NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
प्यूर्टो रिको ने गुबर्नेटोरियल इलेक्शन के साथ स्टेटहुड के लिए जनमत संग्रह किया
दक्षिणपंथी उम्मीदवार पेड्रो पियेरलुइसी सेंट्रिस्ट कार्लोस डेलगाडो पर गुबर्नेटोरियल दौड़ में 1% से भी कम वोटों के मामूली अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
04 Nov 2020
Puerto rico

संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के साथ-साथ कैरिबियाई द्वीप और एक असंबद्ध अमेरिकी क्षेत्र प्यूर्टो रीको ने 3 नवंबर को गुबर्नेटोरियल इलेक्शन और स्टेटहुड के लिए जनमत संग्रह किया।

91% वोटों की गिनती के साथ प्रो-स्टेटहुड न्यू प्रोग्रेसिव पार्टी (पीएनपी) के पेड्रो पियेरलुइसी 32% वोटों के साथ गुबर्नेटोरियल दौड़ में मामूली बढ़त बनाए हुए हैं। दूसरे स्थान पर 31% वोटों के साथ पॉपुलर डेमोक्रेटिक पार्टी (पीपीडी) के कार्लोस डेलगाडो हैं जो मौजूदा क्षेत्रीय दर्जे का समर्थन करते हैं।

मामूली अंतर के बावजूद पियेरलुइसी ने गत देर रात अपनी जीत का जश्न मनाया जबकि डेलगाडो ने कहा कि वह अंतिम परिणामों का इंतज़ार करेंगे। कुल मिलाकर 5उम्मीदवार राज्यपाल के पद के लिए मैदान में हैं।

इस बीच पीपीडी के अनिबल ऐसवेदो विला ने पीएनपी के जेनिफर गोंजालेज के ख़िलाफ़ यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में इस द्वीप के रेजिडेंट कमिश्नर के लिए दौड़ में अपनी हार मान ली है। जेनिफर ने इस चुनाव को जीत लिया और दूसरे चार वर्षीय कार्यकाल के लिए प्यूर्टो रिको के प्रतिनिधि के रुप में फिर मान्यता दी गई। ऐसवेदो विला को 32% वोट मिले, जबकि गोंजालेज ने 40% वोट हासिल किए।

स्टेटहुड के लिए जनमत संग्रह के बारे में जब प्यूर्टो रिकोवासी से पूछा गया कि क्या वे इस द्वीप को अमेरिका का राज्य बनाना चाहते हैं या स्वशासन के साथ एक क्षेत्र के रूप में जारी रखना चाहते हैं तो 30% गिने गए वोट में स्टेटहुड के लिए विकल्प 'हां' 54% वोटों के साथ आगे है।

यदि विकल्प 'हां' की जीत होती है तो प्यूर्टो रिको के गवर्नर स्टेटहुड की वार्ता में इस द्वीप का प्रतिनिधित्व करने के लिए सात व्यक्ति वाले आयोग का गठन करेंगे। अगर राज्यपाल ने इस योजना को स्वीकार कर लिया तो इसे अमेरिकी कांग्रेस और राष्ट्रपति के सामने पेश किया जाएगा। यदि प्यूर्टो रिकोवासी स्टेटहुड के ख़िलाफ़ मतदान करते हैं तो प्यूर्टो रिको की स्वतंत्रता या स्वाधीन संघ पर बातचीत करने के लिए ऐसा ही आयोग बनाया जाएगा।

प्यूर्टो रिको के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा अपने निवासियों को संवैधानिक अधिकारों की अनुमति देगा जो उनके पास नहीं हैं अर्थात अमेरिकी राष्ट्रपति और कांग्रेस के चुनावों में मतदान करने की क्षमता।

2.3 मिलियन से अधिक प्यूर्टो रिकोवासी इस चुनाव में मतदान करने के पात्र थे।

puerto rico
statehood in puerto rico
puerto rico government
USA

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

क्यों बाइडेन पश्चिम एशिया को अपनी तरफ़ नहीं कर पा रहे हैं?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

सऊदी अरब और चीन: अब सबसे अच्छे नए दोस्त?


बाकी खबरें

  • आज का कार्टून
    आम आदमी जाए तो कहाँ जाए!
    05 May 2022
    महंगाई की मार भी गज़ब होती है। अगर महंगाई को नियंत्रित न किया जाए तो मार आम आदमी पर पड़ती है और अगर महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश की जाए तब भी मार आम आदमी पर पड़ती है।
  • एस एन साहू 
    श्रम मुद्दों पर भारतीय इतिहास और संविधान सभा के परिप्रेक्ष्य
    05 May 2022
    प्रगतिशील तरीके से श्रम मुद्दों को उठाने का भारत का रिकॉर्ड मई दिवस 1 मई,1891 को अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में मनाए जाने की शुरूआत से पहले का है।
  • विजय विनीत
    मिड-डे मील में व्यवस्था के बाद कैंसर से जंग लड़ने वाले पूर्वांचल के जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल के साथ 'उम्मीदों की मौत'
    05 May 2022
    जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल की प्राण रक्षा के लिए न मोदी-योगी सरकार आगे आई और न ही नौकरशाही। नतीजा, पत्रकार पवन जायसवाल के मौत की चीख़ बनारस के एक निजी अस्पताल में गूंजी और आंसू बहकर सामने आई।
  • सुकुमार मुरलीधरन
    भारतीय मीडिया : बेड़ियों में जकड़ा और जासूसी का शिकार
    05 May 2022
    विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय मीडिया पर लागू किए जा रहे नागवार नये नियमों और ख़ासकर डिजिटल डोमेन में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और अवसरों की एक जांच-पड़ताल।
  • ज़ाहिद ख़ान
    नौशाद : जिनके संगीत में मिट्टी की सुगंध और ज़िंदगी की शक्ल थी
    05 May 2022
    नौशाद, हिंदी सिनेमा के ऐसे जगमगाते सितारे हैं, जो अपने संगीत से आज भी दिलों को मुनव्वर करते हैं। नौशाद की पुण्यतिथि पर पेश है उनके जीवन और काम से जुड़ी बातें।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License