NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
इतवार की कविता: ...मैं यूपी का चेहरा हूं
विधानसभा चुनाव सर पर हैं और यूपी यानी उत्तर प्रदेश को लेकर सरकार के बहुत दावे हैं, बखान है, लेकिन असलियत क्या है? यूपी का बाशिंदा अपने राज्य को लेकर क्या सोचता है, क्या देखता है! कवि-पत्रकार मुकुल सरल ने अपनी कविता में यही कहने-बताने की कोशिश की है। आइए ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं उनकी नयी ग़ज़ल--
न्यूज़क्लिक डेस्क
18 Jul 2021
इतवार की कविता: ...मैं यूपी का चेहरा हूं
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार: पत्रिका

...मैं यूपी का चेहरा हूं

 

ठहरा, सहमा, उजड़ा हूं

मैं यूपी का चेहरा हूं

 

डर-डर के अब जीता हूं

रजधानी में रहता हूं

 

सबसे ज़्यादा हाथ मेरे

फिर भी मैं क्यों पिछड़ा हूं

 

गंगा-जमुना दोनों हैं

फिर भी देखो प्यासा हूं

 

मंदिर में भी चैन नहीं

मस्जिद सा मैं ढहता हूं

 

सारे तीरथ धाम यहां

भटका भटका फिरता हूं

 

बस्ती बस्ती आग लगी

सच्ची-सच्ची कहता हूं

 

मैं  बेटी  हूं हथरस की 

मैं अख़लाक़ का बेटा हूं

 

शाम से पहले घर आना

बिटिया से ये  कहता  हूं

 

दिन में भी बचकर चलना

हां बच्चों...  मैं  डरता  हूं

 

मैं सुबोध, मैं  चंद्र शेखर

मैं  कफ़ील  के  जैसा  हूं

 

खेत में मैं ही खटता हूं

मैं सरहद पे मरता हूं

 

पढ़-लिख कर बेकार हुआ

दफ़्तर-दफ़्तर फिरता हूं

 

सच कहने पर जेल है अब

फिर भी मैं सच कहता हूं

 

यूपी-एमपी  फ़र्क़  नहीं

दिल्ली से भी लड़ता हूं

-    मुकुल सरल

* हथरस (हाथरस) यूपी के हाथरस में सितंबर, 2020 में एक दलित लड़की के साथ उसके गांव के ही दबंग लड़कों ने सामूहिक बलात्कार किया। इस दौरान उसे ऐसी चोटें पहुंचाईं गईं जिससे बाद में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। बाद में राज्य की पुलिस ने भी बेहद ख़राब रवैया अपनाया और रात के अंधेरे में ही शव को जला दिया, जिससे पूरे देश में इस घटना को लेकर रोष फ़ैल गया। इस मामले लेकर हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई की जांच की जा रही है और सीबीआई ने उन्हीं दबंग लड़कों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की है, जिन्हें बचाने की लगातार कोशिश की जा रही थी।

* अख़लाक़- दादरी के बिसाहड़ा गांव के अख़लाक़ की सन् 2015 में गौ-गुंडों ने हत्या कर दी थी।

* सुबोध- इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह, जिनकी बुलंदशहर में 2018 में गौ-गुंडों ने हत्या कर दी थी।

* चंद्रशेखर- चंद्रशेखर आज़ाद रावण, एक आंदोलनकारी, भीम आर्मी चीफ़

* कफ़ील- डॉ. कफ़ील ख़ान, जिन्हें गोरखपुर बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से मर रहे बच्चों को बचाने की सज़ा मिली!

Sunday Poem
Hindi poem
poem
UttarPradesh
UP ELections 2022
UP POLITICS
UP Government
Yogi Adityanath
ghazal

Related Stories

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

...हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

फ़ासीवादी व्यवस्था से टक्कर लेतीं  अजय सिंह की कविताएं

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License