NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
एक्टिविस्ट की मौत के बाद पीए के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनियों का प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन जारी
फ़िलिस्तीनी पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन को कवर करने के दौरान पीए सुरक्षा बलों द्वारा हमला करने और उन्हें डराने-धमकाने के विरोध में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
पीपल्स डिस्पैच
29 Jun 2021
एक्टिविस्ट की मौत के बाद पीए के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनियों का प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन जारी

राजनीतिक और भ्रष्टाचार विरोधी एक्टिविस्ट और फिलीस्तीनी अथॉरिटी (पीए) के आलोचक निजार बनात की मौत के बाद फिलीस्तीनी अथॉरिटी के दमन और अपने ही लोगों के खिलाफ उत्पीड़न को लेकर सोमवार 28 जून को लगातार पांचवें दिन हजारों फिलिस्तीनियों ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

सादे कपड़ों में तैनात फिलिस्तीनी पुलिस अधिकारियों और दंगा रोधी दस्ते ने प्रदर्शन पर हिंसक कार्रवाई की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, स्टन ग्रेनेड, डंडों और पत्थरों से हमला किया। रामल्ला, बेथलहम, हेब्रोन के साथ-साथ अल-बिरेह जैसे कई छोटे शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। स्थानीय मेडिकल सूत्रों ने कहा है कि पिछले पांच दिनों में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के चलते करीब 20 लोग घायल हो गए हैं।

पिछले पांच दिनों से प्रदर्शनकारियों ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के इस्तीफे की मांग उठाई है। प्रदर्शनकारियों ने बनात की मौत के साथ-साथ फिलिस्तीनी सरकार के व्यापक दमनकारी और तानाशाही व्यवहार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है। प्रदर्शनकारियों को फिलिस्तीनी झंडे, बनात के चित्र वाले बैनर लहराते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान वे पीए के खिलाफ नारे लगाते रहे जैसे "लोग इस शासन को उखाड़ फेंकना चाहते हैं", "अब्बास इस्तीफा दो!" साथ ही बनात को याद करते हुए नारे लगाए जैसे "आपका खून बेकार नहीं जाएगा"।

उन्होंने मांग की कि सरकार बनात की मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करे और उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाए। पीए के समर्थकों द्वारा कुछ जवाबी रैलियां भी आयोजित की गई हैं, जिसमें शामिल होने वाले प्रदर्शनकारियों ने लाउडस्पीकरों पर देशभक्ति के गीत बजाए और अब्बास की सत्तारूढ़ फतह पार्टी के झंडे लहराए।

सुरक्षा बलों और दंगा पुलिस ने कथित तौर पर पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को उनके काम में हस्तक्षेप करते और उन्हें रोकते हुए धमकी दी, उनके साथ मारपीट की और उन पर हमला किया।

बाद में, पैलेस्टिनियन जॉर्नलिस्ट्स सिंडिकेट से जुड़े पत्रकार रामल्ला में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए और मांग की कि अंतर्राष्ट्रीय संस्था उनकी रक्षा के लिए हस्तक्षेप करे और फिलिस्तीन में प्रेस की स्वतंत्रता की गारंटी दे

Palestine
Palestinian Journalists
Palestinian Journalists Protest

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की

फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ नई बसाहटों वाले इज़रायलियों द्वारा 451 हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया


बाकी खबरें

  • Antony Blinken
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस को अमेरिकी जवाब देने में ब्लिंकन देरी कर रहे हैं
    21 Jan 2022
    रूस की सुरक्षा गारंटी देने की मांगों पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही अमेरिकी कूटनीति तेज हो गई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के क़रीब साढ़े तीन लाख नए मामले सामने आए
    21 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के साढ़े तीन लाख के क़रीब यानी 3,47,254 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 5.23 फ़ीसदी यानी 20 लाख 18 हज़ार 825 हो गयी है।
  • jute mill
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    बंगाल : जूट मिल बंद होने से क़रीब एक लाख मज़दूर होंगे प्रभावित
    21 Jan 2022
    नौ प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हस्तक्षेप की मांग की है।
  • online education
    सतीश भारतीय
    ऑनलाइन शिक्षा में विभिन्न समस्याओं से जूझते विद्यार्थियों का बयान
    21 Jan 2022
    मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट ज्ञात हो रहा है कि इस वक्त ऑनलाइन शिक्षा एक औपचारिकता के रूप में विद्यमान है। सरकार ने धरातलीय हकीकत जाने बगैर ऑनलाइन शिक्षा कोरोना…
  • Ukraine
    न्यूज़क्लिक टीम
    पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद
    20 Jan 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबु धाबी पर किये ड्रोन हमले की असल कहानी पर प्रकाश डाला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License