NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फारूक अब्दुल्ला की हिरासत के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस, नेशनल कान्फ्रेंस, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विषय पर हंगामा शुरू कर दिया।
भाषा
18 Nov 2019
farooq  abdullah

नई दिल्ली: नेशनल कान्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को श्रीनगर में हिरासत में रखे जाने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा में सरकार पर निशाना साधा और लोकसभा अध्यक्ष से सरकार को अब्दुल्ला को तत्काल रिहा करने का आदेश देने का अनुरोध किया। इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बर्हिगमन किया।

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस, नेशनल कान्फ्रेंस, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विषय पर हंगामा शुरू कर दिया। उनके साथ ही शिवसेना के सदस्य महाराष्ट्र में किसानों के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे।

कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। उन्होंने ‘फारूक अब्दुल्ला को वापस लाओ’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के नारे लगाए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल चलाना शुरू किया। उन्होंने इस दौरान विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने का आग्रह करते हुए कहा कि वह हर विषय पर चर्चा को तैयार हैं और सदन में नारेबाजी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘सदन सबकी सहमति से चलता है, सभी सदस्य सदन की गरिमा बनाये रखें।’ सदन में नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। कार्य मंत्रणा समिति में जो मुद्दे तय होंगे उन पर नियमों के अनुसार चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुद इस बारे में आश्वासन दिया है।

प्रश्नकाल में कांग्रेस, द्रमुक, नेशनल कान्फ्रेंस के सदस्य आसन के समीप नारेबाजी करते रहे।  प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद अध्यक्ष ने कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी को उनकी बात रखने का मौका दिया। इस दौरान हंगामा कर रहे सदस्य अपनी सीटों पर जाकर बैठ गये।

सदन में कांग्रेस के नेता चौधरी ने कहा कि गत पांच अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को आश्वासन दिया था कि फारुक अब्दुल्ला को हिरासत में नहीं लिया गया है और उनकी सेहत खराब है। लेकिन वह 108 दिन से हिरासत में हैं। उन्होंने कहा, ‘यह अन्याय और जुल्म क्यों?’

चौधरी ने मांग की कि नेशनल कान्फ्रेंस नेता अब्दुल्ला को तत्काल रिहा कर सदन में लाया जाए। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के सांसदों को कश्मीर जाने की इजाजत नहीं है और पार्टी नेता राहुल गांधी को श्रीनगर हवाईअड्डे पर रोक लिया गया लेकिन यूरोपीय सांसदों को कश्मीर आने की इजाजत दे दी गयी।

चौधरी ने आरोप लगाया, ‘यह सभी सांसदों का अपमान है। सरकार जम्मू कश्मीर को आंतरिक मामला बताती है लेकिन उसने इसे अंतरराष्ट्रीय मामला बना दिया।’ चौधरी ने इस विषय पर सदन में चर्चा की भी मांग की।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने का भी विषय उठाया।  लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब गृह मंत्री ने सदन में कहा था कि फारूक अब्दुल्ला को हिरासत में नहीं लिया गया है तो यह बात सत्य थी क्योंकि तब तक सदन को उनके हिरासत में रखे जाने की कोई सूचना नहीं थी।

द्रमुक के टी आर बालू ने कहा कि सरकार ने अब्दुल्ला को किस कानून के तहत हिरासत में लिया? नेशनल कान्फ्रेंस के हसनैन मसूदी ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला 5 अगस्त को भी हिरासत में थे, इस बात के सबूत हैं।

उन्होंने कहा कि वह न्यायिक हिरासत में नहीं हैं, बल्कि जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत एहतियातन हिरासत में है। इसलिए लोकसभा अध्यक्ष सरकार को उन्हें रिहा करने का आदेश दे सकते हैं और उनका प्रतिनिधित्व सदन में सुनिश्चित कर सकते हैं।

तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि अब्दुल्ला 83 साल के हैं और वरिष्ठ सदस्य हैं। उन्हें 108 दिन से हिरासत में रखने का सरकार ने कोई कारण नहीं बताया है। उन्होंने मांग की कि अध्यक्ष सरकार को अब्दुल्ला को तत्काल रिहा करने का निर्देश दें।

 अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सभी दलों के नेता आज होने वाली कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस विषय पर लंबी चर्चा का सुझाव दे सकते हैं और वह सरकार से इसके लिए आग्रह करेंगे। इस विषय पर असंतोष जताते हुए कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। इससे पहले शिवसेना के सदस्यों ने भी वाकआउट किया।

इससे पहले सदन की कार्यवाही राष्ट्रगान की धुन के साथ शुरू हुई। इसके बाद चार नए सदस्य.. प्रिंस राज, हिमाद्री सिंह, श्रीनिवास दादा पाटिल और डीएम काथिर आनंद को शपथ दिलाई गयी।  इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और अरुण जेटली सहित दस दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई।

Farooq Abdullah
lok sabha
Congress
Indian National Congress
opposition parties
DMK
sonia gandhi
Rahul Gandhi
Jammu and Kashmir
Sushama Swaraj
Arun Jatley

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास


बाकी खबरें

  • china
    रिचर्ड डी. वोल्फ़
    चीन ने अमेरिका से ही सीखा अमेरिकी पूंजीवाद को मात देना
    22 Nov 2021
    चीन में औसत वास्तविक मजदूरी भी हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जो देश की अपनी आर्थिक प्रणाली की एक और सफलता का संकेतक है। इसके विपरीत, अमेरिकी वास्तविक मजदूरी हाल ही में स्थिर हुई है। संयुक्त…
  • kisan andolan
    असद रिज़वी
    लखनऊ में किसान महापंचायत: किसानों को पीएम की बातों पर भरोसा नहीं, एमएसपी की गारंटी की मांग
    22 Nov 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हुई “किसान महापंचयत” में जमा किसानों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापस लेने की घोषणा पर विश्वास की कमी दिखी। किसानों का कहना…
  • farmers movement
    सुबोध वर्मा
    यूपी: कृषि कानूनों को रद्दी की टोकरी में फेंक देने से यह मामला शांत नहीं होगा 
    22 Nov 2021
    ऐसी एक नहीं, बल्कि ढेर सारी वजहें हैं जिसके चलते लोग, खासकर किसान, योगी-मोदी की ‘डबल इंजन’ वाली सरकार से ख़फ़ा हैं।
  • Abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज़ी न्यूज़ के संपादक को UAE ने अपने देश में आने से रोका
    22 Nov 2021
    बोल' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा, देश के मेनस्ट्रीम मीडिया और सरकार का अमूमन बचाव करने वाले जी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी' की चर्चा कर रहे हैंI ज़ी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी'…
  • modi
    अनिल जैन
    प्रधानमंत्री ने अपनी किस 'तपस्या’ में कमी रह जाने की बात कही?
    22 Nov 2021
    प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह समय किसी को भी दोष देने का नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि यह समय नहीं है दोष देने का तो फिर सरकार के दोषों पर कब चर्चा होनी चाहिए और क्यों नहीं होनी चाहिए?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License