NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने की संसदीय समिति ने पैरवी की
मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने के चुनाव आयोग के अभियान के तहत लगभग 31 करोड़ मतदाता पहचान पत्रों को आधार से जोड़ा जा चुका है। 
भाषा
06 Mar 2020
Voter ID Aadhaar

दिल्ली: एक संसदीय समिति ने एक ही मतदाता के अलग अलग स्थानों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज होने सहित अन्य प्रकार की गड़बड़ियों को रोकने के लिए मतदाता पहचान पत्र को आधार कार्ड से जोड़ने की पैरवी की है। 

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग पिछले कुछ सालों से इस अभियान को आगे बढ़ा रहा हैं। 

कार्मिक, जनशिकायत और विधि एवं न्याय मंत्रालय से संबंधित स्थायी समिति की शुक्रवार को संसद में पेश रिपोर्ट में मतदाता सूची की गड़बड़ी को रोकने के लिए मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने के विकल्प पर सहमति जताई गई है। 

राज्य सभा सदस्य भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा, ‘‘स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र का मजबूत आधार और संविधान के मौलिक ढांचे का हिस्सा है। वहीं, गड़बड़ी रहित मतदाता सूची स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का मूल आधार है।’’

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इसके मद्देनजर समिति इस बात की पैरवी करती है कि आधार कार्ड से मतदाता पहचान पत्र को जोड़ने से एक ही मतदाता का कई मतदाता सूचियों में नाम दर्ज होने जैसी समस्याओं से बचा जा सकेगा।’’ 

समिति ने कहा कि किसी मतदाता के निवास का पता बदलने के कारण नये पते से संबंद्ध मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के अलावा पिछले पते से संबद्ध सूची में भी उसका नाम नहीं हटने के कारण इस तरह के दोहराव की समस्या सामने आती है। इसे देखते हुये समिति ने सिफारिश की है कि सरकार आधार कार्ड से मतदाता पहचान पत्र को जोड़ने की दिशा में कारगर कदम उठा सकती है जिससे मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सके, यह लोकतंत्र के हित में भी होगा।

ज्ञात हो कि मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने के चुनाव आयोग के अभियान के तहत लगभग 31 करोड़ मतदाता पहचान पत्रों को आधार से जोड़ा जा चुका है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार देश में पंजीकृत कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 91 करोड़ है। 

समिति ने ईवीएम से मतदान की पुष्टि के लिये इसे वीवीपेट से जोड़ने को सराहनीय पहल बताते हुये कहा कि इससे पारदर्शी मतदान प्रक्रिया के प्रति मतदाताओं का विश्वास बढ़ा है। समिति ने कहा कि ईवीएम के बजाय मतपत्र से मतदान कराने की मांग को उच्चतम न्यायालय ने भी नहीं स्वीकार किया है। 

समिति ने कहा कि मतपत्र के दौर में मतदान केन्द्रों की लूट और फर्जी मतदान की समस्या अब ईवीएम के कारण अतीत का हिस्सा बन गई है। इसके मद्देनजर समिति ने विधायिका की तर्ज पर स्थानीय निकायों के चुनाव में भी वीवीपेट युक्त ईवीएम से मतदान कराने की सिफारिश की है।  

समिति ने तीन स्तरीय चुनाव प्रणाली के तहत लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव में उम्मीदवारों की योग्यता के मानक एक समान होने के आधार पर एक ही मतदाता सूची बनाने का सुझाव दिया है। 

उल्लेखनीय है कि मौजूदा व्यवस्था में राज्य चुनाव आयोग स्थानीय चुनाव संपन्न कराते हैं और इसके लिये अलग मतदाता सूची बनती है। 

आयोग ने कहा कि एक ही मतदाता सूची होने से न सिर्फ समय और संसाधनों की बचत होगी बल्कि मतदाताओें के मन में व्याप्त भ्रम को भी दूर किया जा सकेगा। 

Parliamentary committee
Voter ID
Aadhar card

Related Stories

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

आधार को मतदाता सूची से जोड़ने पर नियम जल्द जारी हो सकते हैं : मुख्य निर्वाचन आयुक्त

कैसे भारतीय माताओं के लिए निर्धारित 84,000 करोड़ रुपयों से उन्हें वंचित रखा गया

वोटर आईडी और आधार लिंकिंग : वोट कब्ज़ाने का नया हथियार!

खोज ख़बरः गुप्त मतदान और लोकतंत्र पर हमला है आधार को वोटर i-card से जोड़ने वाला क़ानून

चुनाव सुधार बिल दोनों सदनों में पास, विपक्ष ने उठाया निजता के अधिकार का सवाल

संसदीय समिति ने ट्विटर से कहा: देश का कानून सर्वोपरि, आपकी नीति नहीं

संसदीय समिति ने हाथों से मैला ढोने वालों के लिये बेहतर रोज़गार के अवसर पर ज़ोर दिया

आधार कानून में निजी कंपनियों को जोड़ने के मामले में केंद्र से जवाब तलब

आधार संशोधन विधेयक को मंत्रिमंडल की मंजूरी, संसद के अगले सत्र में होगा पेश


बाकी खबरें

  • sudan
    पीपल्स डिस्पैच
    सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल
    17 Feb 2022
    इजिप्ट इस तख़्तापलट में सैन्य शासन का समर्थन कर रहा है। ऐसे में नागरिक प्रतिरोधक समितियों ने दोनों देशों की सीमाओं पर कम से कम 15 जगह बैरिकेडिंग की है, ताकि व्यापार रोका जा सके।
  • muslim
    नीलांजन मुखोपाध्याय
    मोदी जी, क्या आपने मुस्लिम महिलाओं से इसी सुरक्षा का वादा किया था?
    17 Feb 2022
    तीन तलाक के बारे में ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना, तब, जब मुस्लिम महिलाओं को उनकी पारंपरिक पोशाक के एक हिस्से को सार्वजनिक चकाचौंध में उतारने पर मजबूर किया जा रहा है, यह न केवल लिंग, बल्कि धार्मिक पहचान पर भी…
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब चुनाव में दलित-फैक्टर, सबको याद आये रैदास
    16 Feb 2022
    पंजाब के चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी पार्टियों के शीर्ष नेता बुधवार को संत रैदास के स्मृति स्थलों पर देखे गये. रैदास को चुनावी माहौल में याद करना जरूरी लगा क्योंकि पंजाब में 32 फीसदी…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: मोदी की ‘आएंगे तो योगी ही’ से अलग नितिन गडकरी की लाइन
    16 Feb 2022
    अभी तय नहीं कौन आएंगे और कौन जाएंगे लेकिन ‘आएंगे तो योगी ही’ के नारों से लबरेज़ योगी और यूपी बीजेपी के समर्थकों को कहीं निराश न होना पड़ा जाए, क्योंकि नितिन गडकरी के बयान ने कई कयासों को जन्म दे दिया…
  • press freedom
    कृष्ण सिंह
    ‘दिशा-निर्देश 2022’: पत्रकारों की स्वतंत्र आवाज़ को दबाने का नया हथियार!
    16 Feb 2022
    दरअसल जो शर्तें पीआईबी मान्यता के लिए जोड़ी गई हैं वे भारतीय मीडिया पर दूरगामी असर डालने वाली हैं। यह सिर्फ किसी पत्रकार की मान्यता स्थगित और रद्द होने तक ही सीमित नहीं रहने वाला, यह मीडिया में हर उस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License