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सोशल मीडिया
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तुर्की की संसद ने नए सोशल मीडिया क़ानून को मंज़ूरी दी
इस महीने की शुरूआत में "अनैतिक सामग्री" को लेकर सोशल मीडिया साइटों को बंद करने की एर्दोगन की चेतावनी के बाद देश के इंटरनेट क़ानून में संशोधन हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
30 Jul 2020
सोशल मीडिया क़ानून को मंज़ूरी दी

तुर्की की संसद ने बुधवार 29 जुलाई को अपने इंटरनेट क़ानून में एक संशोधन किया जो सोशल मीडिया साइटों के लिए देश में क़ानूनी प्रतिनिधियों को नियुक्त करने और अदालत के सभी आदेशों को तुरंत लागू करने के लिए अनिवार्य बनाता है।

नए क़ानून के अनुसार विदेश में स्थित कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जिसके कम से कम एक मिलियन यूजर्स हैं उसको तुर्की में कम से कम एक प्रतिनिधि नियुक्त करना है जो तुर्की के नागरिक को प्राथमिकता देंगे। सोशल मीडिया साइटों जैसे फेसबुक, टिकटॉक और अन्य साइटों की सामग्री की अदालतों द्वारा जांच की जा सकती है और उनके आदेशों को लागू करने में विफल होने पर बड़े जुर्माना, विज्ञापन प्रतिबंध और बैंडविड्थ कटौती जैसे दंड लागू होंगे।

इस क़ानून को सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) और इसकी सहयोगी नेशलनलिस्ट मूवमेंट पार्टी (एमएचपी) द्वारा समर्थन किया गया था। हालांकि सरकार का तर्क है कि यह यूजर्स की रक्षा करने के लिए डेटा स्थानीयकरण सुनिश्चित करने और साइबर अपराधों से लड़ने का एक प्रयास है उधर एक्टिविस्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे ऑनलाइन सेंसरशिप के एक नए युग की शुरुआत के रूप में कहा है।

यूएन हाइ कमिशनर फॉर ह्यूमन राइट्स के प्रवक्ता ने कहा है कि ये क़ानून "देश को मीडिया के क्षेत्र को और भी अधिक नियंत्रण के लिए शक्तिशाली उपकरण देगा।"

हालांकि कुछ महीनों से इस संशोधन को लेकर चर्चा चल रही थी। राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी और नवजात नाती का अपमान करने के लिए सोशल मीडिया साइटों का इस्तेमाल किया गया जिसके बाद बुधवार को संसद में इसे जल्दी से लाया गया। जुलाई की शुरुआत में अपने पार्टी के सहयोगियों से बात करते हुए उन्होंने चेतावनी दी थी कि, “हमें जिस मुद्दे पर बात करने की ज़रूरत है वह यह है कि ये सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इस तरह की गंदगी के लिए कैसे बने। उन्हें अनुशासन में लाने की ज़रूरत है। इस तरह के प्लेटफॉर्म इस देश और हमारे नागरिकों के लिए उपयुक्त नहीं हैं।” उन्होंने बीते कल टीवी पर राष्ट्रीय संबोधन में इन आरोपों और चेतावनियों को दोहराया।

टर्किश फ्रिडम ऑफ एक्सप्रेशन एसोसिएशन के अनुसार, सामग्री को हटाने के लिए ट्विटर से आग्रह करने वाले देशों की सूची में तुर्की पहले से ही सबसे ऊपर है। अदालत के हज़ैरों आदेशों ने 400,000 से अधिक वेबसाइटों, 130,000 URL, 7,000 ट्विटर अकाउंट और 10,000 से अधिक यूट्यूब वीडियो पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस सरकार ने तीन साल के लिए विकिपीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया था और यह देश दुनिया भर में क़ैद पत्रकारों की संख्या के मामले में सबसे अधिक है।

Turkey
Turkish parliament
social media bill
Social Media

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