NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कपड़ा उद्योग के कर्मचारी से रेप के विरोध में बांग्लादेश में प्रदर्शन तेज़
कर्मचारियों ने आशुलिया में एक साथी से बलात्कार के ख़िलाफ़ ढाका में विरोध प्रदर्शन किया। इन्होंने दोषियों के लिए "सख्त सजा" की मांग की है। इन कर्मचारियों ने कपड़ा उद्योग के भीतर और बाहर श्रमिकों द्वारा भेदभाव का सामने करने वाले मामले को भी उजागर किया है।
पीपल्स डिस्पैच
20 Jan 2020
bangladesh
शुक्रवार को ढाका में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पिछले सप्ताह आशुलिया में एक साथी कर्मचारी के साथ बलात्कार किए जाने के बाद कपड़ा उद्योग से जुड़े कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने देश के कपड़ा उद्योग में भेदभाव और लापरवाही को लेकर नारे लगाए और बलात्कार की घटना में शामिल दोषियों के लिए "सख़्त सजा" की मांग की। कपड़ा कर्मचारियों की दुर्दशा को उजागर करने के लिए हज़ारों लोग कार्रवाई के ख़तरे के बावजूद पिछले साल सड़क पर उतर आए।

शुक्रवार को मानव श्रृंखला बनाते हुए बांग्लादेश गारमेंट्स श्रमिक संघटी के सदस्यों ने जटिया प्रेस क्लब के पास प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने ढाका विश्वविद्यालय में छात्रा से बलात्कार की घटना सहित देश में महिलाओं के ख़िलाफ़ अत्याचार की बढ़ती घटनाओं के ख़िलाफ़ विरोध किया।

14 जनवरी को कपड़ा उद्योग एक कर्मचारी (22 वर्षीय) का उसके मकान मालिक और तीन अन्य लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार किया गया था। मकान मालिक और अन्य लोगों ने इस कुकृत्य को तब जब पीड़िता और उसका पति घर का किराया नहीं दे पाया था। यह घटना सावर के अशुलिया में हुई जो ढाका के बाहरी इलाके में पड़ता है। हालांकि, अशुलिया पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने 45 वर्षीय घर के मालिक को गिरफ्तार कर लिया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है,देश में बढ़ती बलात्कार की घटनाएं मुख्य रूप से दंड न मिलने के कारण होती हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "अपराधियों को अमानवीय अपराधों को रोकने के लिए सख़्त दंड दिया जाना चाहिए।" पीपल्स डिस्पैच से बात करते हुए श्रमिक संघ की प्रमुख तस्लीमा अख्तर ने स्वीकार किया: "न केवल अपराधी, बल्कि सरकार, प्रशासन और क़ानून के रखवाले भी ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि वे उन्हें रोकने में विफल हैं। घटनाओं को रोकना उनका कर्तव्य है।"

पिछले साल जनवरी में बांग्लादेश के 4,500 कारखानों में से 50,000 कपड़ा श्रमिक बेहतर मज़दूरी की मांग करते हुए काम छोड़ कर चले गए। 8 जनवरी 2019 को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने रबर की गोलियां चलाई और आंसू गैस के गोले छोड़े जिससे एक श्रमिक की मौत हो गई और लगभग 50 लोग घायल हो गए। सरकार द्वारा श्रमिकों पर कार्रवाई किए जाने के बाद ये प्रदर्शन एक हफ्ते तक चला। वेतन बढ़ाने की मांग करने वाले इस प्रदर्शन में शामिल होने पर कंपनियों ने कार्रवाई करते हुए 11,600 से अधिक श्रमिकों को निकाल दिया। हड़ताल के दौरान और बाद में हज़ारों कर्मचारियों को कार्रवाई करते हुए उनको नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।

हालांकि, देश के भीतर श्रमिकों को मिल रहे समर्थन ने बांग्लादेश सरकार को कई वेतन ग्रेडों में मज़दूरी बढ़ाने के लिए मजबूर किया। इस बीच, श्रम संघों और गैर-सरकारी संगठनों के सबसे बड़े संगठन क्लीन क्लॉथ कैम्पेन (सीसीसी) के अनुसार "राजनीति से प्रेरित बर्खास्तगी, ब्लैकलिस्टिंग और आपराधिक आरोपों" के साथ बर्खास्त किए गए हज़ारों कर्मचारी काम से दूर रहे। 

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Bangladesh
Textile industry
rape case
Rape in Dhaka
Dhaka University
CCC
Clean Cloth Campaign
NGO

Related Stories

बच्चों की गुमशुदगी के मामले बढ़े, गैर-सरकारी संगठनों ने सतर्कता बढ़ाने की मांग की

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप

महाराष्ट्र: 6 महीने में 400 लोगों ने किया नाबालिग का कथित दुष्कर्म, प्रशासन पर उठे सवाल!

बिहारः नाबालिग लड़की से गैंगरेप, एक आरोपी हिरासत में


बाकी खबरें

  • नए शौचालय बनाने से पहले पुराने शौचालयों की कार्यक्षमता और सफ़ाई कर्मियों की दशा दुरुस्त करने की ज़रूरत
    मोहित यादव, आशुतोष रंगा
    नए शौचालय बनाने से पहले पुराने शौचालयों की कार्यक्षमता और सफ़ाई कर्मियों की दशा दुरुस्त करने की ज़रूरत
    05 Jul 2021
    नए सूखे शौचालय भारत में ख़राब स्वच्छता व्यवस्था के बुनियादी ढांचों और साफ-सुथरे शौचालयों की बदतर हालत का भी एक नतीजा हैं। 
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 39,796 नए मामले, 723 मरीज़ों की मौत
    05 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 39,796 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.57 फ़ीसदी यानी 4 लाख 82 हज़ार 71 हो गयी है।
  • खाद्य सामग्री की ऊंची क़ीमतें परिवारों के पोषण को तबाह कर रही हैं
    सुबोध वर्मा
    खाद्य सामग्री की ऊंची क़ीमतें परिवारों के पोषण को तबाह कर रही हैं
    05 Jul 2021
    प्रोटीन के बुनियादी स्रोत जैसे मांस, अंडे, दालें आम आदमी की पहुँच से बाहर हो गए हैं और रसोई गैस की क़ीमत की तरह खाना पकाने के तेल की क़ीमतों में भी बड़ा उछाल आया है। 
  • लेखक को भविष्य की उम्मीद दिखानी चाहिए
    न्यूज़क्लिक टीम
    लेखक को भविष्य की उम्मीद दिखानी चाहिए
    04 Jul 2021
    न्यूज़क्लिक की ख़ास पेशकश में वरिष्ठ कवि व राजनीतिक विश्लेषक अजय सिंह ने उपन्यासकार-गद्यकार गीता हरिहरन से उनके उपन्यास I have become the tide के बहाने मौजूदा दौर पर विस्तृत बातचीत की। अजय सिंह ने…
  • Economic Liberalisation: 30 साल में क्या बदला, क्या नहीं?
    न्यूज़क्लिक टीम
    Economic Liberalisation: 30 साल में क्या बदला, क्या नहीं?
    04 Jul 2021
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन 1991 Economic Liberalisation की बात कर रहे है. क्या है इसका इतिहास और इसे क्यों लागू किया गया था, आइये जानते हैं
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License