NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने फांसी लगाई
मृत किसान के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और इसी से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाया।
भाषा
19 Jan 2021
आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने फांसी लगाई
प्रतीकात्मक तस्वीर I

फतेहपुर (उप्र): फतेहपुर जिले में ललौली थाना क्षेत्र के खटौली गांव में आर्थिक तंगी से परेशान एक किसान ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

ललौली थाना प्रभारी संदीप तिवारी ने बताया कि खटौली गांव में किसान कुलदीप तिवारी (35) ने सोमवार को अपने घर पर छत में लगे पंखे के हुक से रस्सी बांध फांसी लगा आत्महत्या कर ली।

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाया है। मृतक के भाई विपिन के हवाले से उन्होंने बताया कि कुलदीप के ऊपर बड़ौदा ग्रामीण बैंक का 70 हजार रुपये कर्ज था और उसने कर्ज लेकर खाद खरीदा था जिसका रविवार को फसल में छिड़काव किया।

मृत किसान के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और इसी से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाया।

पुलिस ने घटना की सूचना राजस्व अधिकारियों को दे दी है।

farmers suicide
UttarPradesh
economic crises
poverty
farmers crises
yogi government

Related Stories

योगी सरकार द्वारा ‘अपात्र लोगों’ को राशन कार्ड वापस करने के आदेश के बाद यूपी के ग्रामीण हिस्से में बढ़ी नाराज़गी

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

मनरेगा: ग्रामीण विकास मंत्रालय की उदासीनता का दंश झेलते मज़दूर, रुकी 4060 करोड़ की मज़दूरी

ब्लैक राइस की खेती से तबाह चंदौली के किसानों के ज़ख़्म पर बार-बार क्यों नमक छिड़क रहे मोदी?

ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद

यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित

बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!

यूपीः धान ख़रीद को लेकर किसानों से घमासान के बाद हड़ताल पर गए क्रय केंद्र प्रभारी

ग्राउंड रिपोर्ट: पूर्वांचल में खाद के लिए हाहाकार, योगी सरकार ने किसानों को फिर सड़कों पर ला दिया

ग्राउंड रिपोर्ट: पूर्वांचल में 'धान का कटोरा' कहलाने वाले इलाके में MSP से नीचे अपनी उपज बेचने को मजबूर किसान


बाकी खबरें

  • अस्पताल में भर्ती हुए कोविड-19 के आधे मरीज़ों में एक साल बाद भी लक्षण मौजूद : अध्ययन
    भाषा
    अस्पताल में भर्ती हुए कोविड-19 के आधे मरीज़ों में एक साल बाद भी लक्षण मौजूद : अध्ययन
    27 Aug 2021
    चीन के वुहान में 1,276 मरीजों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि तीन लोगों में से एक को 12 महीने बाद भी सांस लेने में दिक्कतें बनी हुई थी जबकि गंभीर रूप से बीमार कुछ मरीजों में फेफड़े से जुड़ी समस्याएं…
  • Calcutta University
    भाषा
    सराहनीय: कलकत्ता विश्वविद्यालय ने छात्रों की फ़ीस माफ़ की
    27 Aug 2021
    विश्वविद्यालय ने फ़ीस इस बात को ध्यान में रखते हुए माफ़ की है कि कोविड-19 महामारी के कारण परिवारों को वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    ये देश है वीर किसानों का, मज़दूरों का, जवानों का...
    27 Aug 2021
    दिल्ली की सीमाओं पर किसान आज भी पहले की तरह डटे हैं। 26 अगस्त को  आंदोलन को 9 महीने पूरे हो गए। न्यूज़क्लिक के अपने कार्टून स्तंभ ‘कार्टून क्लिक’ में कार्टूनिस्ट इरफ़ान किसानों के इस आंदोलन, उनके…
  • दिल्ली में कक्षा 9-12 के सरकारी एवं निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय एक सितम्बर से खुलेंगे
    भाषा
    दिल्ली में कक्षा 9-12 के सरकारी एवं निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय एक सितम्बर से खुलेंगे
    27 Aug 2021
    सिसोदिया ने कहा कि निचली कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने के बारे में निर्णय बड़ी कक्षाओं के लिए स्कूलों को फिर से खोलने के प्रभाव का विश्लेषण करने के बाद लिया जाएगा।
  • स्मृति ईरानी
    राज कुमार
    महिला सुरक्षा को लेकर जी-20 सम्मेलन में किए गए स्मृति ईरानी के दावे कितने सही?
    27 Aug 2021
    अंतरराष्ट्रीय मंच पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने उपलब्धियां बताईं लेकिन स्थिति नहीं बताई। आइए उनके दावों की पड़ताल करते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License