NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
विपक्ष ने कुवैत के संसदीय चुनावों में बड़ी जीत हासिल की
29 महिला उम्मीदवारों की हार के चलते शनिवार के चुनावों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के प्रयासों को झटका लगा।
पीपल्स डिस्पैच
07 Dec 2020
कुवैत

चुनाव आयोग द्वारा कुवैत में संसदीय चुनावों का परिणाम रविवार 6 दिसंबर को घोषित कर दिया गया। क़रीब 60% मतदाताओं ने COVID-19 प्रतिबंधों के बावजूद वोट देने के अपने अधिकार का प्रयोग किया। विपक्षी उम्मीदवारों ने नेशनल एसेंबली में लगभग आधी सीटें जीतीं।

50 सदस्यों वाली इस नेशनल एसेंबली में 29 महिला उम्मीदवारों में से किसी ने भी जीत हासिल नहीं किया। साल 2012 के बाद से एकमात्र महिला सांसद सफा अल-हाशिम ने भी अपनी सीट गंवा दिया है। कुवैत की महिलाओं द्वारा वोट देने और चुनाव लड़ने का अधिकार जीतने के 15 साल बाद अगला संसद पूरी तरह पुरुषों वाला होगा।

नई संसद का प्रतिनिधित्व 31 नव निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाएगा जिनमें से 24 या तो विपक्ष के चेहरे हैं या विपक्ष के प्रति झुकाव है। इन चुनावों का एक और स्वागत योग्य परिणाम 45 वर्ष से कम आयु के 30 नए सदस्यों का चुनाव है जो अगली सरकार से अधिक आधुनिक, युवा और प्रगतिशील सोच वाली सरकार और नीति की उम्मीदें बढ़ा रहा है।

शनिवार 5 दिसंबर को होने वाले चुनावों में जिन प्रमुख समूहों ने चुनाव जीता उनमें इस्लामिक कंस्टिच्यूशनल मूवमेंट शामिल है जो कथित रूप से इंटरनेशनल इस्लामिस्ट मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन से जुड़ा था और जिसे 3 सीटें जीतकर ही संतुष्ट होने पड़ा। अल्पसंख्यक शिया मुस्लिम समुदाय से संबंधित उम्मीदवारों ने भी छह सीट पर जीत हासिल की जो इस समुदाय और देश के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

वर्ष 1963 में कुवैत में संसदीय प्रणाली अपनाने के बाद से हर चार साल पर होने वाला ये चुनाव कोरोनोवायरस प्रकोप के कारण पिछले चुनावों के विपरीत बहुत शांत था। पिछला चुनाव मतदाताओं को लुभाने के लिए उम्मीदवारों द्वारा आयोजित बड़े समारोहों और दावतों का गवाह बनता था।

प्रचार के लिए के लिए सख्त नियम और कानून थे और चुनाव के दिन मास्क पहनना और सामाजिक दूरी के साथ-साथ नियमित जांच कराना अनिवार्य था। इस साल असाधारण परिस्थितियों के कारण अधिकांश चुनावी अभियान सोशल मीडिया और समाचार मीडिया तथा टीवी चैनलों के माध्यम से लड़े गए।

इस साल चुनावों के लिए प्रमुख मुद्दे बड़े पैमाने पर ऋण की समस्याएं और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार थे जो देश को त्रस्त कर रहे हैं और इसने अर्थव्यवस्था को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। ये देश कोरोनोवायरस महामारी के नकारात्मक आर्थिक प्रभावों से भी पीड़ित है साथ ही पिछले वर्षों से अंतरराष्ट्रीय तेल की क़ीमतों में भारी गिरावट से इसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही लड़खड़ाई हुई है।

Kuwait
Parliamentary elections
Islamic Constitutional Movement

Related Stories

विज्ञापन में फ़ायदा पहुंचाने का एल्गोरिदम : फ़ेसबुक ने विपक्षियों की तुलना में "बीजेपी से लिए कम पैसे"  

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

वेनेज़ुएला : संसदीय चुनावों के प्रारंभिक परिणाम में सोशलिस्ट को भारी बढ़त

एक वक़्त था जब कुवैत भारत का अहम साझेदार था

किर्गिस्तानः संसदीय चुनाव के दौरान वोट ख़रीदने के आरोपों के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू

अल्जीरियाः नवंबर में जनमत संग्रह के बाद जल्द संसदीय चुनाव

8 लाख भारतीयों को छोड़ना पड़ सकता है कुवैत!

क्रोएशिया की सत्तारूढ़ एचडीजेड ने संसदीय चुनाव में जीत हासिल की

कुवैत एयरवेज़ में होगी 1500 विदेशी कर्मचारियों की छंटनी

कुवैत : पुलिस ने ईजिप्ट के मज़दूरों के विरोध प्रदर्शन को दबाया


बाकी खबरें

  • Hum Bharat Ke Log
    डॉ. राजू पाण्डेय
    संविधान पर संकट: भारतीयकरण या ब्राह्मणीकरण
    05 Feb 2022
    न्याय प्रणाली में मनुवादी सोच की पुनर्प्रतिष्ठा के प्रयासों को न्याय व्यवस्था के भारतीयकरण का नाम दिया जा रहा है। नागरिक अधिकारों और संविधान के संरक्षक सर्वोच्च न्यायालय पर यदि ब्राह्मणवादी सोच हावी…
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    इस बजट से गरीबों को कोई फायदा नहीं
    04 Feb 2022
    हाल ही में वित्त मंत्री ने बजट पेश किया पर क्या इस बजट से बेरोज़गारी, गरीबी और अन्य चीज़ों पर कुछ असर पड़ेगा? आइये जानते हैं ऑनिंद्यो से
  • firing on owaisi
    रवि शंकर दुबे
    कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल
    04 Feb 2022
    AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करने वाले दोनों आरोपियों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एक आरोपी सचिन पंडित की तस्वीरें भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ वायरल होने से कई सवालों ने…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: हापुड़ का सूदना गांव सुना रहा अपनी चुनावी कहानी
    04 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने हापुड़ के सूदना गांव में चल रही सैनेटरी पेड की फैक्ट्री में काम करने वाली महिलाओं, खेती से जुड़े समुदायों के सवालों-राजनीतिक रुझानों पर की चर्चा
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक : बस ये चुनाव और पार करा दे
    04 Feb 2022
    कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के संबंध में एक समिति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License