NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तबलीग़ी जमात के सदस्य के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाई
अदालत ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, “तथ्यों पर गौर फरमाने के बाद याचिकाकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत दायर आरोप पत्र से प्रथमदृष्टया कानून के अधिकार का दुरुपयोग प्रतीत होता है।”
भाषा
05 Dec 2020
तबलीग़ी जमात
फाइल फोटो

प्रयागराज: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले मऊ निवासी मोहम्मद साद के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले में कार्रवाई पर रोक लगा दी। साद ने तबलीगी जमात द्वारा इस साल मार्च में नई दिल्ली में आयोजित धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया था।

साद के खिलाफ आरोप है कि उसने तबलीगी जमात के धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया, लेकिन दिल्ली से लौटने के बाद खुद को पृथक-वास में नहीं रखा और जानबूझकर अपनी यात्रा की जानकारी छिपाई।

न्यायमूर्ति अजय भनोट ने मोहम्मद साद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को यह आदेश पारित किया। साद ने अपने खिलाफ दाखिल आरोप पत्र को चुनौती दी थी।

अदालत के समक्ष दलील दी गई कि पूर्व में घातक बीमारी फैलाने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 269 और 270 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया था। लेकिन इसके बाद इसे वापस लिया गया और “हत्या के प्रयास” के लिए आईपीसी की धारा 307 के तहत नया आरोप पत्र दाखिल किया गया।

अदालत ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, “तथ्यों पर गौर फरमाने के बाद याचिकाकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत दायर आरोप पत्र से प्रथमदृष्टया कानून के अधिकार का दुरुपयोग प्रतीत होता है।”

पीठ ने निर्देश दिया, “क्षेत्राधिकारी निजी हलफनामा दाखिल कर बताएं कि जांच के दौरान एकत्रित किए गए साक्ष्यों और तथ्यों से किस प्रकार से आईपीसी की धारा 307 लगाई गई। साथ ही वह आरोप पत्र में परिवर्तन के लिए दिए गए निर्देश को न्यायोचित ठहराएं।”

अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 15 दिसंबर निर्धारित की और साथ ही राज्य सरकार, मऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और संबद्ध पुलिस अधिकारी को इस मामले में अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

Tablighi Jamaat
Allahabad High Court

Related Stories

वर्ष 1991 फ़र्ज़ी मुठभेड़ : उच्च न्यायालय का पीएसी के 34 पूर्व सिपाहियों को ज़मानत देने से इंकार

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे पर लगी रोक की मियाद बढ़ाई

BHU : बनारस का शिवकुमार अब नहीं लौट पाएगा, लंका पुलिस ने कबूला कि वह तलाब में डूबकर मर गया

तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाओं को भी है गुज़ारा भत्ता पाने का अधिकार 

लखीमपुर मामला : आशीष मिश्रा को ज़मानत देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले को उच्चतम न्यायालय ने किया खारिज

लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मिली ज़मानत

यूपी चुनाव: ख़ुशी दुबे और ब्राह्मण, ओबीसी मतों को भुनाने की कोशिश

कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर चुनावी रैलियों पर रोक लगाए सरकार : इलाहाबाद उच्च न्यायालय

तिरछी नज़र: गाय जी से एक साक्षात्कार


बाकी खबरें

  • gauhati
    सबरंग इंडिया
    गुवाहाटी HC ने असम में बेदखली का सामना कर रहे 244 परिवारों को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
    20 Dec 2021
    इन परिवारों को 15 नवंबर को बेदखली का नोटिस दिया गया था; उनका कहना है कि उनके भूमिहीन पूर्वजों को राज्य सरकार द्वारा सेटलमेंट के लिए जमीन दी गई थी
  • inflation
    सुबोध वर्मा
    महंगे ईंधन से थोक की क़ीमतें बढ़ीं, कम मांग से कम हुई खुदरा क़ीमतें
    20 Dec 2021
    बाज़ार में इन दो प्रकार की क़ीमतों में यह विचित्र अंतर अर्थव्यवस्था की जर्जर स्थिति और लोगों की परेशानी को दर्शाता है।
  • Chunav Chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: यूपी चुनाव में छोटे दलों की भूमिका पर विशेष
    19 Dec 2021
    बड़ी पार्टियों की हर समय बात होती है, लेकिन छोटी पार्टियां...! इनका क्या? जबकि ये भी हर चुनाव में बड़ी भूमिका निभाती हैं। उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी इनकी अहम भूमिका रहने वाली है। सामाजिक और…
  •  What was the history of Aurangzeb
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या था औरंगज़ेब का इतिहास?
    19 Dec 2021
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस भाग में नीलांजन औरंगज़ेब के बारे में बात करते हैं इतिहासकार तनूजा से
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : "मैंने रिहर्सल की है ख़ुद को दुनियादार बनाने की..."
    19 Dec 2021
    इतवार की कविता में आज पढ़िये इमरान बदायूंनी की बेहद नए ज़ावियों पर लिखी यह ग़ज़ल...   वक़्त पे आँखें नम करने की, वक़्त पे हँसने गाने की
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License