NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राज्यसभा से वापस लिया गया स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध संशोधन विधेयक
दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध संशोधन विधेयक, 2012 वापस लिए जाने का प्रस्ताव किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
भाषा
26 Jul 2021
स्मृति ईरानी

नयी दिल्ली: सरकार ने स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध संशोधन विधेयक (THE INDECENT REPRESENTATION OF WOMEN (PROHIBITION) ACT) सोमवार को राज्यसभा से वापस ले लिया।

दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध संशोधन विधेयक, 2012 वापस लिए जाने का प्रस्ताव किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

उस समय सदन में विपक्षी सदस्य विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहे थे और कुछ सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी कर रहे थे।

यह विधेयक 2012 में संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था और इसमें मूल कानून स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1986 में संशोधन तथा उसके दायरे में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया था।

सरकार ने विज्ञापनों, चित्रों सहित विभिन्न तरीकों से महिलाओं के अशिष्ट चित्रण पर रोक लगाने के लिए स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1986 को लागू किया था।

 

Rajya Sabha
smriti irani

Related Stories

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

स्मृ‍ति ईरानी से सवाल पूछना कब से गुनाह हो गया?

सात बिंदुओं से जानिए ‘द क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन बिल’ का क्यों हो रहा है विरोध?

संसद अपडेट: लोकसभा में मतविभाजन के जरिये ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक’ पेश, राज्यसभा में उठा महंगाई का मुद्दा

'आप’ से राज्यसभा सीट के लिए नामांकित राघव चड्ढा ने दिल्ली विधानसभा से दिया इस्तीफा

राज्यसभा चुनाव: ‘आप’ ने हरभजन सिंह, राघव चड्ढा सहित पांच लोगों को बनाया उम्मीदवार

भारत की मिसाइल प्रणाली अत्यंत सुरक्षित : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है


बाकी खबरें

  • नेफ़्ताली बेनेट
    पीपल्स डिस्पैच
    नेफ़्ताली बेनेट इज़रायल के नए प्रधानमंत्री बने
    14 Jun 2021
    हफ़्तों की अटकलों और अनिश्चितता को समाप्त करते हुए नई सरकार को इज़रायल की संसद में रविवार को हुए मतदान में 59 के मुक़ाबले 60 का मामूली बहुमत मिला।
  • परिवार सहित अमित जेठवा की पुरानी तस्वीर 
    दमयन्ती धर
    अमित जेठवा हत्या मामले के मुख्य गवाह ने बेटे के अपहरण मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की
    14 Jun 2021
    हाई प्रोफाइल अमित जेठवा हत्या मामले के मुख्य गवाह, धर्मेन्द्रगिरी बालुगिरी गोस्वामी को 2018 में उनके बेटे के अपहरण के बाद अपने बयान से मुकरने के लिये मजबूर होना पड़ा था।
  • सरकार की आलोचना करने वाले सज़ा के नहीं, सुरक्षा के हक़दार हैं
    कृष्ण झा
    सरकार की आलोचना करने वाले सज़ा के नहीं, सुरक्षा के हक़दार हैं
    14 Jun 2021
    सच सामने लाने की वजह से पत्रकारों पर राजद्रोह का मुक़दमा दायर किए जाने का ख़तरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
  • उत्तराखंड: “लिविंग विद् लैपर्ड” या फिर “डाइंग विद् लैपर्ड”
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: “लिविंग विद् लैपर्ड” या फिर “डाइंग विद् लैपर्ड”
    14 Jun 2021
    उत्तराखंड में भी बहस तेज़ है कि गुलदार के साथ जियें या गुलदार के साथ मारे जाएं। राज्य में गुलदार के बढ़ते हमले और गुलदार पर बढ़ते हमले, दोनों ही चिंता का विषय हैं।
  • इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत की पैरवी भाजपा के ख़िलाफ़ है- क्या दिग्विजय सिंह नहीं जानते?
    सत्यम श्रीवास्तव
    इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत की पैरवी भाजपा के ख़िलाफ़ है- क्या दिग्विजय सिंह नहीं जानते?
    14 Jun 2021
    अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने की संवैधानिकता से जुड़े सवाल देश के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष हैं। सर्वोच्च अदालत ने इन प्रश्नों कि ख़ारिज नहीं किया है बल्कि इन्हें सुनवाई योग्य माना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License