NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
भूख हड़ताल के चलते फिलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी मौत के कगार पर
मानवाधिकार समूह B'Tselem का कहना है कि 350 से अधिक फ़िलिस्तीनियों को वर्तमान में बिना किसी मुकदमे के महीनों तक इज़रायली जेलों में अवैध प्रशासनिक हिरासत में रखा गया है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Oct 2020
भूख हड़ताल

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी महेर अखरस भूख हड़ताल पर हैं गुरुवार 15 अक्टूबर को उनका ये हड़ताल का 82 दिन पूरा हो गया। इसके चलते उनकी सेहत काफी खराब हो गई है। अख़रस ने इस वर्ष जुलाई के अंत में इज़रायली अधिकारियों द्वार अपनी अवैध प्रशासनिक हिरासत का विरोध करने के लिए ये भूख हड़ताल शुरू किया था। वह मांग कर रहे हैं कि अधिकारी इस प्रशासनिक हिरासत आदेश को रद्द करे।

फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट और नेताओं के साथ-साथ फिलिस्तीनी और इज़रायली मानवाधिकार संगठनों ने अखरस की सेहत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है, साथ ही B’Tselem का कहना है कि ये बंदी "मौत के कगार" पर है।

अखरस के खराब सेहत की खबर उस वक्त आई जब इज़राइली हाई कोर्ट ने सोमवार को अखरस के वकीलों द्वारा उनकी रिहाई के लिए एक आपातकालीन याचिका को खारिज़ कर दिया। इसके बजाय अदालत ने केवल इस शर्त पर कि उक्त क़ैदी तुरंत अपनी भूख हड़ताल समाप्त करे तो अखरस की मौजूदा हिरासत अवधि के पूरा होने पर प्रशासनिक हिरासत का विस्तार नहीं किया जाए। अखरस ने अदालत के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कपलान मेडिकल सेंटर में अस्पताल के बिस्तर से पूर्व-रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश में कहा कि उनकी भूख हड़ताल का उद्देश्य "या तो मेरे परिवार और मेरे बच्चों की स्वतंत्रता है या झूठे न्याय के नाम पर राज्य के हाथों में मेरी मृत्यु है।"

अखरस के वकील अहलम हद्दाद ने कहा है कि उनका मुवक्किल किसी भी क्षण अचानक मौत के खतरों से दोचार हो सकता है। उन्होंने इज़रायली अदालत में अपने मुवक्किल की ओर से दाखिल याचिका में यह भी कहा था कि उन्हें 'अपरिवर्तनीय क्षति' (irreversible damage)हुई थी और उन्हें बिना किसी देरी के रिहा किया जाना चाहिए।

इस बीच, पिछले कुछ दिनों में क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में कई विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। इज़रायल द्वारा मारे गए फिलिस्तीनियों के परिवार के सदस्यों के साथ-साथ वर्तमान और पूर्व कैदियों के परिवार के सदस्यों सहित सैकड़ों फिलिस्तीनियों ने मेहर अखरस की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए 14 अक्टूबर को क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में रामल्ला के मनारा चौक पर विरोध रैली निकाली।

palestinian prisoner
israel occupation
Israel Occupied Palestine
israel and palestine

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

फ़िलिस्तीन पर इज़राइली हिंसा और यूक्रेन-रूस में ख़ूनी जंग कब तक

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की

इज़रायली सैनिकों ने क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में एक 12 वर्षीय लड़के की हत्या की

गाज़ा के स्थानीय लोगों का सवाल, ‘हम कहां जाएं?’

गाज़ा पर इज़रायल के हमले में 36 लोगों की मौत

इज़रायल का क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों के घरों को ध्वस्त करने का सिलसिला बढ़ाः यूएन

फ़िलिस्तीनी भूमि पर इज़रायल का अवैध क़ब्ज़ा और तोड़ फोड़ जारी

इज़रायली सेना द्वारा 15 वर्षीय किशोर की हत्या "अंतरराष्ट्रीय क़ानून का घोर उल्लंघन" है : संयुक्त राष्ट्र


बाकी खबरें

  • BJP Manifesto
    रवि शंकर दुबे
    भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
    08 Feb 2022
    पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो…
  • postal ballot
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: बिगड़ते राजनीतिक मौसम को भाजपा पोस्टल बैलट से संभालने के जुगाड़ में
    08 Feb 2022
    इस चुनाव में पोस्टल बैलट में बड़े पैमाने के हेर फेर को लेकर लोग आशंकित हैं। बताते हैं नजदीकी लड़ाई वाली बिहार की कई सीटों पर पोस्टल बैलट के बहाने फैसला बदल दिया गया था और अंततः NDA सरकार बनने में उसकी…
  • bonda tribe
    श्याम सुंदर
    स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व
    08 Feb 2022
    पहाड़ी बोंडाओं की संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने की चिंता में डूबे लोगों को इतिहास और अनुभव से सीखने की ज़रूरत है। भाषा वही बचती है जिसे बोलने वाले लोग बचते हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि अगर पहाड़ी…
  • Russia China
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस के लिए गेम चेंजर है चीन का समर्थन 
    08 Feb 2022
    वास्तव में मॉस्को के लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखता है, वह यह कि पेइचिंग उसके विरुद्ध लगने वाले पश्चिम के कठोर प्रतिबंधों के दुष्प्रभावों को कई तरीकों से कम कर सकता है। 
  • Bihar Medicine
    एम.ओबैद
    बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली
    08 Feb 2022
    मुंगेर के सदर अस्पताल में एक्सपायर दवाईयों को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है, जहां अस्पताल परिसर के बगल में स्थित स्टोर रूम में करीब 50 लाख रूपये से अधिक की कीमत की दवा फेंकी हुई पाई गई है, जो सड़ी-…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License