NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे में मोदी सरकार को क्लीन चिट दी
सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया कि इस सौदे के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने की आवश्यकता है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक तीन सदस्यीय पीठ ने ये फैसला सुनाया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Nov 2019
rafale

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को गुरुवार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं।
 
न्यायालय ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं केा खारिज कर दिया। 14 दिसंबर के फैसले में कहा गया था कि 36 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने में निर्णय निर्धारण की प्रक्रिया पर संदेह करने की कोई बात नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया कि इस सौदे के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने की आवश्यकता है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं।’ पीठ में न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ भी शामिल थे।

आपको बता दें कि फ्रांस के साथ रफाल विमान सौदे को लेकर दिसंबर 2018 में दिए अपने ही फैसले के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल मई में सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित रख लिया था। अभियोजन पक्ष के वकील प्रशांत भूषण ने इस सौदे में सरकार पर तथ्यों को छुपाने के आरोप लगाए थे।

उन्होंने यह भी कहा था कि इस सौदे में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) समानांतर बातचीत में संलिप्त था और ऐसे में इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाकर आपराधिक जांच कराई जानी चाहिए।

वहीं, सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने तर्क दिया था कि रफाल लड़ाकू विमान किसी तरह के ‘श्रृंगार का सामान’ नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ विषय है। उनका कहना था कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को गुमराह करने के इरादे से उसके सामने चोरी किए गए दस्तावेज रखे हैं और ऐसे में इनसे पूछा जाना चाहिए कि ये कागजात उन्हें कहां से मिले।

गौरतलब है कि बीते साल विपक्षी दलों ने रफाल सौदे में सरकार पर भ्रष्टाचार करने संबंधी आरोप लगाए थे। उसके बाद मामला शीर्ष अदालत पहुंचा था. तब दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने 14 दिसंबर 2018 को फैसला सुनाते हुए इस सौदे में सरकार को क्लीन चिट दे दी थी।

दूसरी बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राफेल सौदे की जांच कराने की मांग संबंधी समीक्षा याचिका खारिज किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सत्य की जीत हुई है और यह मोदी सरकार की बड़ी जीत है।

भाजपा प्रवक्त सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, ‘सत्यमेव जयते । सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।’

भाजपा के संगठन मंत्री बी एल संतोष ने ट्वीट किया, ‘उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे के बारे में समीक्षा याचिका खारिज की और राहुल गांधी को भविष्य में सावधान रहने की नसीहत दी। यह मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की बड़ी जीत है।’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Supreme Court
Rafale deal
modi sarkar
clean chit
Justice Ranjan Gogoi
BJP
PMO

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: किसान और राजनीति, क्या दिल्ली की तरह फ़तह होगा यूपी का मोर्चा!
    12 Dec 2021
    एक साल से भी ज़्यादा समय बाद किसान दिल्ली का मोर्चा जीत कर घर लौट रहे हैं। और जिनका यूपी, पंजाब में घर है उनके सामने आने वाला चुनाव है...जिसमें उन्हें अपने हक़ में एक नई सरकार चुननी है। यूपी का किसान…
  • CBSE
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: प्रश्न पूछो, पर ज़रा ढंग से तो पूछो
    12 Dec 2021
    अभी ऐसे ही, बारहवीं कक्षा की परीक्षा में एक प्रश्न पूछ लिया गया कि किस सरकार के तहत सन् दो हजार दो में गुजरात में अप्रत्याशित स्तर पर मुस्लिम विरोधी हिंसा हुई थी। सरकार को अखर गया, माथा ठनक गया। इतना…
  • PM modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: अमृत महोत्सव, सांसदों को फटकार का नाटक और अन्य
    12 Dec 2021
    एक तरफ प्रधानमंत्री सांसदों को सदन में उपस्थिति रहने को कहते हैं दूसरी ओर उनकी पार्टी चुनाव वाले राज्यों के अपने करीब सौ सांसदों को निर्देश देती है कि वह सारे काम छोड़ कर अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों…
  • varanasi
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: बनारस में जिन गंगा घाटों पर गिरते हैं शहर भर के नाले, वहीं से होगी मोदी की इंट्री और एक्जिट
    12 Dec 2021
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को बनारस के जिन घाटों से गंगा में इंट्री और एक्जिट करेंगे, उनमें एक है खिड़किया घाट और दूसरा रविदास घाट। एक पर शाही नाले का बदबूदार पानी गंगा को गंदा कर रहा है,…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...
    12 Dec 2021
    भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े जनआंदोलन में किसानों ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है और अब किसान धीरे धीरे घर की तरफ़ जा रहे हैं। पढ़िये विहाग वैभव की किसानों पर यह नज़्म...
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License