NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को आतंकवाद के आरोप में हिरासत में लिया गया
अधिकारियों ने शिक्षाविदों, पत्रकारों और एक हीरक कार्यकर्ता सहित नागरिक समाज के कई प्रमुख लोगों को भी गिरफ़्तार किया है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Sep 2021
प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को आतंकवाद के आरोप में हिरासत में लिया गया

अल्जीयर्स की सिदी मोहम्मद कोर्ट ने मंगलवार 14 सितंबर को प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को झूठी खबरें फैलाने, राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने और एक आतंकवादी समूह से संबंधित आरोपों के मामले में प्री-ट्रायल डिटेंशन में भेज दिया। अल्जीरियन लीग फॉर द डिफेंस ऑफ ह्यूमन राइट्स (एलएडीडीएच) के अनुसार, मौलौद्ज को अल्जीरियाई पुलिस ने रविवार को उत्तरी शहर टिज़ी ओज़ौ में गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके घर पर भी छापा मारा और तलाशी ली।

अधिकारियों ने कथित तौर पर छह अन्य लोगों को गिरफ्तार किया और उसी दिन उन्हें हिरासत में भेज दिया। अगले दिन एक अन्य अज्ञात पत्रकार सहित 16 अन्य लोगों को भी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप लगाया गया था कि वे एक अलगाववादी समूह प्रतिबंधित संगठन मूवमेंट फॉर द अॉटोनोमी ऑफ कबाइले (एमएके) के सदस्य हैं, जिसे सरकार एक आतंकवादी संगठन मानती है।

पिछले 10 वर्षों से फ्रांसीसी भाषा के लिबर्टे दैनिक के साथ काम करने वाले पत्रकार मौलौद्ज को अल्जीरिया से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को व्यापक रूप से कवर करने के लिए जाना जाता है। इन मुद्दों में राजनीतिक कैदियों के ट्रायल, सत्ता-विरोधी हिरक आंदोलन का विरोध प्रदर्शन, कबाइले क्षेत्र का आत्मनिर्णय आंदोलन के साथ ही साथ कई अन्य मानवाधिकार और राजनीतिक मुद्दे शामिल हैं।

सोमवार को हिरासत में लिए गए सोलह अन्य लोगों की जांच पूर्वोत्तर कबाइले क्षेत्र में हाल ही में जंगल में लगी आग के साथ-साथ एक व्यक्ति की लिंचिंग के मामले में की जा रही है जिस पर आग लगाने का झूठा आरोप लगाया गया था। गिरफ्तार किए गए अन्य प्रसिद्ध नागरिक समाज के लोगों में लेखक और भाषाविद् अब्देनौर अब्देसलाम शामिल हैं जिन्हें रविवार को गिरफ्तार किया गया था और बाद में आतंकवाद के आरोपों में प्री-ट्रायल डिटेंशन में रखा गया और अकादमिक एवं हिरक कार्यकर्ता फोधिल बौमाला को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था और उन आरोपों के तहत प्रीवेंटिव डिटेंशन में रखा गया है जिसका खुलासा नहीं किया गया है। ये जानकारी उनके वकील मुस्तफा बुचाची ने दी थी। पिछले हफ्ते एक अन्य अल्जीरियाई पत्रकार हसन बौरास को भी गिरफ्तार किया गया था और "आतंकवाद का महिमामंडन" करने सहित विभिन्न आरोपों को लेकर प्रीवेंटिव डिटेंशन में रखा गया।

पिछले दो हफ्तों में अधिकारियों द्वारा इन गिरफ्तारियों और छापमारी की मानवाधिकारों और प्रेस स्वतंत्रता समूहों द्वारा चौतरफा निंदा की गई थी। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) ने एक बयान में अल्जीरियाई अधिकारियों से मौलौद्ज को तुरंत रिहा करने का आह्वान किया।

Algeria
Mohamed Mouloudj
journalist

Related Stories

नागरिकों से बदले पर उतारू सरकार, बलिया-पत्रकार एकता दिखाती राह

बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है

जीत गया बलिया के पत्रकारों का 'संघर्ष', संगीन धाराएं हटाई गई, सभी ज़मानत पर छूटे

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

तिरछी नज़र: कुछ भी मत छापो, श..श..श… देश में सब गोपनीय है

सीधी प्रकरण: अस्वीकार्य है कला, संस्कृति और पत्रकारिता पर अमानवीयता

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

यूपी बोर्डः पेपर लीक प्रकरण में "अमर उजाला" ने जेल जाने वाले अपने ही पत्रकारों से क्यों झाड़ लिया पल्ला?

उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: कुछ भी मत छापो, श..श..श… देश में सब गोपनीय है
    10 Apr 2022
    एक कानून है, गोपनीयता का कानून। पहले से ही है। सरकारी गोपनीयता का कानून। बलिया में वह भंग कर दिया गया। तीन पत्रकारों ने उसे भंग किया।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जय श्री राम बनाम जय सिया राम
    10 Apr 2022
    आज रामनवमी है, और इतवार भी। इसलिए ‘इतवार की कविता’ में आज पढ़ते हैं जय श्री राम और जय सिया राम का फ़र्क़ और मर्म बताती मुकुल सरल की यह छोटी सी कविता।
  • worker
    पुलकित कुमार शर्मा
    पिछले तीन सालों में दिहाड़ी 50 रुपये नहीं बढ़ी, जबकि महंगाई आसमान छू गयी    
    10 Apr 2022
    देश में 30 करोड़ से भी ज्यादा ग्रामीण कामगार कृषि और गैर कृषि पेशों से जुड़े हुए हैं। जिनकी दिहाड़ी में पिछले तीन सालों में मामूली सी बढ़ोतरी हुई है, जबकि महंगाई आसमान छू रही है।  
  • नाइश हसन
    उर्दू पत्रकारिता : 200 सालों का सफ़र और चुनौतियां
    10 Apr 2022
    उर्दू अपना पहले जैसा मक़ाम हासिल कर सकती है बशर्ते हुकूमत एक खुली ज़ेहनियत से ज़बान को आगे बढ़ाने में साथ दे, लेकिन देखा तो यह जा रहा है कि जिस पैकेट पर उर्दू में कुछ छपा नज़र आ जा रहा है उस प्रोडक्ट से…
  • शारिब अहमद खान
    नेट परीक्षा: सरकार ने दिसंबर-20 और जून-21 चक्र की परीक्षा कराई एक साथ, फ़ेलोशिप दीं सिर्फ़ एक के बराबर 
    10 Apr 2022
    केंद्र सरकार द्वारा दोनों चक्रों के विलय के फैसले से उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले हज़ारों छात्रों को धक्का लगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License