NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ट्यूनीशिया के पत्रकार संघ ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी के पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस छापे की निंदा की
श्रमिक संघों के साथ देश के पत्रकारों के संघ ने सरकारी समाचार एजेंसी टीएपी के प्रमुख की राजनीतिक रूप से प्रेरित नियुक्ति के विरोध में 22 अप्रैल को आम हड़ताल करने का फैसला किया है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Apr 2021
ट्यूनीशिया के पत्रकार संघ ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी के पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस छापे की निंदा की

ट्यूनीशिया में ट्रेड यूनियनों और पत्रकारों के संगठनों ने ट्यूनीशियाई सुरक्षा बलों द्वारा सरकार के स्वामित्व वाली टुनिस एफ्रीक प्रेस न्यूज एजेंसी (टीएपी) के मुख्यालय पर हिंसक हमले और अधिक बल प्रयोग करने को लेकर निंदा की है।

ट्यूनीशियाई पुलिस ने कथित तौर पर सरकारी न्यूज एजेंसी के नवनियुक्त प्रमुख कमल बेन युनूस को कार्यालय में प्रवेश कराने के लिए मंगलवार 13 अप्रैल को टीएपी परिसर में छापा मारा। 6 अप्रैल को प्रधानमंत्री हिचमे मेचिची द्वारा इस पद पर नियुक्ति को लेकर देश भर में पत्रकार समुदाय के बीच बड़े पैमाने पर नाराजगी है।

पुलिस की छापेमारी की निंदा करते हुए कई अन्य राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों के साथ साथ ट्यूनीशियन जनरल लेबर यूनियन (यूजीटीटी) ने सरकार को नीतियों और कार्रवाइयों की याद दिलाते हुए "मीडिया को वश में करने" के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी है कि वे पूर्व राष्ट्रपति ज़ीने अल अबिदीन बेन अली के तानाशाही शासन के दौरान देश में मानक थे।

कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बेन युनूस ने क्रांति-पूर्व तानाशाही शासन के प्रचार को बढ़ावा देने और प्रचार करने के लिए सक्रिय रहे हैं। टीएपी के कई पत्रकारों के अनुसार विशेष रूप से ट्यूनीशियन लीग ऑफ ह्यूमन राइट्स (एलटीडीएच) की स्वतंत्रता को कमजोर करने का उनका प्रयास रहा। उन्होंने देश में महिलाओं के खिलाफ कई आक्रामक और गलत टिप्पणियां भी की हैं। बेन युनूस ने अपने खिलाफ इन सभी आरोपों से इनकार किया है जबकि पीएम मेचिची ने भी इनकी नियुक्ति को एक सख्त प्रशासनिक फैसला करार दिया है।

नियुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री का कहना कि ये प्रशासनिक फैसला है और बेन युनूस द्वारा खुद पर लगे आरोपों से इनकार करने और एक स्वतंत्र पत्रकार होने का दावा करने के बावजूद प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने विरोध कम नहीं किया और वे नियमित रूप से धरना पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करना जारी रखे हुए हैं। साल 1961 में टीएपी न्यूज एजेंसी की स्थापना के बाद से पत्रकारों के संगठन और देश के मजदूर संघों ने मिलकर 22 अप्रैल को आम हड़ताल करने की घोषणा की है।

Tunisia
Journalists
trade unions

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

अब ट्यूनीशिया के लोकतंत्र को कौन बचाएगा?

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए

बेशर्म नंगई पर उतरा तंत्र, नफ़रती एजेंटों की पौ-बारा

मध्य प्रदेश : बीजेपी विधायक के ख़िलाफ़ ख़बर दिखाई तो पुलिस ने पत्रकारों को थाने में नंगा खड़ा किया

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

केंद्रीय बजट-2022: मजदूर संगठनों ने कहा- ये कॉर्पोरेटों के लिए तोहफ़ा है

ट्यूनीशिया: पहली डिजिटल राजनीतिक सुझाव प्रक्रिया पर लोगों में मत-विभाजन

2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल


बाकी खबरें

  • बिहारः कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाकर चिकित्सा पदाधिकारी को बनाया बंधक
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाकर चिकित्सा पदाधिकारी को बनाया बंधक
    15 Dec 2021
    कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाते हुए कटिहार में वैक्सीनेशन महाअभियान के तहत टीकाकरण के लिए मनसाही के छोटी बथना गांव गए चिकित्सा पदाधिकारी को ग्रामीणों ने दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।
  • kisan@378
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन : पूरे 378 दिनों का ब्यौरा
    15 Dec 2021
    ‘378’... ये महज़ एक संख्या नहीं है, बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुज़ारी हैं, उसके बाद उन्हें एक ऐतिहासिक जीत मिली है।
  • Asha
    सरोजिनी बिष्ट
    एक बड़े आंदोलन की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशा बहनें, लखनऊ में हुआ हजारों का जुटान
    15 Dec 2021
    13 दिसंबर को "उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन" (सम्बद्ध एक्टू) के बैनर तले विभिन्न जिलों से आईं हजारों आशा बहनों ने लखनऊ के इको गार्डेन में हुंकार भरी।
  • Uttrakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: गढ़वाल मंडल विकास निगम को राज्य सरकार से मदद की आस
    15 Dec 2021
    “गढ़वाल मंडल विकास निगम का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड राज्य में पर्यटन की सम्भावनाएँ तलाशना, रोजगार के अवसर तलाशना और पलायन को रोकना है ना कि मुनाफा कमाना”
  • अमेरिका में नागरिक शिक्षा क़ानूनों से जुड़े सुधार को हम भारतीय कैसे देखें?
    शिरीष खरे
    अमेरिका में नागरिक शिक्षा क़ानूनों से जुड़े सुधार को हम भारतीय कैसे देखें?
    15 Dec 2021
    "यह सुनिश्चित करना अति महत्त्वपूर्ण है कि हम अपने बच्चों को पढ़ाएं कि वे कैसे ज़िम्मेदार नागरिक बन सकें।" अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने पिछले दिनों वहां के एक मिडिल स्कूल में यह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License