NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तेलंगाना बलात्कार-हत्या: सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे 'एनकांउटर' की जांच
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है। पीठ कहा, 'हमारा विचार है कि एनकाउंटर की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Dec 2019
Supreme court
Image courtesy: Bitcoin News

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि तेलंगाना में पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह कहा। याचिकाओं में पिछले सप्ताह मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।

पीठ ने कहा, ‘हमारा मानना है कि तेलंगाना में पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’

पीठ में न्यायमूर्ति एसए नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि आपकी (तेलंगाना सरकार) कहानी के कई पहलू हैं, जिनकी जांच की आवश्यकता है।

तेलंगाना सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि किसी पुलिस कर्मी को गोली नहीं लगी है लेकिन वे आरोपियों द्वारा किए हमले में घायल हुए।

आपको बता दें कि पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस वीए एस सिरपुरकर की अगुवाई में तीन सदस्य वाले जांच आयोग का गठन किया है। एनकाउंटर की जांच के लिए बने आयोग का दफ्तर हैदराबाद में बनाया जाएगा। इस आयोग के सभी सदस्यों को सुरक्षा भी दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस तीन सदस्यीय जांच आयोग को छह महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। आयोग का पूरा खर्च तेलंगाना सरकार को उठाने का आदेश दिया गया है।

गौरतलब है कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच कराने के लिए शीर्ष अदालत में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। पहली याचिका अधिवक्ता जी एस मणि और प्रदीप कुमार यादव ने दायर की है जबकि दूसरी याचिका अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने दायर की है।

मणि और यादव की जनहित याचिका में दावा किया गया है कथित मुठभेड़ फर्जी है और इस घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दायर की जानी चाहिए।

तेलंगाना पुलिस ने शुक्रवार को कहा था कि ये आरोपी पुलिस के साथ हुई फायरिंग में मारे गए। यह घटना सवेरे करीब साढ़े छह बजे हुई जब जांच की प्रक्रिया के दौरान उन्हें वारदात की रीक्रिऐशन के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था।

इन चारों आरोपियों को हैदराबाद के पास एनएच 44 पर गोली मारी गई थी, जहां 27 वर्षीय महिला पशु चिकित्सक का जला हुआ शव मिला था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Hyderabad Rape Case
Hyderabad Encounter
Supreme Court
Encounter Investigation
रिटायर्ड जस्टिस वीए एस सिरपुरकर

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

2019 में हुआ हैदराबाद का एनकाउंटर और पुलिसिया ताक़त की मनमानी

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : कच्चे माल की बढ़ती क़ीमतों से प्लास्टिक उत्पादक इकाईयों को करना पड़ रहा है दिक़्क़तों का सामना
    02 May 2022
    गलाकाट प्रतियोगिता और कच्चे माल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी ने लघु औद्योगिक इकाईयों को बहुत ज़्यादा दबाव में डाल दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू
    02 May 2022
    पूरा देश इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। कोयले की प्रचुर मात्रा होने के बावजूद भी पावर प्लांट में कोयले की कमी बनी हुई है। इसे लेकर देश के कई इलाके में विरोध शुरू हो गए हैं।  
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!
    02 May 2022
    भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के हर नागरिक को समानता का दर्जा देता है। मगर हक़ीक़त यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित आवाम असमानताओं में जीने को विवश है। आज भी ऊंची जाति ने दलित समाज को सिर के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    "एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी
    02 May 2022
    एएलबीए मूवमेंट्स की तीसरी कंटिनेंटल असेंबली के दौरान संबद्ध मंचों ने एकता स्थापित करने और साम्राज्यवाद व पूंजीवाद के ख़िलाफ़ एक साथ लड़ने की अहमियत के बारे में चर्चा की।
  • राजु कुमार
    6 से 9 जून तक भोपाल में होगी 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस
    02 May 2022
    “भारत का विचार : वैज्ञानिक स्वभाव, आत्मनिर्भरता और विकास“ के साथ-साथ देश की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन एवं संवाद के लिए 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License