NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
समाज
भारत
सावित्रीबाई फुले : शिक्षा और समाज की लड़ाई लड़ने वाली जाँबाज़ महिला
देश की पहली महिला शिक्षिका, कवि और महिलाओं के लिए विद्यालय की स्थापना करने वाली सावित्रीबाई फुले की आज 189वीं जयंती है।
न्यूज़क्लिक डेस्क
03 Jan 2020
savitribhai phule

आज देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 189वीं जयंती है। 3 जनवरी 1831 को जन्मीं सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारक एवं मराठी कवि थीं।

उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है। 1852 में उन्होंने बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की।

3 जनवरी 1848 में पुणे में अपने पति के साथ मिलकर विभिन्न जातियों की नौ छात्राओं के साथ उन्होंने महिलाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की। एक वर्ष में सावित्रीबाई और महात्मा फुले पाँच नये विद्यालय खोलने में सफल हुए। तत्कालीन सरकार ने इन्हे सम्मानित भी किया। एक महिला प्रिंसिपल के लिये सन् 1848 में बालिका विद्यालय चलाना कितना मुश्किल रहा होगा, इसकी कल्पना शायद आज भी नहीं की जा सकती। लड़कियों की शिक्षा पर उस समय सामाजिक पाबंदी थी। सावित्रीबाई फुले उस दौर में न सिर्फ़ ख़ुद पढ़ीं, बल्कि दूसरी लड़कियों के पढ़ने का भी बंदोबस्त किया, वह भी पुणे जैसे शहर में।

फुले जब स्कूल जाने के लिए निकली थीं तो अपने झोले में एक अतिरिक्त साड़ी रखती थीं, क्योंकि ऊंची जाति के लोग रास्ते में उन पर गोबर फेंकते थे। वो उस दौर में स्कूल जाती थीं, जब उनके सामने महिला होने के नाते और दलित होने के नाते कई मुश्किलात आती थीं।

सावित्रीबाई द्वारा लिखी कविता का मराठी से हिन्दी तर्जुमा
 

जाओ जाकर पढ़ो-लिखो, बनो आत्मनिर्भर, बनो मेहनती

काम करो-ज्ञान और धन इकट्ठा करो

ज्ञान के बिना सब खो जाता है, ज्ञान के बिना हम जानवर बन जाते है

इसलिए, खाली न बैठो, जाओ, जाकर शिक्षा लो

दमितों और त्याग दिए गयों के दुखों का अंत करो, तुम्हारे पास सीखने का सुनहरा मौका है

इसलिए सीखो और जाति के बंधन तोड़ दो, ब्राह्मणों के ग्रंथ जल्दी से जल्दी फेंक दो...

Savitribai Phule
social workers
Education reformer
Savitribai Phule's 189th Birth Anniversary

Related Stories

क्या आप जानते हैं ग़ाज़ीपुर मोर्चे पर एक सावित्रीबाई फुले पाठशाला चलती है?

सावित्रीबाई फुले : खेती ही ब्रह्म, धन-धान्य है देती/अन्न को ही कहते हैं परब्रह्म

यूपी: हिरासत, गिरफ़्तारी, नज़रबंदी के बाद भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे

CAA-NRC विरोध : मेरे देश से मेरा रिश्ता काग़ज़ों के आधार पर नहीं है!

'मेरे नाम पर नहीं'… न CAB, न NRC; जंतर-मंतर पर गूंजा नारा


बाकी खबरें

  • Charanjit Singh Channi
    अनिल सिन्हा
    चन्नी के चयन को हल्के में मत लीजिए !
    21 Sep 2021
    सच पूछा जाए तो पंजाब जैसे राज्य मेें एक दलित का मुख्यमंत्री पद पर बैठ जाना बहुत बड़ा परिवर्तन है और इसे चलते-फिरते मुहावरों के जरिए रखने से बात नहीं बनती है।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: मैनेजमेंट सबसे बढ़िया!
    21 Sep 2021
    एआईसीटीई के मुताबिक 2021-22 में देश में इंजीनियरिंग सीटों की कुल संख्या पिछले 10 वर्षों में सबसे कम रही है। वहीं बताया जा रहा है कि हाल के वर्षों में मैनेजमेंट यानी प्रबंधन पाठ्यक्रमों में सीटों में…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    त्रिपुरा में वामपंथी संगठनों पर होने वाले हमले
    21 Sep 2021
    त्रिपुरा के कम्युनिस्टों की रिपोर्ट है कि मार्च 2018 से सितंबर 2020 के बीच 346 पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई।2,871 पार्टी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया गया।2,656 पार्टी कार्यकर्ताओं पर…
  • Lahu Di Awaaz
    सत्यम् तिवारी
    'लहू दी आवाज़' : आंतरिक स्त्री-द्वेष, स्लट-शेमिंग से भरा सिमरन कौर ढाढली का गाना
    21 Sep 2021
    इस गाने को यूट्यूब पर रिलीज़ हुए 8 दिन हो गए हैं। अब तक इस गाने को 35 लाख से ज़्यादा लोग देख चुके हैं, क़रीब 5 लाख लोग इसे पसंद कर चुके हैं। पसंद की यह संख्या याद रखिये, इतने लोग महिलाओं से, उनकी मर्ज़ी…
  • petrol
    शशि कुमार झा
    फिर बढ़ सकती हैं पेट्रो उत्पादों की कीमतें
    21 Sep 2021
    हमेशा की तरह सरकार ने फिर से पेट्रो उत्पादों को जीएसटी के भीतर लाने से इंकार कर दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License