NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सर्बिया : आवास अधिकार समूह ने COVID-19 से प्रभावित लोगों के लिए राहत कार्य शुरू किया
सर्बिया के आवास अधिकार समूह ज़ुद्रुजेना अकसिजा क्रोव नैड ग्लैवोम (ज्वाइंट एक्शन रूफ़ ओवर योर हेड) ने इस महामारी से प्रभावित लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के वितरण के लिए राहत कार्य शुरू किया है।
पीपल्स डिस्पैच
13 May 2020
सर्बिया

आवास अधिकार समूह ने सर्बिया की सरकार से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अस्तित्व को सुरक्षित करने के लिए तत्काल क़दम उठाने की मांग की है।

COVID-19 संकट के चलते संघर्ष कर रहे कमज़ोर वर्गों की मदद करने के लिए सर्बिया के आवास अधिकार समूह ज़ुद्रुजेना अकसिजा क्रोव नैड ग्लैवोम(Združena Akcija Krov nad Glavom -ज्वाइंट एक्शन रूफ ओवर योर हेड) ने ज़रूरतमंद लोगों तक भोजन और अन्य आवश्यक वस्तु पहुंचाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। 12 मई तक इस समूह ने संकट के बीच सैकड़ों लोगों को खाद्य पदार्थ, मास्क और सैनिटाइज़र वितरित किए थे। इसने विशेष रूप से सर्बियाई शहरों में सिंगल मदर, बेघर लोगों, वृद्धों और स्वास्थ्य पेंशनरों, श्रमिकों को आवश्यक चीज़ें दीं जो अपनी नौकरी खो चुके हैं। इस समूह ने लॉकडाउन के दौरान बेघर लोगों को आवास भी मुहैय्या कराया।

पिछले हफ्ते इस समूह ने सर्बिया में सरकार से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों विशेष रूप से द्वितीयक किस्म के कच्चे पदार्थ को इकट्ठा करने वालों और उनके परिवारों के अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल क़दम उठाने की मांग की। इन परिवारों को अभी भी कोई सरकारी मदद नहीं मिल पाई है।

मसिना ने समूह के हवाले से कहा, "महामारी की शुरुआत से ही द्वितीयक किस्म के कच्चे माल को इकट्ठा करने और प्रसंस्करण की पूरी गतिविधि बंद हो गई। दोनों ही प्रक्रिया आपातकालीन स्थिति और सुरक्षात्मक उपकरणों की पूरी तरह अनुपलब्धता के कारण हुई। इसका मतलब साफ है कि इसे इकट्ठा करने वाले परिवार जो कि किसी भी अनुबंध द्वारा संरक्षित नहीं हैं उन्होंने वर्तमान में अपनी एकमात्र आय खो दी है।”

एक बयान में इस समूह ने उन सभी का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने राहत सामग्री के वितरण में पैसे का योगदान दिया है।

सर्बिया ने देश में COVID-19 के प्रकोप को रोकने के लिए 15 मार्च को आपातकाल घोषित कर दिया था। 12मई तक सर्बिया में COVID-19 के 10,176पॉजिटिव मामले सामने आए है जबकि इससे 218 लोगों की मौत हो गई है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

COVID-19 in Serbia
homelessness
Housing
Housing rights
Joint Action Roof Over Your Head
Lockdown Impact
Združena Akcija Krov nad Glavom

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

5,000 कस्बों और शहरों की समस्याओं का समाधान करने में केंद्रीय बजट फेल

सभी के लिए घर : एक बुनियादी जरूरत, लेकिन ग्रामीण भारत में ज़्यादातर लोगों के लिए दूर की कौड़ी

महामारी ने शहरी भारत के जीवन को किया बेहाल  

खोरी गांव: पुनर्वास के बिना घर तोड़े जाने का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस का लाठीचार्ज, चढूनी के नेतृत्व में धरना

यूपी में कोरोनावायरस की दूसरी लहर प्रवासी मजदूरों पर कहर बनकर टूटी

कोविड-19: बिहार के उन गुमनाम नायकों से मिलिए, जो सरकारी व्यवस्था ठप होने के बीच लोगों के बचाव में सामने आये

भारत के सामने नौकरियों का बड़ा संकट: पिछले साल छिन गईं 1.7 करोड़ नौकरियाँ

क्या कोरोना महामारी में बच्चों की एक पूरी पीढ़ी के ग़ायब होने का खतरा है?

निर्मला सीतारमण जी! किस दुनिया में रह रही हैं आप?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License