NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई और हिंसा को समाप्त करने की मांग करते हुए पश्चिमी पापुआ में विरोध प्रदर्शन
हाल ही में गिरफ़्तार किए गए एक्टिविस्टों की रिहाई की मांग करते हुए इंडोनेशिया के पश्चिमी पापुआ प्रांतों में बढ़ती हिंसा के बीच हुआ विरोध प्रदर्शन।
पीपल्स डिस्पैच
21 May 2021
राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई और हिंसा को समाप्त करने की मांग करते हुए पश्चिमी पापुआ में विरोध प्रदर्शन

इंडोनेशिया के पापुआन प्रांतों में सरकारी बलों और स्वतंत्रता-समर्थक विद्रोहियों के बीच बढ़ती हिंसा के बीच बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। राजनीतिक कैदियों की रिहाई और महीनों की हिंसा को समाप्त करने की मांग करते हुए इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में एकजुटता दिखाने वाले प्रदर्शनों के साथ साथ शुक्रवार 21 मई को पश्चिमी पापुआ के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए।

इंडोनेशियन नेशनल आर्म्ड फोर्सेस (टीएनआई) महीनों से वेस्टर्न पापुअन लिबरेशन आर्मी से जुड़े विद्रोहियों के साथ हिंसक संघर्ष में शामिल है। इस संघर्ष ने कथित तौर पर इस क्षेत्र में 50,000 से अधिक निवासियों को विस्थापित कर दिया है जिनमें ज्यादातर पापुआवासी और इस संघर्ष के चलते इस क्षेत्र में सेना की तैनाती बढ़ी है।

इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रपति जोको "जोकोवी" विडोडो की सरकार ने अतिरिक्त 500 सैनिकों की तैनाती की घोषणा की थी। लेकिन उग्रवाद विरोधी तैनाती के अलावा सुरक्षा बल और अधिकारी इस क्षेत्र में नागरिक समाज समूहों, चर्च समूहों और एक्टिविस्टों पर कार्रवाई कर रहे हैं।

हाल में और सबसे चर्चित गिरफ्तारी विक्टर यीमो की थी जिन्हें इस महीने की शुरुआत में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। किसी भी विद्रोही समूहों से यीमो सहित अन्य लोगों का संबंध न होने के बावजूद यीमो की गिरफ्तारी सरकार द्वारा फ्री पापुआ मूवमेंट (ओपीएम) से जुड़े कई एक्टिविस्टों और समूहों को "सशस्त्र आपराधिक समूहों" के रूप में बताने के बाद हुई।

इन्डोनेशियाई सरकार पर मीडिया से सूचना को प्रभावित करने का आरोप है जिनके पास कुछ महीनों से हिंसा, मरने वालों की संख्या और विस्थापन के बारे में गुप्त जानकारी है। एक इंडोनेशियाई वकील और मानवाधिकार अधिवक्ता वेरोनिका कोमन जो वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में निर्वासित जीवन जी रहे हैं उन्होंने कहा, "इंटरनेट और मोबाइल में बाधा डालकर, पत्रकारों के खिलाफ हमला कर सरकार किसी भी जानकारी को बाहर आने के मामले में एकाधिकार कायम कर रही है।" 

West Papua
Papuan protest
indonesia

Related Stories

पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है

सरकार की जीत की घोषणा के एक दिन बाद टिग्रे सैनिकों का संघर्ष फिर तेज़

इंडोनेशिया में "ऑम्निबस कानून" के हटने के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन, पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए गए सैकड़ों लोग

2019 के विरोध प्रदर्शन में शामिल पश्चिमी पापुआन के तीन क़ैदी "राजद्रोह" के दोषी

चिंता : दिल्ली के निज़ामुद्दीन में तबलीगी जमात के 24 लोग कोरोना संक्रमित

इन्डोनेशिया : बच्चों के सुधार और पुनर्वास की कोशिशें जारी


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License