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पाकिस्तानः न्यूनतम क़ीमत की मांग को लेकर मार्च से प्रदर्शन करेंगे किसान
पाकिस्तान का किसान संगठन पाकिस्तान किसान इत्तेहाद ने भारत में किसान संगठनों के प्रदर्शन की तरह वहां भी प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। ये किसान राजधानी इस्लामाबाद तक रैली निकाल सकते हैं।
पीपल्स डिस्पैच
26 Feb 2021
पाकिस्तानः

भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शन के असर को बॉर्डर के दूसरी तरफ भी देखा जा सकता है। कृषि को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ और अपनी कई मांगों के लिए मार्च महीने भारत जैसे विरोध प्रदर्शन को शुरु करने के लिए रोडमैप तैयार करने की योजना पर पाकिस्तान किसान इत्तेहाद से जुड़े कई किसान पाकिस्तान में सहमत हो गए हैं। इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने 6 फरवरी को घोषणा की कि शीघ्र ही "किसानों के लिए बड़े पैकेज" की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि, पाकिस्तानी किसानों में यह आशंका बढ़ रही है जिसकी वे शिकायत करते हैं कि किसानों की दुर्दशा को दूर करने का प्रयास करने के बजाय सरकार का ये आश्वासन विपक्ष की आलोचना को दबाने का प्रयास ज्यादा दिखता है।

भारत के प्रदर्शनकारी किसानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मशहूर हस्तियों द्वारा समर्थन देने के बाद एकजुटता हासिल की। इन हस्तियों में अमेरिकी गायिका रिहाना ने भी इस आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की थी।

मोदी सरकार द्वारा लागू कृषि क्षेत्र के नए नियमों को रद्द करने की मांग को लेकर नवंबर महीने से दिल्ली के बाहरी इलाकों में भारी संख्या में किसान धरना दिए हुए हैं।

26 जनवरी को जब किसान दिल्ली की तरफ कूच कर रहे थे तब उनका संघर्ष पुलिस से हो गया और कथित तौर पर ऐतिहासिक मुगल कालीन लाल किले पर कब्जा कर लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष में कई किसान घायल हो गए जबकि एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई।

पिछले साल अक्टूबर में हजारों पाकिस्तानी किसानों ने सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ लाहौर में डेरा डाल दिया था। पुलिस की कार्रवाई में 5 नवंबर को एक किसान की मौत हो गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी किसान मार्च में कई मांगों को लेकर रैली निकालने जा रहे हैं। इन मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य के तौर पर गेहूं प्रति मौंंड पाकिस्तानी 2,000 रुपये और गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 300 रुपये प्रति टन तय करना शामिल है। अन्य मांगों में पूरे पाकिस्तान में हजारों किसानों द्वारा वहन किए जाने वाले बीज, उर्वरक और अन्य खर्चों पर सब्सिडी शामिल है।

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