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दक्षिण अफ्रीकाः आर्सेलर प्लांट में तीन श्रमिकों की मौत पर यूनियनों ने जांच की मांग की
एनयूएमएसए का आरोप है कि घटना के कई घंटों के बाद तक आर्सेलर मित्तल के प्रबंधन ने विशेषज्ञों की टीम को नहीं बुलाया। इसकी जगह प्रबंधन ने राहत व बचाव अभियान में अपने 10 सामान्य कर्मियों का ही इस्तेमाल किया।
पीपल्स डिस्पैच
19 Feb 2021
दक्षिण अफ्रीकाः आर्सेलर प्लांट में तीन श्रमिकों की मौत पर यूनियनों ने जांच की मांग की

दक्षिण अफ्रीका के गौटेंग में स्थित आर्सेलर मित्तल के वैंडरबिज्लपार्क प्लांट में 17 फरवरी को रात 2 बजे विस्फोट के बाद से मलबे में फंसे तीनों श्रमिक 18 फरवरी की सुबह तड़के मृत पाए गए।

नेशनल यूनियन ऑफ मेटलवर्कर्स ऑफ़ साउथ अफ्रीका (एनयूएमएसए) ने रोजगार एवंं श्रम विभाग से "इस घटना के कारणों की विस्तृत और गहन जांच करने" की मांग की है। इन मृतकों में दो एनयूएमएसए के सदस्य थे।

रॉयटर्स ने कंपनी के हवाले से रिपोर्ट प्रकाशित किया कि, "बुधवार की सुबह एक ऑपरेशन के कोक बैटरी के ढ़ेर का कुछ हिस्सा कंट्रोल रूम पर गिर गया जहां ये तीन कर्मचारी काम कर रहे थे।"

थामी मोलेफ, शार्ट मोफोकेंग और मोफो मडोमेसा शुरुआती 12 घंटों तक मलबे के नीचे फंसे रहे। अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक आर्सेलर मित्तल का प्रबंधन अपने 10 कर्मचारियों पर खोज व बचाव अभियान का संचालन करने का भरोसा कर रहा था। ये जानकारी फकामिले ह्लुबी मजोला ने पीपल्स डिस्पैच से साझा की।

वे सामान्य कर्मचारी थे जो विशेष प्रशिक्षण के बिना कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा, "माना जाता है कि आर्सेलर मित्तल के पास विशेषज्ञों की एक बचाव टीम है जो यह काम कर सकती है। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और विशेषज्ञों कार्यों को करने के लिए उन्हें सामान्य श्रमिकों पर निर्भर रहना पड़ा।"

यूनियनों के साथ बैठक में तीखी बहस के बाद दोपहर 2 बजे के बाद ही प्रबंधन ने विशेषज्ञों की मदद लेने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान प्रबंधन ने इन श्रमिकों को महज एक 'शव' बताया। उन्होंने कहा कि वे बचाव के आवश्यक प्रयास के बिना मर चुके थे। उन्होंने पूछा कि मलबे के नीचे श्रमिकों के बजाय यदि प्रबंधक होता तो क्या इतनी लापरवाही होती।

इस बैठक में मौजूद नाराज ह्लुबी मजोला ने कहा कि इस बैठक में "एक यूनियन ने कहा कि सच्चाई यह है कि इस घटना के बाद भी श्रमिकों को अपना काम जारी रखने के लिए कहा गया था।"

उन्होंने कहा, "यह आर्सेलर मित्तल का रवैया जुदा है।" उन्होंने कहा 2017 में उस घटना का उदाहरण दिया जब एक दुर्घटना में कुछ श्रमिकों ने अपनी उंगलियां खो दीं और तब बाकी श्रमिकों को अपने काम को जारी रखने के लिए कहा गया।

South Africa
Arcelor plant
Accident
NUMSA

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