NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया में राजनीतिक हत्याएं चरम पर, इस साल अब तक 56 नेताओं की हुई हत्या
रविवार को हुए दोहरे हत्याकांड में किसान नेता की पुष्टि होने के बाद इस वर्ष मरने वालों की संख्या गत वर्षों की तुलना में काफी अधिक हो गई।
पीपल्स डिस्पैच
19 Feb 2020
KOL
शांति विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारी अपने हाथ में तख्तियां लिए हैं जिस पर लिखा है "और कोई न मरे"। (फोटो: सेमाना)

नेशनल यूनिट्री एग्रीकल्चरल फेडरेशन ने 18 फरवरी को पुष्टि किया था कि रविवार को हुई हत्या के शिकार किसान नेता थे। मारे गए सामाजिक नेताओं की संख्या 46 हो गई है। टेलीसुर के अनुसार इस साल रिवॉल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया ( एफएआरसी) के 10 सदस्य मारे गए हैं।

नेशनल यूनिट्री एग्रीकल्चरल फेडरेशन के एक प्रतिनिधि देविन हुर्ताडो ने पुष्टि की कि इस संगठन ने रविवार को दो हत्या किए गए दो लोगों की पहचान सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार अधिवक्ता के रुप में की है। ये अलबेइरो और लुइस ह्यूगो सिल्वा मोस्क्वेरा दोनों भाई हैं। इन दोनों पर कौका के दक्षिणी प्रांत के एक सामुदायिक क्लिनिक में कथित तौर पर हथियारबंद छह लोगों द्वारा हमला किया गया था जब वे स्थानीय लोगों से मिलने जा रहे थे।

इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए जिनमें से एक की मौत सामुदायिक क्लिनिक में हो गई और दूसरे की मौत अस्पताल ले जाते समय हो गई। इस हमले में एक गार्ड भी घायल हो गया।

टेलीसुर के अनुसार हुर्ताडो ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि "न केवल एक परिवार शोक में है बल्कि संपूर्ण समुदाय ही उनकी मौत पर गमगीन है जिन्होंने अपने क्षेत्र के संरक्षण और कल्याण में सक्रिय रूप से भाग लिया है।"

एसोसिएशन ऑफ इंडीजीनस म्युनिसिपैलिटीज जिसने इस हमले और हत्या को सबसे पहले उजागर किया था उसने इस क्षेत्र में बढ़ती हिंसा को लेकर चिंता जताई है। उसने कहा है कि ये घटना एक अन्य प्रमुख स्थानीय नेता की हत्या के एक दिन के भीतर हुआ है।

इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज (आईएनडीईपीएजेड) के अनुसार, जब से कोलम्बियाई सरकार और एफएआरसी ने नवंबर 2016 में शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं तब से 630 सामाजिक कार्यकर्ता और नेता राजनीतिक हिंसा की विभिन्न घटनाओं में मारे गए हैं।


 



 


 

 

 

 

 

Political murders in Colombia
colombia
Revolutionary Armed Forces of Colombia
National Unitary Agricultural Federation

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी

कोलंबिया में चुनाव : बदलाव की संभावना और चुनावी गारंटी की कमी

कोलंबिया में साल 2021 का 91वां नरसंहार दर्ज

कोलंबिया की नेशनल स्ट्राइक कमेटी ने प्रदर्शन का आह्वान किया

यदि मैं संघर्ष करते हुए गिर जाऊँ, तो मेरी जगह ले लेना

कोलंबियाई नेता अपने हाथ देश के श्रमिक वर्ग के खून से रंगना चाहते हैं

कोलंबिया में सामाजिक कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही हत्या

कोलंबिया में फिर राष्ट्रीय हड़ताल

कोलंबिया के लोग संकट और हिंसा को लेकर सड़कों पर उतरे


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License