NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
पाकिस्तान
“तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले, अब तक कहाँ छिपे थे भाई…”
भारतीय उपमहाद्वीप की बेबाक और बुलंद आवाज़ मशहूर शायरा फ़हमीदा रियाज़ की 21 नवंबर को दूसरी बरसी थी। आज ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं उनकी एक मशहूर नज़्म।
न्यूज़क्लिक डेस्क
22 Nov 2020
मशहूर शायरा फ़हमीदा रियाज़
तस्वीर साभार: सोशल मीडिया

पाकिस्तान की मशहूर शायरा और मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़हमीदा रियाज़ भारतीय उपमहाद्वीप की एक बेबाक और बुलंद आवाज़ थीं। दो साल पहले 21 नवंबर 2018 को लाहौर में उनका निधन हो गया था। फ़हमीदा का जन्म 28 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुआ था। बाद के दिनों में उनका परिवार पाकिस्तान जाकर बस गया। अपने राजनीतिक विचारों के लिए फ़हमीदा हमेशा पाकिस्तानी हुकूमत के आंख की किरकरी बनी रहीं। उनके ऊपर 10 से ज़्यादा केस चलाए गए। सैनिक तानाशाह जिआउल हक़ के ज़माने में उन्हें जला वतन कर दिया गया यानी पाकिस्तान से देश निकाला दे दिया गया। जिसके बाद उन्होंने भारत में शरण ली। पाकिस्तान लौटने से पहले फ़हमीदा और उनके परिवार ने लगभग 7 साल निर्वासन की स्थिति में भारत में बिताए। इस दौरान वह दिल्ली के कई इलाकों में रहीं। जामिया विश्वविद्यालय में रहने के दौरान उन्होंने हिन्दी पढ़ना सीखा। इस तरह वे जितनी पाकिस्तान की थीं, उतनी ही हिन्दुस्तान की भी। इतवार की कविता में पढ़ते हैं उनकी वो नज़्म जिसे लेकर कथित राष्ट्रवादी हिन्दुस्तानी और पाकिस्तानी दोनों परेशान रहे। क्योंकि उन्होंने एक के बहाने दोनों की ज़मकर मज़म्मत की।  

तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले

 

तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले

अब तक कहाँ छिपे थे भाई

वो मूरखता, वो घामड़पन

जिसमें हमने सदी गंवाई

आखिर पहुँची द्वार तुम्‍हारे

अरे बधाई, बहुत बधाई।

प्रेत धर्म का नाच रहा है

कायम हिंदू राज करोगे ?

सारे उल्‍टे काज करोगे !

अपना चमन ताराज़ करोगे !

तुम भी बैठे करोगे सोचा

पूरी है वैसी तैयारी

कौन है हिंदू, कौन नहीं है

तुम भी करोगे फ़तवे जारी

होगा कठिन वहाँ भी जीना

दाँतों आ जाएगा पसीना

जैसी तैसी कटा करेगी

वहाँ भी सब की साँस घुटेगी

माथे पर सिंदूर की रेखा

कुछ भी नहीं पड़ोस से सीखा!

क्‍या हमने दुर्दशा बनाई

कुछ भी तुमको नजर न आयी?

कल दुख से सोचा करती थी

सोच के बहुत हँसी आज आयी

तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले

हम दो कौम नहीं थे भाई।

मश्‍क करो तुम, आ जाएगा

उल्‍टे पाँव चलते जाना

ध्‍यान न मन में दूजा आए

बस पीछे ही नज़र जमाना

भाड़ में जाए शिक्षा-विक्षा

अब जाहिलपन के गुन गाना

आगे गड्ढा है यह मत देखो

लाओ वापस, गया ज़माना

एक जाप सा करते जाओ

बारम्बार यही दोहराओ

कैसा वीर महान था भारत

कैसा आलीशान था-भारत

फिर तुम लोग पहुँच जाओगे

बस परलोक पहुँच जाओगे

हम तो हैं पहले से वहाँ पर

तुम भी समय निकालते रहना

अब जिस नरक में जाओ वहाँ से

चिट्ठी-विट्ठी डालते रहना।

 

-    फ़हमीदा रियाज़

इसे भी पढ़ें : फ़हमीदा की ‘वसीयत’- “मुझे कोई सनद न देना दीनदारी की…”

Sunday Poem
Hindi poem
poem
fahmida riaz
Fahmida Riaz death Anniversary
कविता
हिन्दी कविता
इतवार की कविता
Pakistan

Related Stories

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

...हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

फ़ासीवादी व्यवस्था से टक्कर लेतीं  अजय सिंह की कविताएं

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!


बाकी खबरें

  • Bikram Singh Majithia
    भाषा
    पंजाब: मजीठिया के ख़िलाफ़ नशीले पदार्थों संबंधी मामला दर्ज, शिअद ने ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ करार दिया
    21 Dec 2021
    मजीठिया के ख़िलाफ़ सोमवार को मोहाली में स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
  • Election reform bill passed in both houses
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    चुनाव सुधार बिल दोनों सदनों में पास, विपक्ष ने उठाया निजता के अधिकार का सवाल
    21 Dec 2021
    20 दिसंबर को लोकसभा में पास होने के बाद आज 21 दिसंबर को चुनाव सुधार बिल राज्यसभा में भी बिना किसी बहस के पास कर दिया गया।
  • covid
    एलेक्जेंडर फ्रियूंड
    कोविड: प्रोटीन आधारित वैक्सीन से पैदा हुई नई उम्मीद
    21 Dec 2021
    ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि प्रोटीन आधारित वैक्सीन से ग़रीब देशों में वैश्विक कोरोना टीकाकरण अभियान में तेज़ी आएगी। वैक्सीन का विरोध करने वाले कुछ लोग भी इन्हें चाहते हैं।
  • Bihar: Junior doctors' strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः मांगों की पूर्ति का आश्वासन मिलने के बाद जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म
    21 Dec 2021
    प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी, लेकिन सरकार की ओर से इन मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन मिलने के बाद आधी रात को हड़ताल समाप्त कर…
  • Madrasa teacher
    असद रिज़वी
    उत्तर प्रदेश: 21 हज़ार मदरसा शिक्षकों को 4 वर्षों से नहीं मिला मानदेय, आमरण अनशन की दी चेतावनी
    21 Dec 2021
    मदरसों में गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा प्रदान कराने की योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में 21546 मदरसा शिक्षकों को नियुक्त किया गया था। पिछले चार वर्षों से अधिक समय से मानदेय नहीं मिलने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License