NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने जाटों और पंजाब के लोगों पर की गई टिप्पणी के लिए मांगी माफ़ी
यह पहली बार नहीं है जब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने विवादित बयान दिया हो। इससे पहले भी देब कई बार विवादों में घिर चुके हैं।
भाषा
22 Jul 2020
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने जाटों और पंजाब के लोगों पर की गई टिप्पणी के लिए मांगी माफ़ी

अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने पंजाब के लोगों और जाटों की तुलना बंगाल के लोगों के साथ करने वाले अपने बयानों को लेकर माफी मांगी और कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाएं आहत करने का नहीं था।

देब यह कहकर फिर से विवादों में घिर गए हैं कि पंजाब और जाट समुदाय के लोग शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं, लेकिन वे कम बुद्धिमान होते हैं, जबकि बंगाल के लोग बुद्धिमान माने जाते हैं।

देब ने मंगलवार सुबह ट्वीट करके अपने बयान के लिए माफी मांगी और कहा कि उनके कई मित्र पंजाब के हैं और जाट हैं और उन्हें दोनों समुदाय के लोगों पर गर्व है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘देश के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबी और जाट समुदाय के योगदान को मैं सदैव नमन करता हूं और भारत को आगे बढ़ाने में इन दोनों समुदायों ने जो भूमिका निभाई है, उस पर प्रश्न खड़ा करने के बारे में मैं कभी कल्पना भी नहीं सकता हूं।’’

देब ने ट्वीट किया, ‘‘मेरे कई अभिन्न मित्र इसी समाज से आते हैं। अगर मेरे बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो उसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से क्षमा प्रार्थी हूं।’’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट किया, ‘‘अगरतला प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में मैंने अपने पंजाबी और जाट भाइयों के बारे में कुछ लोगों की सोच का जिक्र किया था। मेरी धारणा किसी भी समाज को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। मुझे पंजाबी और जाट दोनों ही समुदायों पर गर्व है। मैं खुद भी काफी समय तक इनके बीच रहा हूं।’’


भाजपा नेता ने यहां रविवार को अगरतला प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत में हर समुदाय अपनी किसी न किसी विशेषता के लिए जाना जाता है।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के इस बयान को ‘‘शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया है।

देब के बयान की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।

वीडियो में देब कह रहे हैं, ‘‘बंगाल या बंगाल के लोगों के लिए कहा जाता है कि बुद्धिमत्ता के मामले में किसी को उन्हें चुनौती नहीं देनी चाहिए। बंगाल के लोग बहुत बुद्धिमान होने के लिए जाने जाते हैं और यह उनकी पहचान है।’’

उन्होंने कहा था कि जबकि पंजाब के लोग और जाट समुदाय के लोग अपनी शारीरिक ताकत के लिए जाने जाते हैं।

देब ने कहा था, ‘‘हम जब पंजाब के लोगों के बारे में बात करते हैं, तो हम कहते हैं कि वह पंजाबी है, सरदार है। वे भले ही कम बुद्धिमान हों, लेकिन वे बहुत मजबूत होते हैं। उन्हें ताकत दिखाकर नहीं, बल्कि प्यार से जीता जा सकता है। हरियाणा में बड़ी संख्या में जाट रहते हैं। लोग जाटों के बारे में क्या कहते हैं? जाट कम बुद्धिमान होते हैं, लेकिन वे बहुत स्वस्थ होते हैं। यदि कोई व्यक्ति जाट को चुनौती देता है, तो वह अपने घर से बंदूक निकाल लाएगा।’’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने देब की निंदा करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब के ‘‘सिख भाइयों’’ और हरियाणा के जाट समुदाय का अपमान किया है।

सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘शर्मनाक एवं दुर्भाग्यपूर्ण! भाजपा के नेता एवं त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने पंजाब के सिख भाइयों एवं हरियाणा के जाट समाज को अपमानित कर उनका “दिमाग़ कम” बताया। यह भाजपा की ओछी मानसिकता है। (हरियाणा के मुख्यमंत्री) खट्टर जी और (हरियाणा के उपमुख्यमंत्री) दुष्यंत चौटाला चुप क्यों हैं? (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी और (भाजपा अध्यक्ष जे पी) नड्डा जी कहां हैं? माफी मांगें, कार्रवाही करें।’’

इससे पहले भी देब कई बार विवादों में घिर चुके हैं।

उन्होंने 2018 में कहा था कि महाभारत के समय में भी इंटरनेट और उपग्रह टीवी प्रसारण मौजूद था।

देब ने 1997 में डायना हेडन को ‘विश्व सुंदरी’ बनाए जाने पर भी सवाल उठाए थे।

उन्होंने पिछले साल दावा किया था कि मुगलों ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों को नष्ट करने के इरादे से उसकी कला और वास्तुकला पर ‘‘बम गिराए’’।

 

Tripura
people of Punjab
Haryana
biplab kumar deb
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • budget
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमीरों को अमृत, गरीबों को विष काल सौंप बजट में बजा झुनझुना
    01 Feb 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि किस तरह से बजट में नये जुमलों के साथ गरीबों, मध्यम वर्ग, नौजवानों, दलितों-आदिवासियों, किसानों और वंचित समुदाय को ठगा गया है। इस बारे में भारत सरकार…
  • mp farmer
    रूबी सरकार
    मध्य प्रदेश: अपनी बर्बादी का तमाशा देखने को मजबूर राजगढ़ के किसान
    01 Feb 2022
    मध्य प्रदेश सरकार 1375 करोड़ की एक वृहद सिंचाई परियोजना शुरू करने जा रही है। सरकार द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि यहां खेती के लिए भरपूर पानी नहीं है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यहां सिंचाई के लिए…
  • Union Budget
    भाषा
    आयातित वस्तुओं में हेडफोन, छाता, सोलर सेल होंगे महंगे; विशेष किस्म की सीप और हीरे सस्ते
    01 Feb 2022
    प्रस्तावित आयात शुल्क बढ़ोतरी के कारण हेडफोन, ईयरफोन, लाउडस्पीकर, स्मार्ट मीटर, कृत्रिम आभूषण, सौर सेल और सौर मॉड्यूल सहित कई वस्तुएं महंगी हो जाएंगी।
  • Union Budget
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूनियन बजट: किसका नफ़ा किसका नुकसान?
    01 Feb 2022
    आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट पेश किया है। इस ख़ास पेशकश में न्यूज़क्लिक के लिए ऑनिंद्यो बात कर रहे हैं अरुण कुमार, चिराश्री दासगुप्ता, परंजॉय गुहा ठाकुरता से बजट के मायने पर।
  • union budget
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    बजट 2022: शिक्षा, रेल, रक्षा क्षेत्र के लिए क्या है ख़ास, किसे क्या मिला
    01 Feb 2022
    वित्त मंत्री के मुताबिक भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6.9 प्रतिशत रह सकता है, जबकि पहले इसके 6.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License