NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पेरू के स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल ने तीसरे सप्ताह में प्रवेश किया
13 जनवरी से विभिन्न यूनियनों के हेल्थकेयर पेशेवर सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अधिक बजट की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन राष्ट्रीय हड़ताल कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
28 Jan 2021
पेरू के स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल ने तीसरे सप्ताह में प्रवेश किया

राजधानी लीमा में अर्थव्यवस्था एवं वित्त मंत्रालय के मुख्यालय के सामने विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों द्वारा बुलाए गए राष्ट्रीय हड़ताल के लिए धरने पर बैठे हुए 27 जनवरी को 15 दिन हो गए। उन्होंने अपनी कई मांगों में से एक सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन में वृद्धि को लेकर 18 जनवरी को पेश किए गए बिल का जवाब देने के लिए अनुरोध करने को लेकर आर्थिक मंत्री वाल्डो मेंडोज़ा से मिलने की मांग की।

13 जनवरी से दर्जनों हेल्थ वर्कर्स यूनियन के हजारों डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों ने अनिश्चितकालीन राष्ट्रीय हड़ताल की है। वे 2021 में सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अधिक बजट की मांग कर रहे हैं और COVID-19 महामारी से जूझ रहे उन सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बेहतर काम करने की स्थिति की मांग कर हैं। पेरूवियन मेडिकल फेडरेशन (एफएमपी) द्वारा इस हड़ताल का आह्वान किया गया था।

एक साल पहले जनवरी 2020 में किया जाने वाले नए वेतनमान के तीसरे और चौथे चरण के स्वीकृति के अलावा स्वास्थ्य कर्मचारियों की यूनियनें मांग कर रही हैं कि सरकार स्वास्थ्य बजट जीडीपी का 2.4% से बढ़ाकर 6% करे। उनकी मांगों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए नियुक्ति, स्वत: पदोन्नति, पेशे में परिवर्तन को लेकर रेस्पेक्ट लॉ 31039; तृतीय श्रेणी और सीएएस (संविदात्मक) स्वास्थ्य कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान; सभी स्वास्थ्य कर्मियों को पूरक घंटे और COVID-19 बोनस का पूरा भुगतान जो अक्टूबर 2020 से नहीं दिया गया है; अच्छी गुणवत्ता वाली पीपीई किट, N95 मास्क और हर 15 दिनों में सभी कर्मचारियों के लिए तेजी से जांच; और किसी भी संविदा या तृतीय श्रेणी के स्वास्थ्य कर्मचारियों की बर्खास्तगी को रोकने की मांगें शामिल हैं।

वर्तमान में पेरू में कोरोनवायरस के प्रकोप की एक अन्य लहर देखी जा रही है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं ध्वस्त होने के कगार पर हैं। लीमा और कलाओ में निजी और सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बेड के 100% भरे हुए हैं। 26 जनवरी को राष्ट्रपति फ्रांसिस्को सगस्ती ने इस प्रसार को रोकने के उद्देश्य से लीमा और कलाओ सहित देश के 10 क्षेत्रों के लिए "एब्सोल्यूट क्वारंटीन" का आदेश दिया है। ये नियम 31 जनवरी से 14 फरवरी तक लागू रहेगा।

Peru
Health Workers Strike
COVID-19
Peruvian Medical Federation

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

देशभर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षण संस्थानों को दोबारा से चालू करने की मांग 


बाकी खबरें

  • Ukraine
    स्टुअर्ट ब्राउन
    यूक्रेन: एक परमाणु संपन्न राज्य में युद्ध के खतरे
    03 Mar 2022
    यूक्रेन के ऊपर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध का खतरा वास्तविक बन गया है। लेकिन क्या होगा यदि देश के 15 परमाणु उर्जा रिएक्टरों में से एक भी यदि गोलीबारी की चपेट में आ जाए?
  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License