दबाजी में था, ना कि किसी प्रकार की लापरवाही की कोशिश में लगा था।”

ऐसा प्रतीत होता है कि एनईजेएम के द्वारा पेश की गई जानकारी गलत हो गई है, लेकिन इसके बावजूद एक वर्ग ऐसा है जो मानता है कि स्पर्शोन्मुख संकुचन संभव है और यह 2019-nCoV के साथ होना संभव है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक एंथनी फौसी ने इस लाइन पर अपनी राय दी है। “आज शाम को मैंने चीन में अपने एक सहकर्मी को फोन किया था जो एक बेहद सम्मानित संक्रामक रोग वैज्ञानिक और स्वास्थ्य अधिकारी हैं। उन्होंने बताया है कि उन्हें इस बात का पूरा यकीन है कि यह स्पर्शोन्मुख संक्रमण वाला रोग है और कुछ स्पर्शोन्मुख लोग हैं जिनसे यह संक्रमण आगे फ़ैल रहा है। "

हालाँकि डब्ल्यूएचओ ने इस बारे में कहा है कि अगर स्पर्शोन्मुख संचरण होता भी है तो भी इस समूची महामारी के परिदृश्य में उसकी भूमिका बेहद नगण्य है।

लेकिन संक्रमण के जर्मन क्लस्टर के बारे में जो सबसे दिलचस्प बात सामने निकल कर आई है वह यह है कि नवीनतम कोरोनावायरस के हमले के बाद उसकी प्रकृति बेहद कमजोर किस्म की है। जर्मनी में जो सभी चार मामले सामने आये थे, उन सभी में बेहद मामूली स्तर का संक्रमण देखने को मिला था, जो कई अन्य रोगियों के बारे में भी सटीक हो सकता है। वास्तव में यह वायरस को फैलाने में मदद करता है। क्रिश्चियन ड्रॉस्टन इसे अपने शब्दों में बताते हैं कि कैसे- “पहले से ही यह विचार में आ रहा है कि जो रोगी हैं उन्हें हल्के ठंडे लक्षणों का अनुभव हो रहा हो, जबकि पहले से वे इसके वायरस छोड़ रहे हैं। लेकिन वे ऐसे लक्षण नहीं हैं जो लोगों को अपने घरों में ही दुबके रहने के लिए प्रेरित करें। ”

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Can Novel Coronavirus Really Spread During Incubation Period?

novel coronavirus
2019-nCoV
Wuhan
Hubei Province
Asymptomatic Transmission.

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 58,077 नए मामले, 657 मरीज़ों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 13,451 नए मामले, 585 मरीज़ों की मौत

SARS-CoV-2 के क़रीबी वायरस लाओस में पाए गए

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 34,457 नए मामले, 375 मरीज़ों की मौत

कोविड-19: आईएमए ने केंद्र द्वारा आयुष उपचार को बढ़ावा देने पर उठाए सवाल

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटो में आए कोरोना के रिकॉर्ड 97 हज़ार से ज़्यादा नए मामले

उत्तराखंड: सरकारी अस्पताल से कोरोना-मुक्त होने के ‘फ़र्ज़ी’ प्रमाणपत्र जारी

ग्रामीण भारत में कोरोना-41: डूबते दामों से पश्चिम बंगाल के खौचंदपारा में किसानों की बर्बादी का सिलसिला जारी !

कोविड-19 के बाद के दौर पर चीन के बीआरआई की नज़र 

कोविड-19 पालीगंज मामला: मृतक दूल्हे के पिता के ख़िलाफ़ मामला दर्ज


बाकी खबरें

  • sudan
    पीपल्स डिस्पैच
    सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल
    17 Feb 2022
    इजिप्ट इस तख़्तापलट में सैन्य शासन का समर्थन कर रहा है। ऐसे में नागरिक प्रतिरोधक समितियों ने दोनों देशों की सीमाओं पर कम से कम 15 जगह बैरिकेडिंग की है, ताकि व्यापार रोका जा सके।
  • muslim
    नीलांजन मुखोपाध्याय
    मोदी जी, क्या आपने मुस्लिम महिलाओं से इसी सुरक्षा का वादा किया था?
    17 Feb 2022
    तीन तलाक के बारे में ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना, तब, जब मुस्लिम महिलाओं को उनकी पारंपरिक पोशाक के एक हिस्से को सार्वजनिक चकाचौंध में उतारने पर मजबूर किया जा रहा है, यह न केवल लिंग, बल्कि धार्मिक पहचान पर भी…
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब चुनाव में दलित-फैक्टर, सबको याद आये रैदास
    16 Feb 2022
    पंजाब के चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी पार्टियों के शीर्ष नेता बुधवार को संत रैदास के स्मृति स्थलों पर देखे गये. रैदास को चुनावी माहौल में याद करना जरूरी लगा क्योंकि पंजाब में 32 फीसदी…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: मोदी की ‘आएंगे तो योगी ही’ से अलग नितिन गडकरी की लाइन
    16 Feb 2022
    अभी तय नहीं कौन आएंगे और कौन जाएंगे लेकिन ‘आएंगे तो योगी ही’ के नारों से लबरेज़ योगी और यूपी बीजेपी के समर्थकों को कहीं निराश न होना पड़ा जाए, क्योंकि नितिन गडकरी के बयान ने कई कयासों को जन्म दे दिया…
  • press freedom
    कृष्ण सिंह
    ‘दिशा-निर्देश 2022’: पत्रकारों की स्वतंत्र आवाज़ को दबाने का नया हथियार!
    16 Feb 2022
    दरअसल जो शर्तें पीआईबी मान्यता के लिए जोड़ी गई हैं वे भारतीय मीडिया पर दूरगामी असर डालने वाली हैं। यह सिर्फ किसी पत्रकार की मान्यता स्थगित और रद्द होने तक ही सीमित नहीं रहने वाला, यह मीडिया में हर उस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License