NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
हैक्टिविस्टों के भर्ती के आरोपी असांज के ख़िलाफ़ अमेरिका में दूसरे अभियोग की तैयारी
विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज एनोनिमस और लुल्जसेक जैसे अन्य समूहों में भर्ती करने के आरोपों के मामले में नए अभियोग का सामना करेंगे।
पीपल्स डिस्पैच
25 Jun 2020
हैक्टिविस्टों के भर्ती के आरोपी असांज के ख़िलाफ़ अमेरिका में दूसरे अभियोग की तैयारी
जूलियन असांज ने ब्रिटिश की एक अदालत में एक कांच के पीछे अपनी प्रत्यर्पण सुनवाई में भाग लिया। (फोटो: एनोनिमस स्कैंडेनेविया वाया ग्रेज़ोन)

अमेरिकी सरकार ने बुधवार 24 जून को घोषणा की कि जूलियन असांज पर दूसरी बार एक फेडरल ग्रांड जूरी द्वारा अभियोग शुरु किया जाएगा। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन में अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति में इस अभियोग की घोषणा की गई थी। ये विभाग असांजे के ख़िलाफ़ इस मामले को देख रहा है।

अभियोग के दूसरे दौर में विकिलिक्स के संस्थापक को हैकटिविस्ट समूहों के साथ "हायर्ड" (भर्ती करने) और "कॉन्सपायर्ड" (साजिश करने) के आरोपों का सामना करना पड़ेगा जिसमें एनोनिमस, लुल्जसेक और "ऑस्ट्रेलिया में एक प्रख्यात किशोर हैकर" शामिल हैं। नए अभियोग में असांजे के ख़िलाफ़ आरोप नहीं जोड़े जाएंगे क्योंकि वे पहले से ही संघीय गोपनीयता कानूनों के उल्लंघन के 18 आरोपों का सामना कर रहे हैं। लेकिन डीओजे प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ये आरोप मौजूदा आरोपों के "दायरे को व्यापक" करेगा।

डीओजे ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में असांज द्वारा दिए गए पिछले बयानों का हवाला दिया जिसमें 2009 में नीदरलैंड में आयोजित हैक्टिविस्ट का कॉन्फ्रेंस शामिल है जिसे हैकिंग एट रैंडम कहा गया था। वहां असांज ने एक सत्र आयोजित किया जहां उन्होंने अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च कमेटी से कुछ अवर्गीकृत लेकिन गैर-सार्वजनिक दस्तावेज़ों को प्राप्त करने का तरीका दिखाया जो अपने आप में अवैध नहीं था।

डीओजे ने यह भी दावा किया कि असांज ने 2012 में बिना नाम के लक्ष्य की एक सूची के साथ लुल्ज़सेक और एनोनिमस और अन्य संबद्ध हैकर्स की सर्विस हासिल करने की कोशिश की थी। इसने यह भी आरोप लगाया कि असांजे ने 2010 में एक अनाम नाटो देश के सरकारी कंप्यूटरों तक पहुंच बना ली थी।

असांज के वकीलों और समर्थकों ने अमेरिकी सरकार द्वारा नए अभियोग को लेकर प्रहार किया है। असांजे की ओर से लड़ रहे अमेरिका के एक वकील बैरी पोलाक ने एक बयान में कहा कि "जूलियन असांज के पीछे सरकार की निरंतर परे रहने से हर जगह जनता के जानने का अधिकार और पत्रकारों के लिए गंभीर ख़तरा पैदा होता।"

स्वतंत्र पत्रकार ग्लेन ग्रीनवल्ड ने भी इस अभियोग को यह कहकर निंदा की है कि "अमेरिकी वार क्राइम्स (युद्ध अपराधों) को उजागर करने वाले वर्गीकृत दस्तावेजों को प्रकाशित करने के लिए अपने स्रोत के साथ काम करने के लिए जूलियन असांज को क़ैद करने का प्रयास 2016 के बाद से प्रेस की स्वतंत्रता के लिए सबसे बड़ा अमेरिकी ख़तरा है।"

असांज फिलहाल अप्रैल 2019 के बाद से यूनाइटेड किंगडम में अधिक सुरक्षा जेल में बंद हैं जहां उन्हें अमेरिकी प्रत्यर्पण अनुरोध पर उनके ट्रायल की अवधि के लिए न्यायिक हिरासत के तहत रखा जा रहा है। वह एस्पियोनेज एक्ट और कंप्यूटर फ्रॉड एब्यूज एक्ट के तहत 18 आरोपों के लिए एक संघीय अभियोजन का सामना करने वाले भी है जो कुल मिलाकर अधिकतम 175 साल जेल की सजा हैं।

America
Julian Assange
Donand Trump
US Department of Justice

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License