NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
सेंसेक्स ऊपर मतलब अमीरों के अच्छे दिन
सेंसेक्स में पिछ्ले तीन सालों में 65% उछाल आया है, जबकि हमारी जीडीपी का हाल खस्ता है। इसका कारण है की देश की बड़ी कंपनियों का मुनाफ़ा तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन कामगारों का वेतन और मजदूरी तीन साल में घट गई है। इससे साफ़ है की सेंसेक्स बढ़ने से अमीरों को फ़ायदा है, और मिडिल क्लास को नुकसान।
न्यूज़क्लिक टीम
24 Sep 2021
sensex
Sensex Rise
share market
GDP
GDP Crisis

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

GDP से आम आदमी के जीवन में क्या नफ़ा-नुक़सान?

कैसे राष्ट्रीय बैंकों के समर्थन से रुचि सोया के ज़रिये अमीर बनी पतंजलि

जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी

देश पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, मोदी राज में कर्जे में 123 फ़ीसदी की बढ़ोतरी 

अंतर्राष्ट्रीय वित्त और 2022-23 के केंद्रीय बजट का संकुचनकारी समष्टि अर्थशास्त्र

इस बजट की चुप्पियां और भी डरावनी हैं

जलवायु परिवर्तन के कारण भारत ने गंवाए 259 अरब श्रम घंटे- स्टडी

2021-22 में आर्थिक बहाली सुस्त रही, आने वाले केंद्रीय बजट से क्या उम्मीदें रखें?

भारत की महामारी के बाद की आर्थिक रिकवरी अस्थिर है


बाकी खबरें

  • हिंदी की दुनिया से विचारों और रोजगारों की गैर - मौजूदगी के क्या मायने हैं?
    अजय कुमार
    हिंदी की दुनिया से विचारों और रोजगारों की गैर - मौजूदगी के क्या मायने हैं?
    14 Sep 2021
    भूमंडलीकरण के इस मीडियामय वक्त में हिंदी बढ़ रही है, लेकिन यह भी सच है कि ऊपर बढ़ती हुई हिंदी भी भीतर से रोज मर रही है। भाषा के बढ़ने और होने के लिए जितना जरूरी भाषा का प्रसार है, उतना ही जरूरी भाषा…
  • बाइडेन प्रशासन अफ़ग़ानों के साथ जो कर रहा है वह क्रूरता है!
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन प्रशासन अफ़ग़ानों के साथ जो कर रहा है वह क्रूरता है!
    14 Sep 2021
    निश्चित रूप से अमेरिका के लिए प्रायश्चित का काम यही हो सकता है कि राष्ट्रपति बाइडेन अफ़ग़ानों की तत्काल ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 9 बिलियन डॉलर लौटा दें, और विश्व बैंक और आईएमएफ़ को देश की सहायता करने…
  • फ़ैक्ट-चेक : वायरल तस्वीर में ब्रिटिश पुलिस जिसे कोड़े मार रही है, वो भगत सिंह हैं?
    किंजल
    फ़ैक्ट-चेक : वायरल तस्वीर में ब्रिटिश पुलिस जिसे कोड़े मार रही है, वो भगत सिंह हैं?
    14 Sep 2021
    सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल है. तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति के हाथ बंधे हैं और उसके पास एक पुलिस अफ़सर दिख रहा है. दावा है कि तस्वीर में भगत सिंह हैं जिन्हें ब्रिटिश पुलिस कोड़े मार रही है
  • भंवर मेघवंशी
    सबरंग इंडिया
    हिन्दुत्व अपने जन्म से ही जातिवादी और दलित विरोधी है- भंवर मेघवंशी
    14 Sep 2021
    हिन्दुत्व का जन्म भले ही दिखावे के लिये धर्मांतरण को रोकने, हिन्दू संस्कृति व जीवन मूल्यों को बचाने के नाम पर हुआ था, लेकिन उसका असली मकसद अछूतों व शूद्रों तथा औरतों की आज़ादी को बाधित करना था.
  • नदियों के संरक्षण के लिए ज़रूरी धन के प्रवाह में अब भी बड़ी बाधाएं
    भरत डोगरा
    नदियों के संरक्षण के लिए ज़रूरी धन के प्रवाह में अब भी बड़ी बाधाएं
    14 Sep 2021
    हर साल नदियों का प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। लेकिन नमामि गंगे जैसे बहुप्रचारित-प्रसारित परियोजनाओं के बावजूद, नदी संरक्षण के लिए आवंटन और ख़र्च में कमी बरक़रार है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License