NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ की सदस्यता से हटने की प्रक्रिया शुरू की
डोनाल्ड ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ को चीन का पक्षपाती और COVID-19 महामारी के कुप्रबंधन करने का दोषी ठहराया है।

पीपल्स डिस्पैच
08 Jul 2020
Trump

डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने औपचारिक रूप से अमेरिकी कांग्रेस और संयुक्त राष्ट्र को मंगलवार 7 जुलाई को विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपनी सदस्यता वापस लेने के अपने फैसले के बारे में औपचारिक रूप से सूचना दे दी। सदस्यता वापस लेने की प्रक्रिया में एक वर्ष लगेगा और यदि यह फ़ैसला नहीं पलटा तो अगले वर्ष 6 जुलाई से अमेरिका को डब्ल्यूएचओ का सदस्य बनने से रोक दिया जाएगा।

इस ख़बर की जानकारी देते हुए डेमोक्रेट सीनेटर बॉब मेनेंडेज़ जो सीनेट की विदेश संबंध समिति के प्रमुख भी हैं, उन्होंने इस अधिसूचना के बारे में ट्वीट करते हुए कहा कि यह निर्णय इस संकट के समय "अमेरिका को रोगग्रस्त और अमेरिका को अकेला छोड़ता है"।

डोनाल्ड ट्रम्प ने मई महीने में डब्ल्यूएचओ पर चीन का पक्षपाती होने और COVID-19 महामारी के कुप्रबंधन का आरोप लगाया है और इसे अमेरिकी मदद को रोक देने की धमकी दी थी।

ट्रम्प ने अप्रैल में कहा था कि उन्होंने डब्लूएचओ द्वारा संकट के कथित कुप्रबंधन और इसके स्रोत के स्थान पर वायरस को रोकने के लिए समय पर कार्य करने में इसकी कथित विफलता की जांच का आदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि जांच कहीं भी 60 से 90 दिनों के बीच होगी और जब तक अमेरिका को इसके सवालों के जवाब नहीं मिल जाता है तब तक मदद को रोक दिया जाएगा।

COVID-19 की दोषपूर्ण जानकारी के लिए इसे दोषी ठहराते हुए 7 अप्रैल को एक ट्वीट में ट्रम्प ने कहा था कि “डब्ल्यूएचओ ने वास्तव में इसे आघात किया। संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बड़े पैमाने पर वित्तीय मदद की जाती है लेकिन फिर भी किसी भी कारण से काफी चीन-केंद्रित है। हम इसे अच्छी दिशा देंगे। सौभाग्य से, पहले मैंने चीन के लिए अपनी सीमाओं को खुला रखने की उनकी सलाह को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने हमें इतनी दोषपूर्ण सिफारिश क्यों दी?”

डब्ल्यूएचओ ने इस तरह के आरोपों से इनकार किया है। डब्ल्यूएचओ ट्रम्प प्रशासन द्वारा वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए उपायों की आलोचना करता रहा है। डब्ल्यूएचओ और चीन को फंसाने के ट्रम्प के प्रयास को देश में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपनी सरकार की विफलता के दोष को दूसरे पर मढ़ने के रूप में देखा जाता है। अमेरिका में COVID-19 के कारण संक्रमण और मौतों की संख्या दुनिया में सबसे ज़्यादा है। यहां 3 मिलियन से अधिक संक्रमण के मामलों के साथ 133,000 से अधिक मौत हो चुकी हैं।

फंडिंग के मामले में इस संस्था को सबसे बड़ा मदद करने वाला यूएस है जो उसके कुल वार्षिक बजट का 15% देता है। फंड की कमी वैश्विक स्तर पर संकट से निपटने के लिए न केवल डब्ल्यूएचओ की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करेगा बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के रूप में भी इसकी स्थिति को कमज़ोर करेगा।

United States of America
Coronavirus
COVID-19
Donald Trump
Tedros Adhanom Ghebreyesus
World Health Organization

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार में अड़चन डालती लॉस एंजेलिस पुलिस

जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए


बाकी खबरें

  • इमाद उल हसन
    नफ़रती सिनेमाई इतिहास की याद दिलाती कश्मीर फ़ाइल्स
    24 Mar 2022
    यह फ़िल्म मुसलमानों के ख़िलाफ़ मौजूदा रूढ़ धारणाओं को मज़बूती देने के लिए फिल्मों का इस्तेमाल करते हुए एक हालिया घटना को बड़ा बनाकर पेश करती है और और इसका इस्तेमाल देश को ज़्यादा सांप्रदायिक बनाने के…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: "मुख्यमंत्री के गृह जिले में दलित-अतिपिछड़ों पर पुलिस-सामंती अपराधियों का बर्बर हमला शर्मनाक"
    24 Mar 2022
    भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के हिलसा में अतिपिछड़ी जाति से आने वाले विरेश चंद्रवंशी की बर्बर किस्म से की गई हत्या, उसके बाद अतिपिछड़े व दलित समुदाय पर ही…
  • आमिर मलिक
    भगत सिंह झुग्गियाँ- वह स्वतंत्रता सेनानी जो सदा लड़ते रहे
    24 Mar 2022
    ब्रितानिया सल्तनत के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वाले, भगत सिंह झुग्गियाँ सदा लोगों के हक़ में आवाज़ उठाते रहे। इसी महीने आठ तारीख़ को उन्होंने अंतिम साँस ली। लेखक उनकी ज़िंदगी की कुछ झलकियाँ दिखा रहे हैं...
  • सबरंग इंडिया
    मौन कोई विकल्प नहीं है: पत्रकारों ने भारत के संवैधानिक संस्थानों की चुप्पी पर सवाल उठाया
    24 Mar 2022
    वरिष्ठ पत्रकारों ने हेट स्पीच और नरसंहार के खुले आह्वान के खिलाफ कार्रवाई की अपील की
  • प्रभात पटनायक
    वैश्वीकरण और पूंजी तथा श्रम का स्थान परिवर्तन
    24 Mar 2022
    वैश्वीकरण के वर्तमान दौर में, उत्तर के उन्नत पूंजीवादी देशों से, दक्षिण के कम मजदूरी वाले देशों की ओर, पूंजी के स्थानांतरण पर तो काफ़ी चर्चा हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License