NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इस्राइल को अमेरिकी सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता के दुरुपयोग को रोकने के लिए सहायता पर शर्तों की मांग
इस्राइल पर अमेरिका द्वारा दी जाने वाली अरबों डॉलर की "सुरक्षा सहायता" को फिलिस्तीन पर उसके अधिग्रहण को बनाए रखने और मानवाधिकार के उल्लंघन में उपयोग करने का आरोप लगता रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
20 Apr 2021
sanders

डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख सीनेटरों और पिछले साल के राष्ट्रपति आकांक्षी बर्नी सैंडर्स और एलिजाबेथ वॉरेन ने सोमवार, 29 अप्रैल को डेमोक्रेटिक पार्टी  के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार से उसके द्वारा इस्राइल को दी जाने वाली अरबों डॉलर की सहायता राशी का इस्तेमाल फिलिस्तीनी मानवाधिकारों की रक्षा और विवाद के शांतिपूर्ण समाधान करने के लिए दबाव बनाने की माँग की। वे अमेरिका में शांति-समर्थक लॉबी समूह जे स्ट्रीट से बात कर रहे थे।

सैंडर्स और वारेन, दोनों ने अलग-अलग अपने वक्तव्य में "द्वि राज्य समाधान" के पक्ष में सैन्य सहायता पर शर्तें लगाने का आग्रह किया .

अमेरिका इस्राइल को हर साल "सुरक्षा सहायता" के साथ-साथ अन्य विकासात्मक सहायता के रूप में अरबों डॉलर देता है। पिछले साल महामारी के बीच उसने इस्राइल को  3.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सुरक्षा सहायता दी थी। अधिकांश सहायता बिना शर्त दी जाती है। इस्राइल के अस्तित्व में आने के बाद से ही लगातार अमेरिकी सरकारों द्वारा अनपेक्ष रूप से यह सहायता दी जाती रही है।

इस्राइल को प्रतिबंधित या पूर्वशर्तों के साथ सहायता मांग लंबे समय से देश में वामपंथी समूहों और नागरिक समाज द्वारा उठाई जाती रही है। रविवार को, कांग्रेस के बेट्टी मैकुलम के नेतृत्व में 13 कांग्रेसियों के एक समूह ने सदन में एक विधेयक पेश किया था, जो अमेरिकी सहायता को अधिकृत क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए इस्तेमाल करने पर रोक लगाता है।

इस्राइल ने हजारों फिलिस्तीनियों के घरों को ध्वस्त किया, अधिकृत वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में उनकी कृषि भूमि को जब्त कर के अवैध बस्तियां बनाई हैं।  इस्राइल फिलिस्तीनी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को गिरफ्तार करता रहा है और उन्हें महीनों और वर्षों तक अवैध हिरासत में रखता आया है। बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली कट्टर दक्षिणपंथी और विस्तारवादी सरकार के तहत पिछले कुछ वर्षों में इसके दमनकारी कार्य बढ़े हैं। इज़राइल ने 2006 के बाद से गाजा पट्टी में भूमि, समुद्र और हवाई नाकाबंदी भी लगाई है, जिससे वहाँ रह रहे 19 लाख से अधिक फिलीस्तीनी उसकी दया पर निर्भर हैं।

जे स्ट्रीट से बात करते वक्त सीनेट सदस्य बर्नी सैंडर्स ने कहा, अमेरिकी लोग, “उनके पैसे का उपयोग उन नीतियों के समर्थन में होता नहीं देख सकते हैं जो मानवाधिकारों का उल्लंघन और फिलिस्तीनी लोगों को दूसरे दर्जे का इंसान मानती हो।”

राष्ट्रपति जो बिडेन ने, हालांकि अतीत में इस्राइल को पूर्वशर्तों वाली सहायता के विचार को अस्वीकार कर दिया था, यहां तक कि उन्होंने इसे बेतुका करार दे दिया था।

US government
Israel
Joe Biden

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं


बाकी खबरें

  • भाषा
    हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित
    28 Mar 2022
    हरियाणा में सोमवार को रोडवेज कर्मी देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। केंद्र की कथित गलत नीतियों के विरुद्ध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: “काश! हमारे यहां भी हिंदू-मुस्लिम कार्ड चल जाता”
    28 Mar 2022
    पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल और इस्लामिक देश है। अब संकट में फंसे इमरान ख़ान के सामने यही मुश्किल है कि वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए कौन से कार्ड का इस्तेमाल करें। व्यंग्य में कहें तो इमरान यही सोच रहे…
  • भाषा
    केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे
    28 Mar 2022
    राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें सड़कों से नदारत रहीं, जबकि टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और निजी बसें भी राज्यभर में नजर नहीं आईं। ट्रक और लॉरी सहित वाणिज्यिक वाहनों के…
  • शिव इंदर सिंह
    विश्लेषण: आम आदमी पार्टी की पंजाब जीत के मायने और आगे की चुनौतियां
    28 Mar 2022
    सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के लिए आगे की राह आसन नहीं है। पंजाब के लोग नई बनी सरकार से काम को ज़मीन पर होते हुए देखना चाहेंगे।
  • सुहित के सेन
    बीरभूम नरसंहार ने तृणमूल की ख़ामियों को किया उजागर 
    28 Mar 2022
    रामपुरहाट की हिंसा ममता बनर्जी की शासन शैली की ख़ामियों को दर्शाती है। यह घटना उनके धर्मनिरपेक्ष राजनीति की चैंपियन होने के दावे को भी कमज़ोर करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License