NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
स्पेन : अलकोआ के सैन सिप्रियन संयंत्र के श्रमिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
अमेरिका स्थित एल्युमिनियम की दिग्गज कंपनी अलकोआ ने अपने सैन सिप्रियन स्मेल्टर को बंद करने का फैसला किया है। यूके स्थित लिबर्टी समूह के साथ कंपनी के बेचने की वार्ता भी पिछले सप्ताह विफल रही।
पीपल्स डिस्पैच
06 Oct 2020
स्पेन

स्पेन के सैन सिप्रिया में अमेरिका की एल्युमिनियम कंपनी अलकोआ स्मेल्टर के श्रमिकों ने संयंत्र बंद करने के ख़िलाफ़ अपना विरोध तेज़ कर दिया है। रविवार 4 अक्टूबर को इस संयंत्र में और इस संयंत्र से जुड़ी कंपनियों के सैकड़ों श्रमिकों ने उत्पादन जारी रखने के लिए नौकरी की सुरक्षा और सरकारी हस्तक्षेप की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।

अलकोआ द्वारा भारी नुकसान का हवाला देते हुए सैन सिप्रिया स्थित अपने स्मेल्टर को बंद करने के फैसले के बाद 500 से अधिक श्रमिकों की नौकरियां दांव पर हैं। संकट का सामना करने वाले श्रमिकों का ये हड़ताल 27 सितंबर को उस समय तेज़ हो गया जब इस संयंत्र की बिक्री के लिए अलकोआ और यूके स्थित लिबर्टी हाउस के बीच बातचीत विफल रही।

अलकोआ के सैन सिप्रिया संयंत्र में लगभग 1,100 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें से 500 एल्युमिना के उत्पादन में शामिल हैं और 600 से अधिक प्राथमिक एल्यूमीनियम के उत्पादन में शामिल हैं। कंपनी ने प्राथमिक एल्यूमीनियम संयंत्र से 534 श्रमिकों को हटाने का फैसला किया है, जिससे कई सौ निचली नौकरियों के भी प्रभावित होने की संभावना है।

फेडरेशन ऑफ द इंडस्ट्री ऑफ द जनरल यूनियन ऑफ वर्कर्स (यूजीटी) के इस्पात और मौलिक धातु क्षेत्र के प्रमुख अल्बर्टो विलाल्टा के अनुसार, “बंद करने और स्थानांतरित करना वैश्वीकरण का परिणाम है, इस बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादन के लिए सस्ते स्थानों की तलाश है, लेकिन इसके लिए भी औद्योगिक नीतियों की कमी, नियमों की अनुपस्थिति, या बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कायम रखने और औद्योगिक क्षेत्रों को मज़बूत करने की रणनीति।”

उन्होंने कहा, "एल्यूमीनियम की समस्या अलग है, यह एक रणनीतिक उत्पाद है, भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व और स्पेन एल्युमीनियम उत्पादन नहीं होने की समृद्धि को बर्दाश्त नहीं कर सकता है। अलकोआ ने पिछले साल अविलेस और कोरुना में दो संयंत्र को बंद कर दिया था और यह अंतिम संयंत्र होगा जो हमारे देश में प्राथमिक एल्युमीनियम के उत्पादन के लिए है, जो विभिन्न क्षेत्रों जैसे मोटर वाहन, वैमानिकी क्षेत्र आदि के लिए आधार है।"

गैलिशियन नेशनलिस्ट ब्लॉक (बीएनजी) के नेस्टर रेगो ने स्पेनिश सरकार से इस संयंत्र के राष्ट्रीयकरण के लिए सार्वजनिक हस्तक्षेप शुरू करने के निर्णय की मांग की है। उन्होंने कहा, "अलकोआ जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हित गैलिशियन लोगों के हितों और आर्थिक गतिविधियों कायम रखने और नौकरियों से ऊपर नहीं हो सकते हैं।"

अविलेस और और ला कोरुना में अपने स्मेल्टरों को बंद करने के अलकोआ के निर्णय को लेकर दोनों संयंत्रों के श्रमिकों द्वारा काफी विरोध किया गया।

Spain
workers protest
America
UGT
International news

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत


बाकी खबरें

  • दो, तीन नहीं, कई साइगॉन बनाओ। यही आज का नारा है
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    दो, तीन नहीं, कई साइगॉन बनाओ। यही आज का नारा है
    21 Aug 2021
    आशाहीनता का आरोप केवल तालिबान पर नहीं लगाना चाहिए बल्कि अमेरिका, सऊदी अरब, जर्मनी और पाकिस्तान जैसे देशों पर भी लगाना चाहिए,जिन्होंने तालिबान जैसे फासीवादियों और कट्टर लोगों का समर्थन किया और इनकी…
  • दिल्ली मास्टर प्लान : पीपल्स कलेक्टिव ने सुनिश्चित किया कि झुग्गी-झोपड़ी निवासियों और मजदूरों के सुझाव सुने जाए 
    रौनक छाबड़ा
    दिल्ली मास्टर प्लान : पीपल्स कलेक्टिव ने सुनिश्चित किया कि झुग्गी-झोपड़ी निवासियों और मजदूरों के सुझाव सुने जाए 
    21 Aug 2021
    गुरुवार को इन समूहों के छोटे से प्रतिनिधिमंडल ने डीडीए के दफ़्तर आईएनए-विकास सदन में आवास विभाग कार्यालय में मुलाक़ात की और अपने सुझाव पेश किए; यह सब 'मैं भी दिल्ली' अभियान की एक पहल पर किया गया है। 
  • ऐतिहासिक नियति ने किसान-आंदोलन के साथ भारत के लोकतन्त्र की तकदीर नत्थी कर दी है
    लाल बहादुर सिंह
    ऐतिहासिक नियति ने किसान-आंदोलन के साथ भारत के लोकतन्त्र की तकदीर नत्थी कर दी है
    21 Aug 2021
    अधिनायकवादी सत्ता के खिलाफ किसानों की यह लड़ाई भारतीय लोकतन्त्र के भविष्य की दिशा तय करेगी।
  • अफ़ग़ानिस्तान की घटनाओं पर एक नज़र-IV
    एम. के. भद्रकुमार
    अफ़ग़ानिस्तान की घटनाओं पर एक नज़र-IV
    21 Aug 2021
    तालिबान को लेकर चीन की तरफ़ से जो टिप्पणियां सामने आ रही हैं, उससे तो यही लगता है कि तालिबान और चीन एक दूसरे के साथ बेहद सहज हैं। ज़ाहिर है, बीजिंग पाकिस्तान के साथ और भी घनिष्ठ सहयोग और समन्वय चाहता…
  • नर्क का दूसरा नाम...
    सबरंग इंडिया
    नर्क का दूसरा नाम...
    21 Aug 2021
    डिटेंशन कैंपों का नाम बदलने से यह तथ्य नहीं बदल जाता है कि वहां की स्थिति दयनीय बनी हुई है!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License