NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
तुर्की की संसद ने नए सोशल मीडिया क़ानून को मंज़ूरी दी
इस महीने की शुरूआत में "अनैतिक सामग्री" को लेकर सोशल मीडिया साइटों को बंद करने की एर्दोगन की चेतावनी के बाद देश के इंटरनेट क़ानून में संशोधन हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
30 Jul 2020
सोशल मीडिया क़ानून को मंज़ूरी दी

तुर्की की संसद ने बुधवार 29 जुलाई को अपने इंटरनेट क़ानून में एक संशोधन किया जो सोशल मीडिया साइटों के लिए देश में क़ानूनी प्रतिनिधियों को नियुक्त करने और अदालत के सभी आदेशों को तुरंत लागू करने के लिए अनिवार्य बनाता है।

नए क़ानून के अनुसार विदेश में स्थित कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जिसके कम से कम एक मिलियन यूजर्स हैं उसको तुर्की में कम से कम एक प्रतिनिधि नियुक्त करना है जो तुर्की के नागरिक को प्राथमिकता देंगे। सोशल मीडिया साइटों जैसे फेसबुक, टिकटॉक और अन्य साइटों की सामग्री की अदालतों द्वारा जांच की जा सकती है और उनके आदेशों को लागू करने में विफल होने पर बड़े जुर्माना, विज्ञापन प्रतिबंध और बैंडविड्थ कटौती जैसे दंड लागू होंगे।

इस क़ानून को सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) और इसकी सहयोगी नेशलनलिस्ट मूवमेंट पार्टी (एमएचपी) द्वारा समर्थन किया गया था। हालांकि सरकार का तर्क है कि यह यूजर्स की रक्षा करने के लिए डेटा स्थानीयकरण सुनिश्चित करने और साइबर अपराधों से लड़ने का एक प्रयास है उधर एक्टिविस्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे ऑनलाइन सेंसरशिप के एक नए युग की शुरुआत के रूप में कहा है।

यूएन हाइ कमिशनर फॉर ह्यूमन राइट्स के प्रवक्ता ने कहा है कि ये क़ानून "देश को मीडिया के क्षेत्र को और भी अधिक नियंत्रण के लिए शक्तिशाली उपकरण देगा।"

हालांकि कुछ महीनों से इस संशोधन को लेकर चर्चा चल रही थी। राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी और नवजात नाती का अपमान करने के लिए सोशल मीडिया साइटों का इस्तेमाल किया गया जिसके बाद बुधवार को संसद में इसे जल्दी से लाया गया। जुलाई की शुरुआत में अपने पार्टी के सहयोगियों से बात करते हुए उन्होंने चेतावनी दी थी कि, “हमें जिस मुद्दे पर बात करने की ज़रूरत है वह यह है कि ये सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इस तरह की गंदगी के लिए कैसे बने। उन्हें अनुशासन में लाने की ज़रूरत है। इस तरह के प्लेटफॉर्म इस देश और हमारे नागरिकों के लिए उपयुक्त नहीं हैं।” उन्होंने बीते कल टीवी पर राष्ट्रीय संबोधन में इन आरोपों और चेतावनियों को दोहराया।

टर्किश फ्रिडम ऑफ एक्सप्रेशन एसोसिएशन के अनुसार, सामग्री को हटाने के लिए ट्विटर से आग्रह करने वाले देशों की सूची में तुर्की पहले से ही सबसे ऊपर है। अदालत के हज़ैरों आदेशों ने 400,000 से अधिक वेबसाइटों, 130,000 URL, 7,000 ट्विटर अकाउंट और 10,000 से अधिक यूट्यूब वीडियो पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस सरकार ने तीन साल के लिए विकिपीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया था और यह देश दुनिया भर में क़ैद पत्रकारों की संख्या के मामले में सबसे अधिक है।

Turkey
Turkish parliament
social media bill
Social Media

Related Stories

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!

छत्तीसगढ़ की वीडियो की सच्चाई और पितृसत्ता की अश्लील हंसी

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

कैसे बना सोशल मीडिया राजनीति का अभिन्न अंग?

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

महामारी की दूसरी लहर राष्ट्रीय संकट, इंटरनेट पर मदद मांगने पर रोक न लगाई जाए : उच्चतम न्यायालय

फेसबुक ने घंटो तक बाधित रखा मोदी के इस्तीफे संबंधी हैशटैग, बाद में कहा गलती से हुआ बाधित

कपूर, लौंग, अजवाइन और नीलगिरी तेल ऑक्सीजन लेवल नहीं बढ़ाते, केन्द्रीय मंत्री ने शेयर किया ग़लत दावा


बाकी खबरें

  • Uttarakhand elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखण्ड चुनाव: दस साल पहले प्रस्तावित सैनिक स्कूल का इंतज़ार जारी
    12 Feb 2022
    शुक्रवार 11 फरवरी को प्रधानमंत्री ने उत्तरखंड के अल्मोड़ा जिले में एक चुनावी रैली की जिसमे उन्होंने राज्य में नए सैनिक स्कूल बनाने पर जोर दिया। मोदी ने कहा" हमारे देश में बहुत कम संख्या में सैनिक…
  • pension
    मनजीत सिंह पटेल
    एनपीएस की जगह, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग क्यों कर रहे हैं सरकारी कर्मचारी? 
    12 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनावों में भी, एनपीएस की चिंता प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक है, समाजवादी पार्टी (सपा) के अखिलेश यादव ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की थी कि अगर उनकी पार्टी…
  • Punjab
    भाषा
    पंजाब चुनाव में 25 फीसदी उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला : रिपोर्ट
    12 Feb 2022
    एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) से संबद्ध पंजाब इलेक्शन वाच (पीईडब्ल्यू) ने 20 फरवरी को होने वाले चुनाव में कुल 1,304 उम्मीदवारों में से 1,276 उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण…
  • Modi
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे-ठाले: न होता यूं तो क्या होता!
    12 Feb 2022
    अपने राज में जो हुआ है, उस पर सवालों के जवाब के देने के लिए, मोदी जी ने जब से यह सवाल उठाने का रास्ता अपनाया है कि विरोधी नहीं होते तो क्या-क्या होता, नहीं होता, तब से विश्व गुरु कुर्सी ने खुद दौड़कर…
  • Protest
    ऋषि राज आनंद
    बार-बार धरने-प्रदर्शन के बावजूद उपेक्षा का शिकार SSC GD के उम्मीदवार
    12 Feb 2022
    एसएससी जीडी के तहत 60,000 की संख्या में रिक्तियों की घोषणा के बावजूद 30% पद ख़ाली हैं। लेकिन सरकार उन्हें भरने के लिए कदम उठाती नज़र नहीं आ रही।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License