NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
राफेल कोर्रीया की बहन इक्वाडोर के उप-राष्ट्रपति के लिए इनकी उम्मीदवारी को औपचारिक रुप देने की कोशिश करेंगी
इक्वाडोर में साल 2021 में होने वाले आम चुनावों में अपनी भागीदारी को औपचारिक रूप देने के लिए प्राइमरी चुनावों में चुने गए उम्मीदवारों के लिए आज आख़िरी दिन है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Sep 2020
rafael-correa

आज यानी 1 सितंबर को इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोर्रीया की बहन पियेरिना कोर्रीया अपने भाई की नोटरी पावर ऑफ अटॉर्नी को नेशनल इलेक्टोरल काउंसिल (सीएनई) के समक्ष इक्वाडोर के उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उनके नामांकन को स्वीकार करने की कोशिश करेंगी।

वामपंथी राजनीतिक दलों और सोशल मूवमेंट्स के एक नए गठबंधन यूनियन फॉर होप (यूएनईएस) में 23 अगस्त को हुए प्राथमिक चुनावों में राफेल कोर्रीया को अर्थशास्त्री एंड्रेस अराउज के रनिंग मेट के रूप में चुना गया था। हालांकि, अराउज़-कोर्रीया के राष्ट्रपति के लिए उम्मीदवारी प्राइमरी चुनाव से एक हफ्ते पहले यानी 18 अगस्त को यूएनईएस द्वारा प्रस्तुत किया गया था।

हाल ही में सुधार किए गए चुनावी क़ानून के अनुसार चुनाव में खड़े होने के लिए उम्मीदवारों को अपनी उम्मीदवारी पेश करने और सीएनई के मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से अपना नामांकन स्वीकार करने की आवश्यकता होती है। COVID-19 महामारी के कारण सीएनई ने उम्मीदवारी को लेकर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को अनुमति दी थी। हालांकि, चुनावी संस्था ने ज़ोर देकर कहा कि प्राइमरी चुनावों में चुने गए उम्मीदवारों को अपनी भागीदारी को औपचारिक रूप देने के लिए निर्वाचन अधिकारियों के सामने एक सितंबर तक आना चाहिए।

पूर्व राष्ट्रपति जो कि वर्तमान में बेल्जियम में रह रहे हैं और वे वर्तमान राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो प्रशासन द्वारा अपने ख़िलाफ़ न्यायिक व्यवस्था के दुरुपयोग का लगातार शिकार हुए हैं। अगर वे देश लौटते हैं तो वह "रिश्वत 2012-2016" मामले के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन का सामना कर सकते हैं या विपक्षी नेता फर्नांडो बलदा के असफल अपहरण मामले का सामना कर सकते हैं।

कोर्रिया ने अपने ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है और निंदा की और साथ ही इन चुनाव सुधारों को राजनीतिक उत्पीड़न बताया जो उन्हें इन चुनावों में रोकने के इरादे किया गया।

पियेरीना जो यूएनईएस के नेशनल असेंबली फॉर द डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी की उम्मीदवार हैं वह संसद में अपने नामांकन को भी स्वीकार करेगी।

यूएनईएस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एंड्रेस अराउज अपना नामांकन स्वीकार करने के लिए 28 अगस्त को राजधानी क्विटो में सीएनई के सामने पेश हुए। वर्तमान में मेक्सिको में रह रहे और नेशनल ऑटोनॉमस यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैक्सिको (यूएनएएम) में वित्तीय अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की पढ़ाई करने वाले 35 वर्षीय अराउज ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य आपातकाल का सामना करना, देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालना, लोकतांत्रिक संस्थानों को पुनः बहाल करना और विकास का मार्ग फिर से शुरू करना है।

Rafael Correa
Ecuador
Ecuador Election
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

ईरान हो या इज़रायल, क्या भारत का दांव उल्टा?


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License