NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
प्रतिद्वंद्वी लीबियाई समूह शांति को लेकर चर्चा करने के लिए मोरक्को में बैठक की
एक तरफ़ जहां ये वार्ता हुई वहीं दूसरी तरफ़ तुर्की  के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के साथ जीएनए के प्रधानमंत्री फ़ैज़ अल सरराज ने बैठक की।
पीपल्स डिस्पैच
07 Sep 2020
प्रतिद्वंद्वी लीबियाई समूह शांति को लेकर चर्चा करने के लिए मोरक्को में बैठक की

लीबिया में दो प्रतिद्वंद्वी सरकारों के प्रतिनिधियों ने रविवार 6 सितंबर को मोरक्को के तटीय शहर बुज़ानिका में बातचीत के लिए मुलाकात की। इस बातचीत का उद्देश्य देश में शांति क़ायम करने की उम्मीद जगाते हुए दोनों सरकारों द्वारा दो सप्ताह पहले घोषित संघर्ष विराम को बरक़रार रखना है।

राजधानी त्रिपोली स्थित गवर्नमेंट ऑफ नेशनल अकॉर्ड और पूर्वी शहर टोब्रुक स्थित संसद के पांच-पांच प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। ये बात अल जज़ीरा ने सोमवार को बताया। उसने कहा कि स्विट्जरलैंड के मॉन्ट्रेक्स में दोनों सरकारों के शीर्ष नेताओं की प्रस्तावित बैठक से ठीक एक दिन पहले इन प्रतिनिधियों ने मुलाक़ात की।

मोरक्को के विदेश मंत्री नासिर बोरिटा ने कहा कि लीबिया की समस्या का समाधान लिबियाई लोगों द्वारा स्वयं सुलझाया जाना चाहिए। मगरेब अरबे प्रेस ने ये जानकारी दी। मोरक्को साल 2015 में लीबिया की पार्टियों के बीच वार्ता का मेजबान भी था जिसने जीएनए के गठन का नेतृत्व किया था।

मॉन्ट्रेक्स में ये बातचीत यूनाइटेड नेशन सपोर्ट मिशन इन लीबिया (यूएनएसएमआइएल) और यूरोपियन यूनियन की तरफ से कराया जा रहा है। इस वार्ता में लीबिया के सभी गुट और राजनीतिक समूह शामिल होंगे। संघर्ष विराम और चुनावों के भाग्य का फैसला होने की उम्मीद है।

ख़लीफ़ा हफ़्तार ने यह कहते हुए युद्ध विराम की घोषणा को ख़ारिज कर दिया था कि जीएनए सैनिक सिरते पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, यह अधिक संभावना है कि वह भी "लीबियन डायलॉग" में प्रतिनिधित्व करेंगे।

साल 2011 में लीबिया के नाटो आक्रमण के बाद लंबे समय तक रहे शासक मुअम्मर गद्दाफी के तख्ता पलट और हत्या के बाद से यह एक ऐसे युद्ध से गुज़र रहा है जिसने देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिद्वंद्वी समूहों के शासन के साथ देश की राजनीतिक और आर्थिक संरचना को नष्ट कर दिया है।

देश में इस अराजकता ने विभिन्न प्रतिद्वंद्वी गुटों का समर्थन करने वाले विभिन्न देशों के रूप में बाहरी हस्तक्षेप को दावत दिया है। तुर्की जीएनए का समर्थन कर रहा है जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त है। हालांकि, ख़लीफ़ा हफ़्तार को मिस्र और अन्य लोगों के साथ संयुक्त अरब अमीरात का समर्थन प्राप्त है।

साल 2011 से संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंध होने के बावजूद दोनों प्रतिद्वंद्वी सरकारें देश के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों पर नियंत्रण के लिए युद्ध लड़ रही हैं। ख़लीफ़ा हफ़्तार ने पिछले साल राजधानी त्रिपोली पर क़ब्ज़ा करने के लिए एक आक्रामक अभियान शुरू किया था। जीएनए सैनिक तुर्की की सहायता से हफ़्तार की सेनाओं को आगे बढ़ाने में सक्षम थे और अब सिरते शहर पर नियंत्रण के लिए ज़ोर दे रहे हैं।

libya
Morocco
UNSMIL
United nations

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है

अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार और हमारे बुनियादी सरोकार


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    रिपोर्टर्स कलेक्टिव का खुलासा: कैसे उद्योगपतियों के फ़ायदे के लिए RBI के काम में हस्तक्षेप करती रही सरकार, बढ़ती गई महंगाई 
    07 Apr 2022
    द रिपोर्टर्स कलेक्टिव के पत्रकार सोमेश झा ने सूचना के अधिकार के तहत हासिल दस्तावेज़ों की छानबीन कर यह पता लगाया है कि कैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की स्वायत्तता को खत्म किया गया। कैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़…
  • विजय विनीत
    सारनाथ के धमेक स्तूप की पूजा-प्रार्थना रोके जाने से पुरातत्व विभाग और बौद्ध धर्मावलंबियों में बढ़ा विवाद
    07 Apr 2022
    "अधीक्षण पुरातत्वविद अबिनाश मोहंती ने धमेक स्तूप की पूजा-ध्यान को धंधा बना लिया है। सख़्ती सिर्फ़ उन लोगों के साथ की जाती है जो सुविधा शुल्क नहीं देते। इनके दुर्व्यवहार से तंग आकर ताइवान, चीन, जापान,…
  • मनु मौदगिल
    भारतीय कैंपस के होस्टलों में ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए अब भी जगह नहीं
    07 Apr 2022
    जेंडर स्पेसिफिक छात्रावास की ग़ैरमौजूदगी का मतलब ट्रांसजेंडर छात्रों को आवास सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना होता है, और इस वजह से उनमें से कई छात्र कॉलेज छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
  • सोमा मारला
    ईंधन की क़ीमतों में बढ़ोतरी से ग़रीबों पर बोझ न डालें, अमीरों पर लगाएं टैक्स
    07 Apr 2022
    केंद्र सरकार ग़रीबों पर टैक्स लगाकर अमीरों से वसूले जाने वाले टैक्स में कटौती कर रही है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    डीएपी और एनपीके खाद महंगी हुई, माकपा ने बताया मोदी सरकार का एक और किसान विरोधी फ़ैसला
    07 Apr 2022
    "कभी कभी तो लगता है जैसे यह सरकार किसानों से किसान आंदोलन का बदला ले रही हो।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License